टीवी एक्ट्रेस स्नेहा वाघ की जिंदगी ने अब एक अलग ही मोड़ ले लिया है. कभी मुंबई की टीवी इंडस्ट्री में एक्टिव रहने वाली स्नेहा अब अपना काफी समय वृंदावन, मथुरा के छटिकारा और मुंबई के बीच बिताती हैं. दो असफल शादियों के बाद उनकी जिंदगी में अध्यात्म की एंट्री हुई और अब भगवान कृष्ण उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं.
हाल ही में अपने शो ‘महादेव एंड सन्स’ के प्रमोशन के लिए लखनऊ पहुंचीं स्नेहा ने अपनी निजी जिंदगी और आध्यात्मिक सफर पर खुलकर बात की. स्नेहा ने बताया कि एक दौर ऐसा आया जब उनका लोगों पर से भरोसा उठने लगा था. उन्हें लगता था कि हर इंसान किसी न किसी तरह अपने मतलब के लिए काम करता है.
इसी दौरान उन्होंने अध्यात्म की ओर रुख किया. स्नेहा के मुताबिक, भगवान से जुड़ने के बाद उन्हें एक ऐसा सुकून मिला, जिसकी उन्हें लंबे समय से तलाश थी. यही वजह है कि आज उनकी जिंदगी मुंबई की ग्लैमर भरी दुनिया से ज्यादा वृंदावन की शांति के करीब है.
स्नेहा की वृंदावन यात्रा भी बेहद दिलचस्प तरीके से शुरू हुई. उन्हें एक मंदिर की तरफ से बुलावा आया था, लेकिन शुरुआत में उन्हें शक हुआ कि कहीं यह कोई स्कैम तो नहीं है. लेकिन वृंदावन पहुंचने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई.
स्नेहा ने बताया कि वहां सिर्फ तीन दिन रहने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि शायद वह मुंबई में रहने के लिए बनी ही नहीं हैं. भगवान कृष्ण से जुड़कर उन्हें जो शांति मिली, वह उनके लिए बेहद खास थी. स्नेहा के मुताबिक, उन्हें अध्यात्म में वही बिना शर्त प्यार मिला, जिसकी उन्हें तलाश थी. कृष्ण में आस्था ने उन्हें अंदर से इतना मजबूत कर दिया कि अब उन्हें अपनी खुशी के लिए किसी दूसरे इंसान पर निर्भर रहने की जरूरत महसूस नहीं होती.
उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल उन्हें किसी जीवित इंसान के साथ पारंपरिक रिश्ते की जरूरत महसूस नहीं होती, क्योंकि भगवान कृष्ण ने उनके दिल की हर कमी पूरी कर दी है. वह कहती हैं कि अभी वह खुद के साथ बेहद खुश और संतुष्ट हैं.
दो असफल शादियों के बाद क्या स्नेहा ने शादी से हमेशा के लिए तौबा कर ली है? इसका जवाब एक्ट्रेस ने पूरी तरह ‘नहीं’ में नहीं दिया. स्नेहा का कहना है कि उन्होंने शादी का दरवाजा बंद नहीं किया है, लेकिन उसके सामने एक सीमा जरूर बना दी है. फिलहाल शादी उनकी जिंदगी का फोकस नहीं है.
एक्ट्रेस के मुताबिक, जब इंसान किसी चीज को लेकर ज्यादा फोकस नहीं करता, तो जिंदगी कभी-कभी खुद रास्ता दिखा देती है. इसलिए वह भविष्य को लेकर कोई फैसला सुनाने के मूड में नहीं हैं.
स्नेहा वाघ ने अपने एक्टिंग करियर को लेकर भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने काम शुरू किया था, उस समय आज की तरह एक्टिंग स्कूल और कोचिंग का चलन नहीं था. उन्हें बोलना तो आता था, लेकिन कैमरे के सामने अभिनय कैसे करना है, यह उन्होंने काम करते-करते सीखा. ‘ज्योति’ और ‘एक वीर की अरदास...वीरा’ जैसे शोज ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई.