सोचिए, कोई आपसे कहे कि सोना खरीदकर जंगल में रख दीजिए, वहां आपका सोना सुरक्षित रहेगा और उसकी कीमत बढ़ने पर आपको अच्छा मुनाफा मिलेगा. आप शायद ऐसी बात पर भरोसा नहीं करेंगे, लेकिन नॉर्वे में कुछ लोग इसी तरह के झांसे में आकर अपना पैसा गंवा चुके हैं. ठगों ने लोगों को पहले सोना खरीदने के लिए मनाया और फिर उसे जंगल या किसी सुनसान जगह पर छोड़ने को कहा. लोगों ने जब उनकी बात मान ली, तो उनका सोना गायब हो गया. अब इस अजीबोगरीब ठगी को लेकर वहां के बैंक लोगों को सावधान कर रहे हैं.
कैसे काम करता है सोने की ठगी का यह तरीका?
आमतौर पर ठगी करने वाले लोग फोन करके या किसी दूसरे तरीके से लोगों से संपर्क करते हैं. वे खुद को सोने का कारोबार करने वाली कंपनी से जुड़ा हुआ बता सकते हैं. इसके बाद वे लोगों को सोने में निवेश करने की सलाह देते हैं. वे दावा करते हैं कि सोने की कीमत बढ़ने पर उन्हें अच्छा मुनाफा होगा. इस तरह की बातों पर भरोसा करके कुछ लोग बड़ी रकम खर्च कर सोना खरीद लेते हैं. इसके बाद ठगी का असली खेल शुरू होता है. लोगों से कहा जाता है कि उनका सोना लेने के लिए एक व्यक्ति या डिलीवरी करने वाला आएगा. लेकिन बाद में उन्हें बताया जाता है कि वह व्यक्ति किसी वजह से नहीं आ सकता.
इसके बदले लोगों को सोना जंगल, पार्क या सड़क किनारे किसी सुनसान जगह पर रख देने के लिए कहा जाता है. उन्हें भरोसा दिलाया जाता है कि वहां से सोना उठा लिया जाएगा और सुरक्षित जगह पर रख दिया जाएगा. लेकिन असल में ऐसा कुछ नहीं होता. लोग जैसे ही सोना वहां छोड़कर चले जाते हैं, ठग उसे उठा लेते हैं. इस तरह लोगों के हाथ से उनका सोना भी चला जाता है और निवेश के नाम पर खर्च किया गया पैसा भी डूब जाता है.
नॉर्वे के किन इलाकों में सामने आए मामले?
नॉर्वे में इस तरह की ठगी के मामले 2026 के वसंत यानी मार्च से मई के बीच सामने आने शुरू हुए. इसके बाद राजधानी ओस्लो और उसके आसपास के शहरों के अलावा पश्चिमी तट पर बसे बर्गेन में भी ऐसे मामले दर्ज किए गए. नॉर्वे की वित्तीय सेवा इंडस्ट्री से जुड़ी संस्था फिनांस नॉर्गे (Finans Norge) ने इस ठगी को लेकर लोगों को आगाह किया है. संस्था के मुताबिक, इस तरह के मामलों में खासतौर पर बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है. हालांकि, ठगी के कुल मामलों और पीड़ितों के नुकसान की पूरी रकम सार्वजनिक नहीं की गई है.
नॉर्वे में ठगी से कितना नुकसान हुआ?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्वे में आर्थिक ठगी के मामले लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं. साल 2025 में ठगी के कारण नॉर्वे के बैंकों और उनके ग्राहकों को कुल 96.2 करोड़ नॉर्वेजियन क्रोनर (करीब 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का नुकसान हुआ. हालांकि, बैंकों ने समय रहते कार्रवाई करके ठगी के जरिए होने वाले 3.5 अरब नॉर्वेजियन क्रोनर से ज्यादा के नुकसान को रोक भी लिया. इससे पता चलता है कि ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं.
बैंकों ने लोगों को क्या सलाह दी?
इस तरह की ठगी को रोकने के लिए नॉर्वे के बैंक और फिनांस नॉर्गे मिलकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं. इसका मकसद लोगों को ठगी के नए तरीकों के बारे में बताना और उन्हें सतर्क करना है. संस्था ने लोगों को सलाह दी है कि अगर कोई अनजान व्यक्ति फोन करके सोना या कोई दूसरी कीमती चीज खरीदने और उसमें निवेश करने के लिए कहता है, तो उसकी बातों पर तुरंत भरोसा न करें. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना सोना, पैसे या दूसरी कीमती चीजें उसे न सौंपें. इसी तरह किसी सुनसान जगह पर कीमती सामान छोड़ने से भी बचें.
इस मामले से सबसे बड़ी सीख यही मिलती है कि निवेश के नाम पर कोई भी असामान्य शर्त रखी जाए, तो सावधान हो जाना चाहिए. सोने की कीमत बढ़ने की उम्मीद में लोग अपनी मेहनत की कमाई लगा देते हैं, लेकिन मुनाफे का लालच दिखाने वाले ठग इसी भरोसे का फायदा उठाते हैं. इसलिए किसी भी निवेश से पहले उसकी पूरी जानकारी लेना और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका पैसा या कीमती सामान सुरक्षित है.