उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में VIP प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि संविधान किसी को भी VIP दर्जा नहीं देता. भगवान के सामने सभी समान होते हैं. उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला कलेक्टर ही तय कर रहे हैं कि गर्भगृह में कौन प्रवेश करेगा. जैन ने तर्क दिया कि पुजारियों के अलावा किसी को भी गर्भगृह में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए, या आम भक्तों को भी समान अधिकार दिया जाए ताकि वे जल चढ़ा सकें.