ऑफिस में काम के टारगेट पूरे करने पर बोनस या प्रमोशन मिलना तो आम बात है. कई कंपनियां कर्मचारियों को जिम की सुविधा, हेल्थ चेकअप या टीम आउटिंग जैसे फायदे भी देती हैं. लेकिन अगर कोई कंपनी आपसे कहे कि दो महीने तक लगातार एक्सरसाइज करो, रोज अपने बॉस को जिम का वीडियो भेजो और इसके बदले आपको प्राडा और शेनेल जैसे ब्रांड के ब्रांडेड गिफ्ट मिलेंगे, तो शायद आप भी हैरान रह जाएंगे.
ऐसा ही एक अनोखा ऑफिस कल्चर एक भारतीय महिला ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. दक्षिण कोरिया में काम कर रहीं मानसी अरोड़ा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में बताया कि वहां उनकी कंपनी कर्मचारियों को फिट रहने के लिए एक खास तरह का फिटनेस चैलेंज देती है. इसमें दो महीने तक नियमित एक्सरसाइज करनी होती है और अपने वर्कआउट का सबूत भी देना पड़ता है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि चैलेंज पूरा करने के बाद कंपनी की तरफ से लग्जरी फैशन ब्रांड के गिफ्ट दिए जाते हैं.
दो महीने एक्सरसाइज, फिर ब्रांडेड गिफ्ट
मानसी ने अपने वीडियो में बताया कि दक्षिण कोरिया में जॉब शुरू करने के बाद उन्हें ऑफिस के इस अनोखे नियम के बारे में पता चला. कंपनी कर्मचारियों को दो महीने के फिटनेस चैलेंज में हिस्सा लेने का मौका देती है.
इस चैलेंज में कर्मचारी को करीब दो महीने तक लगातार वर्कआउट करना होता है. सिर्फ जिम जाने का दावा करना काफी नहीं है. उन्हें अपनी एक्सरसाइज का रिकॉर्ड भी रखना होता है.
इसके लिए कर्मचारी अपने टीम लीडर या मैनेजर को वर्कआउट की जानकारी देते हैं. साथ ही उन्हें अपनी एक्सरसाइज के फोटो या वीडियो भी भेजने होते हैं, ताकि यह साबित हो सके कि वे वास्तव में नियमित रूप से वर्कआउट कर रहे हैं. चैलेंज पूरा होने के बाद कंपनी कर्मचारी को एक खास गिफ्ट देती है.
गिफ्ट ऐसा कि सुनकर आप भी चौंक जाएं
अब आती है इस पूरे ऑफिस कल्चर की सबसे दिलचस्प बात. मानसी के मुताबिक, फिटनेस चैलेंज पूरा करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाला इनाम कोई सामान्य कॉर्पोरेट गिफ्ट नहीं है. कंपनी की तरफ से गुची, शनेल और प्राडा जैसे लग्जरी फैशन ब्रांड्स के गिफ्ट दिए जाते हैं.
यानी दो महीने तक एक्सरसाइज करो, अपने वर्कआउट का सबूत दो और फिर बदले में लग्जरी ब्रांड का गिफ्ट पाओ. मानसी के लिए भी यह काफी अलग अनुभव था. उन्होंने बताया कि इस तरह का इनाम मिलने की उम्मीद ने उन्हें नियमित रूप से एक्सरसाइज शुरू करने के लिए अतिरिक्त मोटिवेशन दिया.
'ऐसा भारत में भी होना चाहिए'
वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर प्रतिक्रिया दी. कई लोगों को यह आइडिया इतना पसंद आया कि उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधा भारत के ऑफिस में भी होनी चाहिए. एक यूजर ने लिखा - काश भारत में भी ऐसा होता. वहीं एक दूसरे यूजर ने मजाक में लिखा कि ऐसी कंपनी में नौकरी पाने के लिए तो उसे कोरिया जाना पड़ेगा.
एक अन्य यूजर ने भारत के ऑफिस कल्चर पर तंज कसते हुए कहा कि यहां वर्कआउट, परिवार के लिए समय और पर्सनल टाइम जैसी चीजें कई बार सिर्फ कागज पर रह जाती हैं. ऑफिस में 'हम एक परिवार हैं' कहकर कर्मचारियों से जरूरत पड़ने पर कभी भी काम करने की उम्मीद की जाती है.