
Gurugram Couple shifts to Himachal village Viral Video: महीनों काम करने के बाद जैसे ही लॉन्ग वीकेंड मिलता है, वैसे ही लोग पहाड़ों पर शहरों की भीड़भाड़ से दूर सुकून की तलाश में निकल पड़ते हैं. जहां की लाइफ उनको अपनी तरफ अट्रैक्ट करती है, साफ हवा, पानी और गांव देखकर लोगों को अपनी शहरों की लाइफ खराब लगने लगती है और उनका मन करने लगता है कि काश वो हमेशा के लिए यही पर शिफ्ट हो जाते.
पहाड़ों पर रहना लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं है और अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए गुरुग्राम का एक कपल हिमालय के एक गांव में शिफ्ट हो गया है, जहां से वो सोशल मीडिया पर लगातार अपने वीडियो शेयर कर लोगों को अपनी वहां की जिंदगी के बारे में बताते हैं. इस कपल ने अपने लेटेस्ट वीडियो में शहर की उन चीजों के बारे में बताया है, जिनको वो वहां पर आज भी मिस करते हैं.
गुरुग्राम से हिमाचल के गांव में हुए शिफ्ट
डिजिटल कंटेंट क्रिएटर दिव्या भट्ट अपने पति सौरभ के साथ गुरुग्राम से अब मनाली से 14 किलो मीटर दूर स्थित गजान गांव में एक होमस्टे चला रही हैं और वर्क फ्रॉम होम भी करती हैं. इस कपल ने अपनी शादी के कुछ समय बाद ही पहाडो़ं पर रहने का मन बनाया था, आज हिमाचल के एक गांव में सुकून भरी जिंदगी बिता रहे हैं. मगर दिव्या ने अपने लेटेस्ट वीडियो में बताया है कि शहर की कुछ चीजों को वहां पर मिस करती हैं, हालांकि कुछ चीजें ढूंढने पर उनको जरूर मिल जाती हैं.

शहर से आने के बाद क्या बदला
दिव्या ने अपना एक वीडियो इंस्टाग्राम शेयर किया है, जिसमें वो खुले हरे मैदान में बैठी हुई हैं और उनके पीछे शानदार पहाड़ों का नजारा दिखाई दे रहे है. वो कहती हैं कि सालों तक वो शहर में प्रदूषण के बीच रही हैं और वहां पर सांस ली है, जबकि मनाली में उसके उल्टा बिल्कुल साफ हवा है. ऐसे में उनको कई बार धुएं सी स्मेल की याद आती है.
दूसरे नंबर पर उन्होंने कहा कि शहर में उनको काफी ट्रैफिक में अपना टाइम बिताने की आदत थी, ऑफिस जाने के रास्ते में उनको लंबे ट्रैफिक जाम से होकर गुजरना पड़ता था. इस बीच वो अक्सर कार में बैठकर अपनी पसंद के गाने सुना करती थीं, लेकिन यहां पर कोई ट्रैफिक नहीं होता है और ना ही यहां पर कोई बिना वजह होर्न बजाता है. इसलिए कई बार उनको हॉर्न की आवाज और अपने फेवरेट गानों को सुनना मिस कर रही हैं, क्योंकि यहां पर तो ज्यादातर जगह पर लोग पैदल जाकर ही अपने सारे काम करते हैं.
शहर में रहने वाले लोगों को फास्ट लाइफ की आदत हो जाती है, इसी तरह दिव्या भी गांव की स्लो लाइफ के बीच कभी-कभी शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी को याद करती हैं. जैसे अलार्म की आवाज से उठना, ऑफिस के लिए जल्दी निकलना, पूरे दिन स्क्रीन के सामने बैठे रहना. वीकेंड का इंतजार करना, ताकि वो अपना कोई जरूरी काम पूरा कर सकें. जबकि मनाली में उनकी लाइफ बहुत शांत और स्मूद है, यहां पर उनको संडे का इंतजार नहीं करना पड़ता है.
पहाड़ों पर मुश्किल से मिलती हैं ये चीजें
पहाड़ों पर मगर कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जो बहुत मुश्किल से मिलती हैं. इस बारे में बात करते हुए दिव्या ने बताया कि वो यहां पर शिफ्ट होने के बाद से सबसे ज्यादा अपनी फैमिली और फ्रेंड्स को मिस करती हैं. हालांकि अपने परिवार से वो वीडियो कॉल के जरिए बात कर लेती हैं और कई बार वो लोग उनसे मिलने यहां आ भी जाते हैं. मगर यहां पर ज्यादा टाइम उनको याद करने में बिताना पड़ता है. इसके बाद उन्होंने अपने पति सौरभ की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कैमरे के पीछे जो व्यक्ति है, वह अपनी लाइट बीयर को मिस करता है, क्योंकि यहां वो आसानी से नहीं मिलती.
दिव्या ने इस वीडियो के जरिए लोगों को यह बताया है कि पहाड़ों की जिंदगी शहर की लाइफ से कितनी अलग और सुकून भरी है. न वहां कोई प्रदूषण है और न ही ट्रैफिक जाम, न होर्न का शोर. पहाड़ों में शांति के साथ-साथ सबकुछ साफ-सुथरा है.