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फिनलैंड ही हर साल रहता है सबसे खुशहाल देश, आखिर वहां क्या है ऐसा? लोगों ने बताई असली वजह

दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की लिस्ट जारी कर दी गई है. इस लिस्ट में फिनलैंड लगातार 9वीं बार टॉप पर रहा है. आप जानकर हैरान होंगे लेकिन खुशहाल देशों की लिस्ट में भारत पाकिस्तान से पीछे है.

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ये हैं दुनिया के 10 सबसे खुशहाल देश (Photo: ITG)
ये हैं दुनिया के 10 सबसे खुशहाल देश (Photo: ITG)

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 की लिस्ट में नॉर्डियक देश फिनलैंड लगातार नौवीं बार दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की लिस्ट में टॉप पर है. इस सूची में टॉप 10 कंट्रीस में ज्यादातर नॉर्डियक देश हैं. फिनलैंड और डेनमार्क जैसे नॉर्डिक देशों में लोगों का एक-दूसरे पर गहरा भरोसा और कोस्टा रिका में समाज के साथ मिल-जुलकर रहने की संस्कृति ही उन्हें दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की लिस्ट में लाई है. 

साल 2026 की वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में इन देशों को दुनिया में सबसे खुशहाल माना गया है. 2026 की वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में सबसे खुशहाल माने जाने वाले इन देशों के निवासी बताते हैं कि वहां की रोजमर्रा की जिंदगी असल में कितनी सुकून भरी और सरल होती है.

कौन हैं दुनिया के 10 सबसे खुशहाल देश

1. फिनलैंड

2. आइसलैंड

3. डेनमार्क

4. कोस्टा रिका

5. स्वीडन

6. नॉर्वे

7. नीदरलैंड्स

8. इजरायल

9. लक्जमबर्ग

10. स्विट्जरलैंड

पहली बार लैटिन अमेरिकी कंट्री भी लिस्ट में शामिल 

हालांकि नॉर्डिक देशों का वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट पर लंबे समय से दबदबा रहा है लेकिन 2026 में एक हैरान करने वाली बात भी सामने आई. रिपोर्ट के 14 साल के इतिहास में पहली बार एक लैटिन अमेरिकी देश टॉप पांच में जगह बनाने में कामयाब रहा है. कोस्टा रिका ने लगातार कई सालों की तरक्की जारी रखते हुए चौथा स्थान हासिल किया जो 2023 में 23वें स्थान पर था.

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ऑक्सफोर्ड वेलबीइंग रिसर्च सेंटर गैलप और यूएन (UN) द्वारा हर साल जारी होने वाली यह रैंकिंग 140 देशों के लोगों से मिले फीडबैक के तीन साल के औसत पर आधारित होती है. इसमें खुशहाली मापने के लिए मुख्य रूप से जीडीपी (GDP), आपसी भाईचारा, औसत आयु, व्यक्तिगत आजादी, उदारता और भ्रष्टाचार जैसे पैमानों को परखा जाता है. साल 2026 की रिपोर्ट में लगातार दूसरी बार कोई भी बड़ा अंग्रेजी भाषी देश टॉप 10 में जगह नहीं बना पाया है. इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया 15वें, अमेरिका 23वें, कनाडा 25वें और ब्रिटेन 29वें स्थान पर रहा.

टॉप हैपी कंट्रीज में एक चीज है कॉमन

इस साल दुनिया के टॉप 5 सबसे खुशहाल देशों की अपनी-अपनी कुछ खूबियां हैं लेकिन उन सबमें एक बात कॉमन है और वो है वहां के लोगों की अपनी मर्जी से फैसले लेने की पूरी आजादी. इन देशों के निवासियों ने बीबीसी से बताया कि आखिर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और लंबे समय तक बनी रहने वाली इस खुशी का राज क्या है. 

1. फिनलैंड
पिछले 10 सालों में फिनलैंड लगातार नौ साल पहले स्थान पर रहा है. समाज में मिल-जुलकर रहने की भावना यहां बहुत ज्यादा है और भ्रष्टाचार बहुत कम है, इस मामले इस देश का स्कोर बहुत अच्छा है. यहां के निवासी अक्सर सोशल सेफ्टी नेट (सामाजिक सुरक्षा कवच) जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं, का जिक्र करते हैं, जो उनमें सुरक्षा और खुशहाली की भावना पैदा करता है.

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हेलसिंकी स्थित कंपनी स्किमले के सह-संस्थापक ओली सालो कहते हैं, 'मुझे यह बात बहुत पसंद है कि फिनलैंड एक सुरक्षित देश है और मैं यहां किसी भी आम इंसान पर भरोसा कर सकता हूं. वो आगे कहते हैं, 'यहां सात साल की उम्र से ही बच्चे पैदल स्कूल जाते हैं. जब आप रात में घर लौट रहे होते हैं तो आपको किसी तरह का खतरा महसूस नहीं होता और आप इस बात पर पूरा भरोसा कर सकते हैं कि अगर कोई आपसे कोई वादा करता है तो वो उसे जरूर निभाएगा.'

अच्छी सेहत का वादा और शानदार शिक्षा

हालांकि इस देश में टैक्स की दरें काफी ज्यादा हैं, लेकिन यहां के निवासियों को लगता है कि इसके बदले उन्हें जो सुविधाएं मिलती हैं, वो टैक्स चुकाने के इस बोझ को पूरी तरह से जायज ठहराती हैं. सालो इसकी तुलना किसी प्रीमियम सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन के लिए पैसे देने से करते हैं. भले ही इसकी कीमत ज्यादा हो लेकिन इसकी क्वालिटी बेहतर होती है.

उन्होंने कहा, जिंदगी की ज्यादातर जरूरी चीजें जैसे कि सेहत, शिक्षा और ट्रांसपोर्ट, पब्लिक सर्विस हैं तो फिर क्यों न थोड़ा ज्यादा खर्च करके उन्हें अच्छी क्वालिटी में पाया जाए. उन्हें फिनलैंड के काम करने की जगहें दुनिया के बाकी हिस्सों के मुकाबले ज्यादा मिल-जुलकर काम करने वाली लगती हैं, जहां ऊंच-नीच कम होती है और कॉर्पोरेट दिखावा भी कम होता है.

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हेलसिंकी के मौजूदा मेयर डैनियल साजोनोव बताते हैं कि उन्हें खुशी प्रकृति के करीब रहने से भी मिलती है. उन्होंने आगे बताया , 'बाहर निकलना और कुछ ही मिनट में शाम की सैर के लिए समुद्र किसी पार्क या जंगल तक पहुंच जाना अपने आप में एक खास बात है.'

2. आइसलैंड
साल 2014 के बाद पहली बार डेनमार्क को पछाड़कर दूसरे स्थान पर पहुंचने वाला यह द्वीप देश (आइसलैंड), जिसकी आबादी सिर्फ 40 लाख है, सामाजिक सहयोग के मामले में दुनिया में नंबर वन है. इसका मतलब है कि यहां के लोगों को यह अटूट भरोसा है कि मुश्किल समय में समाज उनके साथ खड़ा रहेगा. इसके अलावा प्रति व्यक्ति जीडीपी (GDP), बेहतर स्वास्थ्य और लोगों की उदारता के मामले में भी यह देश टॉप 10 में शामिल है, जो इसे दुनिया के सबसे संतुलित और खुशहाल देशों में से एक बनाता है.

3. डेनमार्क
खुशहाली के मामले में हमेशा आगे रहने वाला डेनमार्क इस रिपोर्ट के इतिहास में कभी भी चौथे स्थान से नीचे नहीं गिरा है और कई बार तो यह पहले नंबर पर भी रहा है. इस साल यह दुनिया में तीसरे स्थान पर है. डेनमार्क सामाजिक सहयोग और कम भ्रष्टाचार के मामले में दुनिया में तीसरे और GDP के मामले में सातवें स्थान पर है. हालांकि, यहां की खुशी हमेशा बाहरी तौर पर साफ नजर नहीं आती.

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कोपेनहेगन की पत्रकार और लेखिका लॉरा हॉल कहती हैं, 'खुश होने का मतलब यह नहीं है कि आपके चेहरे पर हमेशा बड़ी सी मुस्कान रहे या आप हंसते रहें. असल में यह समाज पर भरोसे, एक-दूसरे पर विश्वास और इस सोच के बारे में है कि हर कोई समाज की भलाई के लिए मिलकर काम कर रहा है.'

4. कोस्टा रिका

इस साल की रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंचकर कोस्टा रिका टॉप 5 में जगह बनाने वाला पहला लैटिन अमेरिकी देश बन गया है. साल 2021 के बाद से यहां व्यक्तिगत आजादी और सामाजिक सहयोग के पैमानों पर स्कोर लगभग दोगुना हो गया है. कोस्टा रिका की GDP या सरकारी मदद नॉर्डिक देशों जितनी अधिक नहीं है लेकिन यहां के निवासी अपने जीवन के फैसले लेने की आजादी के मामले में खुद को बहुत ऊपर रखते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, यहां के लोग अपनी जिंदगी को उन पैमानों से भी कहीं बेहतर मानते हैं जिन्हें आमतौर पर मापा जाता है.

जब वहां के निवासी एड्रियन हंट से पूछा गया कि कोस्टा रिका इतनी खुशहाल जगह क्यों है तो उन्होंने बिना झिझक कहा, समाज, समाज और बस समाज (Community). एड्रियन एक डिजिटल नोमैड हैं और गुआनाकास्ट तट पर स्थित लास कैटालिनास ( कार-मुक्त शहर) में रहते हैं.

वो कहते हैं, 'ऐसे लोगों का साथ होना जो आपकी तरह ही स्वस्थ जीवन जीने, बाहर घूमने-फिरने और अच्छे पड़ोसी बनने का शौक रखते हों. यही यहां की असली खुशी है.'

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5. स्वीडन
इस साल पांचवें स्थान पर रहने वाला स्वीडन पिछले एक दशक में चौथे से दसवें स्थान के बीच बना रहा है. यह स्वस्थ जीवन प्रत्याशा (लंबा जीवन जीने की ज्यादा संभावना, Healthy Life Expectancy) में दुनिया में सातवें और कम भ्रष्टाचार के मामले में पांचवें स्थान पर है. स्वीडन का टॉप रैंकिंग में होना यहां की उस जीवनशैली को दर्शाता है जहां आधुनिक शहरी जीवन और प्रकृति (Nature) के बीच एक बेहतरीन संतुलन है.

स्टॉकहोम स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में 'वेलबीइंग और हैप्पीनेस' के प्रोफेसर मिकाल डहलेन कहते हैं, 'स्वीडन के लगातार खुशहाल रहने की एक बड़ी वजह यह है कि हम एक छोटा देश हैं. यहां लोगों के बीच, शहरों और प्रकृति के बीच की दूरियां बहुत कम हैं. हमने एक-दूसरे पर भरोसा करना, जो हमारे पास है उसे साझा करना, प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना और नए विचारों व लोगों का स्वागत करना सीखा है.'

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