बेंगलुरु में एक कॉफी कैफे का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. यहां एक ग्राहक को उसके नाम से नहीं, बल्कि उसके शरीर और कपड़ों के आधार पर पहचानने की कोशिश की गई. ग्राहक के बिल पर नाम की जगह 'Little Fat Black Shirt' लिख दिया गया. बिल देखने के बाद ग्राहक हैरान रह गया और उसने इस घटना को सोशल मीडिया पर शेयर किया. मामला बढ़ने के बाद कैफे ने माफी मांगते हुए माना कि ऐसा व्यवहार गलत और दुख पहुंचाने वाला था.यह मामला बेंगलुरु के 'Subko The Craftery' कैफे का बताया जा रहा है. ग्राहक ने वहां खाना-पीना ऑर्डर किया और बिल मिलने के बाद जब उसने रसीद देखी तो उसमें उसके नाम की जगह 'Little Fat Black Shirt' लिखा था.
यानी ग्राहक को पहचानने के लिए उसके नाम का इस्तेमाल करने के बजाय उसके शरीर और कपड़ों का जिक्र किया गया. ग्राहक ने सोशल मीडिया पर बिल की तस्वीर और घटना के बारे में जानकारी साझा करते हुए सवाल उठाया कि किसी ग्राहक के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता है.कस्टमर के मुताबिक, किसी व्यक्ति को उसके शरीर के आकार या वजन के आधार पर पहचानना उसे असहज और अपमानित महसूस करा सकता है. खासकर तब, जब ऐसी बात किसी आधिकारिक बिल पर लिखी जाए.उसने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ग्राहक को पहचानने के लिए उसका नाम, टेबल नंबर या ऑर्डर नंबर इस्तेमाल किया जा सकता था. लेकिन उसके शरीर को लेकर टिप्पणी करना ठीक नहीं था. इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने कस्टमर का समर्थन किया और कैफे के व्यवहार पर सवाल उठाए.

सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी नाराजगी जताई. कई यूजर्स ने कहा कि किसी व्यक्ति के वजन या शरीर को लेकर टिप्पणी करना मजाक नहीं माना जा सकता. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर किसी महिला के साथ ऐसा किया जाता तो शायद इस मामले पर और ज्यादा चर्चा होती. यूजर्स ने इस बात पर जोर दिया कि बॉडी शेमिंग किसी भी व्यक्ति के साथ हो, गलत ही है. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी दावा किया कि उन्होंने या उनके परिचितों ने पहले भी कैफे में इसी तरह की अजीब पहचान से जुड़ी घटनाएं देखी हैं. हालांकि, इन अतिरिक्त दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
कैफे ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद कॉफी स्टोर ने मामले पर माफी मांगी. कैफे ने माना कि ग्राहक के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना गलत था. कैफे की ओर से कहा गया कि यह व्यवहार काफी बुरा था और बॉडी शेमिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती. कंपनी ने घटना पर खेद जताया और कहा कि ग्राहकों के साथ सम्मानजनक और बेहतर व्यवहार किया जाना चाहिए. यह घटना एक छोटी सी रसीद से शुरू हुई, लेकिन इसने ग्राहक सेवा से जुड़े एक बड़े सवाल को सामने ला दिया है. किसी दुकान, रेस्टोरेंट या कैफे में ग्राहक की पहचान करना कर्मचारियों की जरूरत हो सकती है, लेकिन इसके लिए किसी के शरीर, वजन, रंग या कपड़ों को लेकर टिप्पणी करना जरूरी नहीं है.

आज के समय में जब लोग अपनी शारीरिक बनावट को लेकर पहले ही कई तरह की टिप्पणियों का सामना करते हैं, ऐसे में सार्वजनिक रूप से किसी व्यक्ति को उसके शरीर के आधार पर पहचानना उसे शर्मिंदा कर सकता है. इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि कंपनियों और कैफे को अपने कर्मचारियों को ग्राहक से बात करने और उनकी पहचान दर्ज करने के बारे में कितनी सावधानी बरतनी चाहिए. एक छोटी सी टिप्पणी भी ग्राहक के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है. कॉफी स्टोर के मामले में विवाद बढ़ने के बाद माफी जरूर मांगी गई, लेकिन इस घटना ने एक बात साफ कर दी है कि ग्राहक सेवा में कॉफी और खाने के साथ सम्मान भी उतना ही जरूरी है.