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वीकडे भी हो सकते हैं खास! बेंगलुरु की महिला ने बताया जीने का नया तरीका

बेंगलुरु की एक महिला का मॉर्निंग रूटीन सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है. दोपहर 12 बजे नौकरी शुरू होने से पहले वह फोन स्क्रॉल करने के बजाय नाश्ता, कॉफी और किताब लेकर झील किनारे पहुंच जाती हैं. उनका मानना है कि वीकडेज का मतलब सिर्फ काम नहीं, बल्कि खुद के लिए वक्त निकालना भी होना चाहिए.

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इंस्टाग्राम यूजर दिव्या मोसेस ने वीडियो शेयर किया (Photo:Insta/@divya_mosez)
इंस्टाग्राम यूजर दिव्या मोसेस ने वीडियो शेयर किया (Photo:Insta/@divya_mosez)

नौकरीपेशा लोगों के लिए हफ्ते के पांच दिन अक्सर एक जैसे ही गुजरते हैं. सुबह उठो, मोबाइल चेक करो, तैयार हो और फिर ऑफिस के काम में लग जाओ. देखते ही देखते पूरा दिन काम में निकल जाता है और अपने लिए वक्त ही नहीं बचता. लेकिन बेंगलुरु की एक महिला ने अपनी सुबह की ऐसी झलक दिखाई है, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर लोग अपने Morning Routine के बारे में सोचने लगे हैं.

इंस्टाग्राम यूजर दिव्या मोसेस ने एक वीडियो शेयर कर दिखाया कि उनकी नौकरी भले ही वर्किंग डे का हिस्सा है, लेकिन वह अपने पूरे दिन को सिर्फ काम तक सीमित नहीं रखना चाहतीं. उनकी ऑफिस शिफ्ट दोपहर 12 बजे शुरू होती है. ऐसे में उन्होंने सुबह का वक्त मोबाइल स्क्रॉल करते हुए बिताने के बजाय खुद के लिए निकालने का फैसला किया.

12 बजे नौकरी, उससे पहले जिंदगी

दिव्या ने अपनी पोस्ट में बताया कि वह पिछले कुछ समय से खुद को याद दिलाने की कोशिश कर रही हैं कि वीकडेज का मतलब सिर्फ काम नहीं होना चाहिए.

उनका काम दोपहर 12 बजे शुरू होता है. इसलिए सुबह उठकर फोन पर घंटों स्क्रॉल करने के बजाय वह अपना नाश्ता पैक करती हैं, कॉफी बनाती हैं और साथ में एक किताब लेकर घर से निकल जाती हैं.

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इसके बाद वह बेंगलुरु में एक झील के किनारे पहुंचती हैं और वहां कुछ घंटे सुकून से बिताती हैं. प्रकृति के बीच बैठकर नाश्ता करना, कॉफी पीना और किताब पढ़ना उनकी सुबह का हिस्सा बन गया है. इन सबके बाद वह वापस अपने काम की दुनिया में लौटती हैं और ऑफिस के लिए लॉग इन करती हैं.

वीकेंड या छुट्टी का इंतजार क्यों?

दिव्या के लिए यह रूटीन नौकरी से ब्रेक लेने के बारे में नहीं है. उनकी कोशिश काम शुरू होने से पहले अपनी जिंदगी के लिए थोड़ा वक्त निकालने की है.

उन्होंने पोस्ट में लिखा कि इसके लिए न तो किसी वेकेशन की जरूरत है और न ही वीकेंड का इंतजार करने की. बस एक छोटा सा फैसला करना है कि काम के लिए लॉग इन करने से पहले दिन का कुछ हिस्सा खुद के नाम भी रखा जाए.

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उनका कहना है कि वर्किंग डे पर भी ऐसा कुछ किया जा सकता है, जो सिर्फ आपके लिए हो. दिव्या ने अपनी पोस्ट के आखिर में उम्मीद जताई कि इस तरह वीकडेज को थोड़ा हल्का और बेहतर बनाया जा सकता है.

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देखें वीडियो

 

वीडियो में क्या दिखा?

वायरल वीडियो की शुरुआत एक मैसेज से होती है, जिसमें लिखा है कि दोपहर 12 बजे की नौकरी में लॉग इन करने से पहले उनकी जिंदगी कैसी होती है. साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि वीकडेज को सिर्फ वर्क डेज बनाने की जरूरत नहीं है.

इसके बाद दिव्या को बेंगलुरु के हरियाली से घिरे इलाके में घूमते देखा जा सकता है. वह कॉफी और घर का बना नाश्ता लेकर झील के किनारे एक शांत जगह तलाशती हैं. वहां बैठकर नाश्ते और कॉफी का आनंद लेती हैं और कुछ वक्त किताब पढ़ने में बिताती हैं. इसके बाद उनका वर्किंग डे शुरू होता है.

लोगों को पसंद आया Morning Routine

सोशल मीडिया पर दिव्या का यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है. कई यूजर्स ने कहा कि वे भी अपनी सुबह इसी तरह बिताना चाहते हैं.एक यूजर ने लिखा कि उन्हें यह आइडिया बेहद पसंद आया. वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि वह भी ऐसा करना चाहते हैं.

एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में अपनी परेशानी बताते हुए लिखा कि वह भी ऐसा करना चाहते हैं, लेकिन रात चार बजे तक Doomscrolling करने की आदत नहीं छोड़ पा रहे हैं. इस पर दिव्या ने भी मजेदार जवाब देते हुए लिखा कि फिर पूरी रात सोना ही मत.

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दिव्या का यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों को एक आसान सा सवाल सोचने पर मजबूर कर रहा है-क्या वर्किंग डे का मतलब सिर्फ काम ही होना चाहिए? अगर नौकरी शुरू होने से पहले कुछ वक्त बचता है, तो शायद उसे मोबाइल स्क्रीन पर बिताने के बजाय खुद के लिए इस्तेमाल करना भी दिन की एक अलग शुरुआत हो सकती है.

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