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3.5 लाख रुपये महीना की कमाई, फिर भी 18 हजार के ड्राइवर को लेकर कन्फ्यूज, पूछा- रखूं या खुद चलाऊं कार?

33 साल के एक डॉक्टर की महीने की कमाई करीब 3.5 लाख रुपये है. वह रोज करीब 60 किलोमीटर कार चलाकर दो अस्पतालों के बीच सफर करते हैं. अब उन्होंने 18 हजार रुपये महीने के ड्राइवर को रखने को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों से सलाह मांगी है.

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3.5 लाख कमाने वाले डॉक्टर की ऐसी दुविधा! ( Photo: ITG)
3.5 लाख कमाने वाले डॉक्टर की ऐसी दुविधा! ( Photo: ITG)

अच्छी कमाई होने के बावजूद पैसे खर्च करने को लेकर हर किसी की सोच एक जैसी नहीं होती. कोई अपनी सुविधा के लिए तुरंत खर्च कर देता है, तो कोई अच्छी कमाई के बाद भी हर खर्च को कई बार सोचकर करता है. अब एक 33 साल के डॉक्टर का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है. डॉक्टर हर महीने करीब 3.5 लाख रुपये कमाते हैं, लेकिन वह 18 हजार रुपये महीने की सैलरी पर ड्राइवर रखने को लेकर उलझन में हैं. डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर लोगों से पूछा कि उन्हें ड्राइवर रख लेना चाहिए या फिर पैसे बचाने के लिए खुद ही गाड़ी चलाते रहना चाहिए. उनकी इस दुविधा पर इंटरनेट यूजर्स ने भी खूब जवाब दिए.

दो अस्पतालों में करते हैं काम
डॉक्टर ने बताया कि वह दो अलग-अलग अस्पतालों में काम करते हैं. दोनों अस्पतालों के बीच करीब 25 किलोमीटर का अंतर है. काम के कारण उन्हें रोज कार से करीब 60 किलोमीटर तक सफर करना पड़ता है. इतना लंबा सफर पहले से व्यस्त शेड्यूल के बीच उनके लिए परेशानी बन गया है. ट्रैफिक में गाड़ी चलाने और पार्किंग की समस्या से वह काफी थक जाते हैं. डॉक्टर ने बताया कि रोज गाड़ी चलाने के बाद उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से काफी थकान महसूस होती है. 

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18 हजार के ड्राइवर को लेकर असमंजस
डॉक्टर की असली उलझन पैसे को लेकर है. उनका कहना है कि ड्राइवर रखने पर करीब 18 हजार रुपये महीने, यानी सालाना लगभग 2.5 लाख रुपये खर्च होंगे. डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर सवाल पूछा कि क्या उन्हें अपनी मानसिक थकान कम करने के लिए ड्राइवर रख लेना चाहिए या फिर पैसे बचाने के लिए खुद ही गाड़ी चलानी चाहिए. उन्होंने अपनी स्थिति बताते हुए पूछा कि क्या ड्राइवर रखने से उनका मानसिक बोझ कम होगा और वह अपने काम पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे, या फिर उन्हें खर्च कम रखने के लिए खुद गाड़ी चलाते रहना चाहिए. 

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लोगों ने कहा- ड्राइवर रख लो
डॉक्टर के इस सवाल पर सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें ड्राइवर रखने की सलाह दी. कई लोगों ने कहा कि जब डॉक्टर रोज 60 किलोमीटर गाड़ी चला रहे हैं और काम की वजह से पहले ही थक जाते हैं, तो ड्राइवर पर खर्च करना उनके लिए सुविधा के साथ-साथ समय बचाने का भी तरीका हो सकता है. एक यूजर ने इसे डॉक्टर के लिए सबसे समझदारी वाले फैसलों में से एक बताया. वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि ड्राइवर रखने से उनकी जिंदगी की क्वालिटी बेहतर हो सकती है. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि 18 हजार रुपये की सैलरी कम लग रही है, इसलिए अच्छे और भरोसेमंद ड्राइवर के लिए इससे ज्यादा रकम भी देनी पड़ सकती है.

लोगों ने थकान और ड्राइविंग को लेकर भी समझाया
कुछ यूजर्स ने डॉक्टर को यह भी समझाने की कोशिश की कि लगातार थकान के बाद खुद गाड़ी चलाना परेशानी बढ़ा सकता है. अगर कोई व्यक्ति लंबे काम के बाद थका हुआ हो और फिर ट्रैफिक में गाड़ी चलाए, तो उसका ध्यान प्रभावित हो सकता है. एक यूजर ने इसी वजह से डॉक्टर को ड्राइवर रखने की सलाह दी. दूसरे यूजर ने डॉक्टर के समय और मानसिक ऊर्जा को पैसे से जोड़ते हुए कहा कि अगर ड्राइवर रखने से वह सफर के दौरान आराम कर सकते हैं या अपने काम से जुड़ी चीजों पर ध्यान दे सकते हैं, तो यह खर्च उनके लिए उपयोगी हो सकता है. 

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सवाल सिर्फ 18 हजार का नहीं
इस पूरी चर्चा में दिलचस्प बात यह है कि डॉक्टर की कमाई और ड्राइवर की सैलरी के बीच काफी अंतर है. डॉक्टर करीब 3.5 लाख रुपये महीने कमाते हैं, जबकि ड्राइवर की प्रस्तावित सैलरी करीब 18 हजार रुपये महीना है. फिर भी डॉक्टर ने इसे सिर्फ खर्च की तरह नहीं देखा. वह यह सोच रहे हैं कि क्या ड्राइवर पर हर महीने 18 हजार रुपये खर्च करके वह अपनी थकान और रोज के सफर का तनाव कम कर सकते हैं.

सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के बाद लोगों के बीच भी बहस शुरू हो गई कि ज्यादा कमाई का मतलब यह नहीं कि हर सुविधा पर बिना सोचे खर्च किया जाए. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि अगर कोई खर्च आपका समय, ऊर्जा और मानसिक परेशानी बचाता है, तो उसे सिर्फ खर्च के तौर पर नहीं देखना चाहिए. 

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