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टीवी पर क्राइम की खबरें सुनाती थीं सारा खलीफा, अब क्यों मिली मौत की सजा?

मिस्र की मशहूर टीवी एंकर सारा खलीफा इन दिनों ड्रग्स से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में सुर्खियों में हैं. काहिरा की अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. आइये जानते हैं पूरा मामला क्या है.

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मौत की सजा सुनते ही फूट-फूट कर रोने लगी सारा (Photo:Insta/@sara_khaliifa)
मौत की सजा सुनते ही फूट-फूट कर रोने लगी सारा (Photo:Insta/@sara_khaliifa)

मिस्र की टीवी दुनिया की जानी-पहचानी चेहरा सारा खलीफा इन दिनों एक बेहद गंभीर आपराधिक मामले की वजह से चर्चा में हैं. काहिरा की एक अदालत ने उन्हें और 11 अन्य आरोपियों को ड्रग्स के निर्माण और तस्करी से जुड़े मामले में मौत की सजा सुनाई है. हालांकि, यह फैसला अंतिम नहीं है और इसके खिलाफ अपील का रास्ता खुला है.

इस पूरे मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि सारा खलीफा एक टीवी प्रस्तोता और मीडिया हस्ती के तौर पर लोकप्रिय रही हैं. वहीं, जांच में 750 किलोग्राम से ज्यादा सिंथेटिक ड्रग्स और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिलने का दावा किया गया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, दो फ्लैटों का इस्तेमाल कथित तौर पर ड्रग्स तैयार करने के लिए किया जा रहा था.

दो फ्लैटों में चल रही थी ड्रग्स की तैयारी

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इस मामले में 28 लोगों का एक संगठित नेटवर्क था. आरोप है कि इस नेटवर्क में अलग-अलग लोगों को अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं. कुछ लोग विदेशों से ड्रग्स बनाने के लिए जरूरी कच्चा माल लाते थे, जबकि कुछ पर इसके निर्माण, भंडारण और सप्लाई से जुड़े होने का आरोप लगाया गया.

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जांच के दौरान 750 किलोग्राम से ज्यादा सिंथेटिक ड्रग्स और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद किए जाने की बात सामने आई. अधिकारियों के अनुसार, दो रिहायशी फ्लैटों का कथित तौर पर प्रयोग ड्रग्स तैयार करने की जगह के रूप में किया जा रहा था.

28 आरोपी, 12 को मौत की सजा

इस मामले में कुल 28 आरोपी हैं. काहिरा की अदालत ने सारा खलीफा समेत 12 आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है. वहीं, नौ आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी गई. सात आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया, जबकि दो अन्य आरोपी फरार बताए गए हैं.

अभियोजन पक्ष ने आरोपियों पर सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण और तस्करी के अलावा बिना लाइसेंस हथियार और गोला-बारूद रखने के आरोप भी लगाए थे.

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कौन हैं सारा खलीफा?

39 वर्षीय सारा खलीफा मिस्र में टीवी प्रस्तोता और मीडिया हस्ती के तौर पर जानी जाती हैं. वह ‘मिशन इम्पॉसिबल’ नाम के एक कार्यक्रम से जुड़ी रही हैं. इस कार्यक्रम में सुरक्षा और अपराध से जुड़े मामलों पर चर्चा की जाती थी.

टीवी के अलावा सारा खलीफा का कॉस्मेटिक सर्जरी क्लिनिक और कार्यक्रमों से जुड़ा कारोबार भी बताया जाता है. सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी मौजूदगी है. उनके इंस्टाग्राम खाते पर करीब 25 लाख फॉलोअर्स बताए गए हैं.

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अप्रैल 2025 में हुई थी गिरफ्तारी

सारा खलीफा को अप्रैल 2025 में काहिरा में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उनके और 27 अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच आगे बढ़ी. अभियोजन पक्ष ने अदालत में 20 गवाहों के बयान पेश किए. इसके अलावा बातचीत, तस्वीरों और वीडियो समेत डिजिटल और तकनीकी सबूत भी मामले का हिस्सा बनाए गए.

सारा खलीफा ने आरोपों से किया इनकार

सारा खलीफा ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने अदालत में खुद को निर्दोष बताया. सुनवाई के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि उन्होंने ड्रग्स को पहली बार तब देखा, जब मादक पदार्थ विरोधी अधिकारियों के कार्यालय में उनके साथ तस्वीर ली गई.

सजा सुनाए जाने के दौरान भी उन्होंने अपनी बेगुनाही का दावा किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी सिगरेट तक नहीं पी और वह निर्दोष हैं.

मौत की सजा के बाद अब क्या होगा?

मिस्र में मौत की सजा वाले मामलों में अदालत द्वारा देश के ग्रैंड मुफ्ती की राय लेना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. हालांकि, यह राय अदालत के लिए बाध्यकारी नहीं होती.

सारा खलीफा के मामले में भी ग्रैंड मुफ्ती की राय ली गई, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुनाया. हालांकि, मौत की सजा सुनाए जाने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें तुरंत फांसी दे दी जाएगी. आरोपियों के पास फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है.

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सारा खलीफा और मौत की सजा पाए अन्य आरोपी मिस्र की सर्वोच्च अपीलीय अदालत, कोर्ट ऑफ कैसेशन, का रुख कर सकते हैं. इसलिए इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अहम होगी.

एक दूसरे मामले में भी पांच साल की सजा

सारा खलीफा और कुछ अन्य आरोपियों को एक अलग मामले में एक युवक के अपहरण और उसके साथ मारपीट से जुड़े आरोपों में भी पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है.

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