इंटरनेट पर विसर्जन जुलूस में हेडफोन लगाकर नाच रहे लोगों के वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं. सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो पोस्ट करते हुए इसके साथ ही साइलेंट डीजे भी इसमें टैग किया जा रहा है. यानी विसर्जन जुलूस में हेडफोन पहनकर नाच रही भीड़ लाउडस्पीकर और डीजे की बजाय साइलेंट डीजे का इस्तेमाल कर रही है. इस पूरे सिस्टम को साइलेंट डीजे या डिस्को भी कहा जाता है.
यानी विसर्जन जुलूस में लोग तेज म्यूजिक तो सुन रहे हैं. लेकिन अपने कान में हेडफोन लगाकर. इससे सिर्फ विसर्जन में शामिल लोगों को ही भजन या गाने की आवाज सुनाई देती है और आसपास शोर नहीं होता है. सेलिब्रेशन का यह नया तरीका लोगों को खूब भा रहा है.
साइलेंट डीजे या डिस्को पार्टी का एक मॉर्डन तरीका है. इसमें बिना किसी लाउडस्पीकर के लोग वायरलेस हेडफोन पहनकर संगीत की धुन पर नाचते हैं. इसमें पारंपरिक बड़े स्पीकरों का इस्तेमाल करने के बजाय, संगीत को एक विशेष रेडियो ट्रांसमीटर के माध्यम से ब्रॉडकास्ट किया जाता है. इसे पार्टी या जुलूस में शामिल लोग अपने वायरलेस हेडफ़ोन पर सुनते हैं.
जिस तरह से डीजे के तेज म्यूजिक पर लोग डांस करते हैं और झूमते दिखाई. Gen-Z का यह साइलेंट डीजे काफी पॉपुलर हो रहा है. यह साइलेंट डीजे का सिस्टम किराये पर भी खूब मिलता है. इसमें एक रेडियो ट्रांसमीटर का इस्तेमाल किया जाता है. यह डीजे के म्यूजिक सिस्टम से जुड़ा रहता है.
इन साइलेंट डीजे में कई तरह की सुविधाएं होती हैं. सभी हेडफोन में एक से अधिक चैनल होते हैं. एक साथ सभी चैनलों पर अलग- अलग गाने बजते रहते हैं. कौन शख्स क्या गाना सुन रहा है, वो उसके हेडफोन पर जल रहे चैनल की लाइट से पता चल जाता है. ऐसे में भीड़ में एक ही तरह का गाना सुन रहे लोग उस पर एक साथ डांस या मस्ती कर सकते हैं.
इस साइलेंट डिस्को के कई फायदे हैं. एक तो सिर्फ इसका इस्तेमाल करने वाले लोग ही गाना सुन पाते हैं और बगल वाले को कोई परेशानी नहीं होती है. अगर किसी बिल्डिंग या फ्लैट में दोस्त इन हाउस पार्टी कर रहे हैं तो सोसाइटी में लाउड म्यूजिक से होने वाली शोर- शराबे जैसी समस्या दूसरों को नहीं होती है.