सोचिए एक ऐसी इमारत जो सिर्फ 5 दिन में एक-एक मंजिल चढ़ती जा रही है और जल्द ही दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का ताज बुर्ज खलीफा से छीन लेगी. सऊदी अरब के जेद्दा शहर में बन रहा जेद्दा टॉवर अब सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, और इसकी वजह है इसकी हैरान करने वाली रफ्तार.
कितना बड़ा है ये प्रोजेक्ट?
जेद्दाह टॉवर की प्लानिंग है कि यह करीब 1,000 मीटर यानी 1 किलोमीटर ऊंची होगी मतलब मौजूदा सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा (828 मीटर) से भी करीब 180 मीटर ज्यादा ऊंची. अगर आसान भाषा में समझें, तो यह दिल्ली के कुतुब मीनार से करीब 13 गुना ऊंची है.
5 दिन में एक मंजिल-कैसे मुमकिन है ये रफ्तार?
सितंबर 2026 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक टॉवर अब तक 113वीं मंजिल और 454 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच चुका है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निर्माण टीम औसतन हर 5 दिन में एक नई मंजिल पूरी कर रही है . यानी एक हफ्ते से भी कम समय में एक पूरी मंजिल तैयार!
इसके पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि सटीक प्लानिंग है. कंक्रीट डालना, सरिया लगाना और भारी मशीनरी को सैकड़ों मीटर ऊपर पहुंचाना.यह सब एक तय समय-चक्र में होता है. भारी क्षमता वाली क्रेनें इस पूरे प्रोजेक्ट की रीढ़ हैं, जो निर्माण सामग्री को आसमान की ऊंचाई तक ले जाती हैं.
कुछ महीनों में ही 100 से 113 मंजिल तक पहुंच गई इमारत
अप्रैल 2026 में टॉवर ने 100 मंजिल और 400 मीटर का आंकड़ा पार किया था. उसके बाद सिर्फ 4-5 महीनों में ही यह 113वीं मंजिल तक पहुंच गया यानी रफ्तार लगातार तेज हो रही है. साइट पर इस वक्त करीब 5,200 मजदूर दिन-रात काम कर रहे हैं.
कब तक पूरा होगा ये सपना?
कंपनी का दावा है कि 2028 तक जेद्दाह टॉवर पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा. जब यह बनकर तैयार होगा, तो यह न सिर्फ दुनिया की सबसे ऊंची इमारत होगी, बल्कि इंसानी इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी मिसाल भी बन जाएगी.