आप समुद्र के किनारे टहल रहे हैं. चारों तरफ दूर-दूर तक फैली रेत है. देखने में सब कुछ बिल्कुल शांत और खूबसूरत लगता है. लेकिन अचानक आपके पैर ऐसी मिट्टी में धंस जाएं, जहां से निकलना मुश्किल हो जाए. इससे पहले कि आप संभलें, समुद्र का पानी तेजी से आपकी तरफ बढ़ने लगे. चारों ओर एक जैसी रेत होने की वजह से रास्ता भी समझ न आए.
ब्रिटेन में ऐसी ही जगहें हैं, जहां खूबसूरत नजारा देखते ही देखते जानलेवा बन सकता है. यहां समुद्र का पानी इतनी तेजी से लौटता है कि इंसान उसके सामने दौड़ भी नहीं सकता. कहीं पैर दलदल में फंस सकता है तो कहीं क्विकसैंड यानी दलदली रेत आपको नीचे खींच सकती है.
इन खतरनाक जगहों में द ब्रूमवे और मोरेकैम्बे बे खास तौर पर चर्चा में रहते हैं. दोनों जगहों पर जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है.
समुद्र के बीच से गुजरता है रास्ता
ब्रिटेन के एसेक्स तट पर रिवर क्राउच और रिवर टेम्स के बीच एक ऐसा रास्ता है, जिसे देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल होता है कि यह कोई पैदल रास्ता भी हो सकता है. इसका नाम है द ब्रूमवे.
यह रास्ता वेकेरिंग स्टेयर्स से शुरू होता है और सीधे समुद्र की तरफ चला जाता है. कुछ दूरी तक पानी से घिरे इलाके में जाने के बाद यह करीब तीन मील तक समुद्र के बीच से चलता है और फिर फाउलनेस नाम के दलदली द्वीप के किनारे जाकर निकलता है. यानी जिस जगह को देखकर आपको सिर्फ समुद्र और रेत नजर आती है, वहां कभी इंसानों के आने-जाने का बाकायदा रास्ता हुआ करता था. इसी वजह से इसे ब्रिटेन के सबसे खतरनाक पैदल रास्तों में गिना जाता है.
यहां 100 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा
ब्रूमवे की सबसे डरावनी बात इसका इतिहास है. कहा जाता है कि सदियों के दौरान इस रास्ते ने 100 से ज्यादा लोगों की जान ली. इनमें से 66 लोगों को फाउलनेस के छोटे से चर्चयार्ड में दफनाया गया, जबकि कई शव कभी बरामद ही नहीं हो सके.
यही वजह है कि पुराने दौर के अखबारों ने इसे एक डरावना नामभी दे दिया था. इसे डूमवे भी कहते थे. लेकिन इस रास्ते पर खतरा सिर्फ समुद्र के पानी का नहीं है.
रेत देखकर धोखा मत खाना
जब समुद्र का पानी पीछे जाता है तो यहां कई किलोमीटर तक फैली सख्त रेत दिखाई देती है. यह रेत इतनी मजबूत हो सकती है कि उस पर इंसान आसानी से चल सके. मुश्किल तब शुरू होती है जब ज्वार यानी हाई टाइड वापस आती है.
यहां समुद्र का पानी बहुत तेजी से वापस आता है. हालात ऐसे हो सकते हैं कि पानी की रफ्तार इंसान की दौड़ने की रफ्तार से भी ज्यादा हो जाए. मतलब अगर कोई व्यक्ति गलत समय पर रास्ते में फंस गया, तो उसके पास सुरक्षित जगह पहुंचने के लिए बहुत कम समय बचता है.
और सबसे बड़ी परेशानी यह है कि चारों तरफ एक जैसी रेत दिखाई देती है. धुंध, बारिश या कोहरे में रास्ता पहचानना बेहद मुश्किल हो सकता है.
कहीं मिट्टी पकड़ लेती है पांव, कहीं निगल जाती है दलदली रेत
ब्रूमवे पर हर जगह जमीन एक जैसी नहीं है. कुछ हिस्से सख्त रेत वाले हैं, लेकिन कुछ जगहों पर ऐसी गीली मिट्टी और दलदल मिल सकता है, जिसमें पैर फंस जाए. कहीं-कहीं क्विकसैंड यानी दलदली रेत भी खतरा पैदा कर सकती है.
ऐसे में एक गलत कदम इंसान को ऐसी स्थिति में पहुंचा सकता है, जहां खुद बाहर निकलना आसान नहीं होता. यही कारण है कि साफ मौसम में यह जगह किसी बड़े समुद्र तट जैसी खूबसूरत लग सकती है, लेकिन मौसम बिगड़ते ही इसका पूरा रूप बदल जाता है.
400 झाड़ू से मिला था ब्रूमवे नाम
इस रास्ते का नाम भी काफी दिलचस्प है. पुराने समय में यहां करीब 400 झाड़ू रास्ते के दोनों तरफ लगाई जाती थीं. इनके बीच सुरक्षित रास्ता होता था, जहां सख्त रेत पर चला जा सकता था.
इन झाड़ुओं को करीब 30 से 60 गज की दूरी पर लगाया जाता था. इनका मकसद लोगों को सही रास्ता दिखाना था. आज वहां वैसा नजारा नहीं है, लेकिन नाम 'ब्रूमवे' रह गया. 1932 तक फाउलनेस द्वीप तक पहुंचने के लिए यह रास्ता बेहद महत्वपूर्ण था. तब जमीन के रास्ते वहां पहुंचना आसान नहीं था और नाव के अलावा यही प्रमुख रास्ता था.
पूरा द्वीप आज भी आम जगह नहीं है
फाउलनेस कोई सामान्य पर्यटन स्थल भी नहीं है. पहले विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इस द्वीप को खरीद लिया था. इसके बाद से यहां सैन्य गतिविधियां होती रही हैं और समुद्र की तरफ फायरिंग टेस्ट भी किए जाते हैं. यानी जिस रास्ते पर कभी स्थानीय लोग आवाजाही करते थे, वह आज एक बेहद संवेदनशील और खतरनाक इलाके से जुड़ा हुआ है.
मोरेकैम्बे बे भी कम खतरनाक नहीं
ब्रिटेन की दूसरी बेहद खतरनाक जगहों में मोरेकैम्बे बे का नाम भी लिया जाता है. यह एक विशाल रेतीली खाड़ी है, जो करीब 310 वर्ग किलोमीटर में फैली है. यह ब्रिटेन की दूसरी सबसे बड़ी खाड़ी है.
दूर तक फैली रेत को देखकर यहां आने वाले लोग अक्सर हैरान रह जाते हैं. चारों तरफ इतना बड़ा खुला इलाका दिखाई देता है कि समुद्र और जमीन की सीमा तक समझना मुश्किल हो सकता है. लेकिन यही खूबसूरती इसके खतरे को छिपा देती है.
ज्वार आते ही बदल जाती है पूरी तस्वीर
मोरेकैम्बे बे में रेत और कीचड़ का बहुत बड़ा इलाका है. यहां कई जगह पानी की गहराई का अंदाजा सिर्फ देखकर लगाना मुश्किल होता है. सबसे बड़ा खतरा है, ज्वार और क्विकसैंड. जब पानी वापस आता है तो कुछ इलाके तेजी से पानी में बदल सकते हैं. जिस जगह कुछ देर पहले लोग चल रहे थे, वहां कुछ समय बाद समुद्र का पानी हो सकता है.
अगर कोई व्यक्ति ज्वार के समय गलत जगह फंस गया तो वापस निकलना मुश्किल हो सकता है. इसीलिए यहां क्रॉस-बे वॉक करने वालों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
9 मील का सफर, लेकिन गलती की गुंजाइश नहीं
मोरेकैम्बे बे में अर्नसाइड से केंट्स बैंक तक करीब 9 मील का क्रॉस-बे वॉक मशहूर है. सामान्य परिस्थितियों में इसे पूरा करने में तीन घंटे से ज्यादा समय लग सकता है. लेकिन यह कोई सामान्य समुद्र किनारे की सैर नहीं है. यहां रास्ता, ज्वार और मौसम—तीनों का हिसाब रखना पड़ता है. जरा सा समय गलत हुआ और वही खुला रेतीला मैदान अचानक पानी से भर सकता है.
मोरेकैम्बे बे का इलाका समुद्री जीव-जंतुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यहां बड़ी मात्रा में कीड़े, छोटे क्रस्टेशियन और शेलफिश मिलते हैं, जिन्हें खाने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पक्षी यहां आते हैं.
खाड़ी के आसपास नमक वाले दलदली इलाके हैं. लेकिन इंसानों के लिए यही दलदली और रेतीले इलाके खतरा पैदा कर सकते हैं. ऊपर से जमीन सामान्य दिखाई दे सकती है, लेकिन नीचे की मिट्टी नरम हो सकती है. पैर धंसने पर संतुलन बिगड़ सकता है और निकलना मुश्किल हो सकता है.
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ब्रूमवे हो या मोरेकैम्बे बे, दोनों जगहों की एक बात समान है. यहां खतरा हमेशा दिखाई नहीं देता. कहीं जमीन मजबूत दिखती है लेकिन नीचे दलदल हो सकता है. कहीं रास्ता साफ नजर आता है लेकिन कुछ देर बाद ज्वार उसे पानी में बदल सकता है. धुंध या कोहरे में तो दिशा पहचानना भी मुश्किल हो जाता है.