पहली नौकरी मिलते ही क्या 30-40 हजार रुपये की सैलरी काफी है या फ्रेशर्स को लाख रुपये महीने कमाने का लक्ष्य रखना चाहिए? कॉलेज से निकलने के बाद जब युवा नौकरी के तलाश में होते हैं, तो ज्यादातर युवाओं के मन में यह सवाल जरूर आता है. कोलकाता के एक 22 साल के ग्रेजुएट ने भी इसी उलझन को सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उसने पूछा कि आखिर कितनी कमाई हो तो किराया और रोजमर्रा के खर्च निकालने के बाद अपने शौक पूरे करने और भविष्य के लिए पैसे बचाने की गुंजाइश भी रहे?
2026 में पूरी की BTech की पढ़ाई
कोलकाता के इस युवक ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि साल 2026 में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) में BTech की पढ़ाई पूरी की है. फिलहाल वह अपनी पहली नौकरी तलाश रहा है. उसने रेडिट के r/personalfinanceindia पर अपनी परेशानी शेयर करते हुए पूछा कि भारत में आराम से जिंदगी जीने के लिए आखिर कितने पैसे काफी हैं? उसके इस सवाल को सुनकर यूजर्स भी हैरान हो गए हैं. युवक ने बताया कि वह कपड़ों, जूतों, महंगी घड़ियों या महंगे खाने पर ज्यादा खर्च करने में दिलचस्पी नहीं रखता. उसकी पसंद गेमिंग और कंप्यूटर का इस्तेमाल करना है. वह चाहता है कि नौकरी से इतनी कमाई हो जाए कि अपने शौक पूरे कर सके, कभी-कभार घूमने जा सके और कुछ पैसे बचा भी सके.
21 लाख के पैकेज वाले परिचित से हुई तुलना
युवक ने पोस्ट में अपने एक परिचित का भी जिक्र किया, जो बेंगलुरु में सालाना 21 लाख रुपये कमाते हैं. वह मणिपाल यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं और हाल ही में करीब 30 हजार रुपये का फाउंटेन पेन खरीदने के लिए एक प्रदर्शनी में गए थे. उस परिचित ने उसे बताया था कि बेंगलुरु में IT सेक्टर के कुछ लोग हर महीने 3 लाख रुपये तक कमा सकते हैं और आमतौर पर लोग अपनी कमाई के हिसाब से खर्च भी बढ़ा लेते हैं. इसी बात ने युवक को सोचने पर मजबूर कर दिया कि पहली नौकरी में उसे कितनी सैलरी का लक्ष्य रखना चाहिए.

किसी ने बताया काफी है 1 लाख रुपये महीना
इस पोस्ट पर कई रेडिट यूजर्स ने अपनी राय दी. एक यूजर ने कहा कि हर किसी के लिए पैसे की जरूरत अलग होती है. वहीं, उसने यह भी कहा कि हर महीने 3 लाख रुपये कमाने वाले IT प्रोफेशनल्स आम नहीं हैं और ऐसे लोग टॉप कमाई करने वालों में आते हैं. वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवार के लिए हर महीने 1 लाख रुपये की कमाई में खर्च चलाना, शौक पूरे करना, कभी-कभार यात्रा करना और बचत करना संभव हो सकता है. हालांकि, कुछ लोगों का मानना था कि कमाई कितनी भी हो, इंसान की जरूरतें और इच्छाएं बढ़ती रहती हैं.
लेकिन नहीं मिला जवाब
इस चर्चा से एक बात साफ है कि अच्छी सैलरी का मतलब हर किसी के लिए अलग हो सकता है. किसी के लिए घर का खर्च चलाना सबसे जरूरी है, तो कोई बचत और निवेश के साथ अपने शौक पूरे करना चाहता है. ऐसे में पहली नौकरी में कितनी सैलरी मिले, यह शहर, रहने के खर्च और व्यक्तिगत जरूरतों पर भी निर्भर करता है.