अगर आपने 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' देखी है, तो स्पेन के मशहूर ला टोमाटीना फेस्टिवल का वह रंग-बिरंगा सीन शायद आज भी याद होगा. फिल्म में हजारों लोग एक-दूसरे पर टमाटर फेंकते हुए मस्ती करते नजर आए थे. यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में भारतीय इस फेस्टिवल को अपनी ट्रैवल बकेट लिस्ट में शामिल करते हैं.
लेकिन हाल ही में स्पेन के बुन्योल में आयोजित इस फेस्टिवल में शामिल हुई भारतीय कंटेंट क्रिएटर अनाली गुप्ता ने ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. उनका कहना है कि फिल्म में जो दिखाया गया, असलियत उससे काफी अलग है.
'फिल्म जैसा कोई मोमेंट नहीं मिला'
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में अनाली ने कहा, "मैं अभी टोमैटो फेस्टिवल से वापस आ रही हूं. आपको लगता होगा कि मैंने जिंदगी ना मिलेगी दोबारा जैसा मजेदार अनुभव किया होगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ."
उन्होंने बताया कि वहां पहुंचने के बाद उन्हें सबसे बड़ा झटका टमाटरों की हालत देखकर लगा. उनके मुताबिक, फेस्टिवल में इस्तेमाल होने वाले कई टमाटर जरूरत से ज्यादा पके हुए या सड़े हुए थे, जिनसे तेज बदबू आ रही थी.
देखें वीडियो
'मेरे आसपास लोग उल्टियां कर रहे थे'
अनाली ने बताया कि बदबू इतनी ज्यादा थी कि उन्हें खुद उल्टी आने जैसा महसूस होने लगा. उन्होंने कहा कि उनके आसपास मौजूद कई लड़कियां लगातार उल्टियां कर रही थीं.
उनके मुताबिक, फेस्टिवल में इतनी भीड़ होती है कि ठीक से चलना भी मुश्किल हो जाता है. अगर कोई मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने की कोशिश करता है, तो कई लोग उसी को निशाना बनाकर टमाटर फेंकने लगते हैं.
फिल्म देखकर पहुंचे कई भारतीय रह गए हैरान
अनाली ने दावा किया कि वहां उन्हें कई भारतीय पर्यटक मिले, जो सिर्फ जिंदगी ना मिलेगी दोबारा देखकर इस फेस्टिवल में पहुंचे थे. लेकिन जब उन्होंने वहां की भीड़, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी देखी, तो उनमें से कई लोग खुलकर हिस्सा लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाए.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फेस्टिवल खत्म होने के बाद सड़कों पर फैले टमाटरों का नजारा उन्हें काफी अलग और दिलचस्प लगा. कुचले हुए टमाटर सड़कों पर किसी लाल प्यूरी या केचप जैसे दिखाई दे रहे थे.
'मैं मना नहीं कर रही, लेकिन सही उम्मीदें रखें'
अपने पोस्ट के कैप्शन में अनाली ने लिखा कि ला टोमाटीना उनके जीवन के सबसे कठिन अनुभवों में से एक रहा. उन्होंने कहा कि उनका मकसद लोगों को फेस्टिवल में जाने से रोकना नहीं है, बल्कि उन्हें पहले से वास्तविक स्थिति के बारे में बताना है.
उन्होंने लिखा कि अगर कोई सिर्फ फिल्म जैसा खूबसूरत और रोमांटिक अनुभव सोचकर स्पेन जा रहा है, तो उसे निराशा हो सकती है. इसलिए वहां जाने से पहले मानसिक रूप से तैयार रहना और सही उम्मीदों के साथ जाना जरूरी है.
लोगों ने क्या कहा?
अनाली का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कई यूजर्स ने कहा कि उन्होंने फेस्टिवल की असली तस्वीर दिखाई है और लोगों को पहले से इसकी जानकारी होनी चाहिए.
वहीं, कुछ लोगों ने अनाली की बात से असहमति जताई. उनका कहना था कि उनका ला टोमाटीना का अनुभव काफी शानदार रहा और उन्हें फिल्म जैसा ही माहौल देखने को मिला. कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि सही तैयारी, सही जगह और सही समय होने पर यह फेस्टिवल बेहद यादगार बन सकता है.
क्या है ला टोमाटीना फेस्टिवल?
ला टोमाटीना दुनिया के सबसे मशहूर फूड फेस्टिवल्स में से एक है. यह हर साल स्पेन के बुन्योल शहर में आयोजित होता है, जहां हजारों लोग एक-दूसरे पर टमाटर फेंककर जश्न मनाते हैं. दुनियाभर से पर्यटक इसमें हिस्सा लेने पहुंचते हैं और बॉलीवुड फिल्म 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' के बाद भारतीय पर्यटकों के बीच इसकी लोकप्रियता कई गुना बढ़ गई.