पंजाबी सिनेमा के स्टार दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज (पंजाब 95) ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर हलचल मचाई. इसे चुपचाप जी5 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया, जिसके बाद बवाल की शुरुआत हुई. स्ट्रीमिंग के 48 घंटों बाद इसे इंडिया से हटाया गया. सेंसर बोर्ड और सरकार अब फिल्म पर एक्शन लेने की तैयारी कर रही है. इसकी वजह ये है कि फिल्म बिना सर्टिफिकेट रिलीज हुई और फिर गैरकानूनी तरीके से अलग-अलग जगहों पर इसकी स्क्रीनिंग रखी गई.
फिल्म सतलुज और सेंसर बोर्ड के बीच चल रही इस कॉन्ट्रोवर्सी पर कई लोग बात करते नजर आ रहे हैं. इस बीच बॉलीवुड एक्टर अन्नू कपूर ने भी दिलजीत दोसांझ संग हुए इस मुद्दे पर अपनी राय शेयर की. यूट्यूब चैनल कड़क से बातचीत में अन्नू कपूर से दिलजीत के उस बयान का जिक्र हुआ, जिसमें सिंगर ने एक इंस्टा लाइव के दौरान खुद को पॉलिटिक्स से दूर करने के लिए आर्टिस्ट कहा.
सतलुज विवाद पर बोले अन्नू कपूर?
अन्नू कपूर से पूछा गया कि क्या आर्ट और पॉलिटिक्स अलग-अलग रह सकते हैं? तो इसपर एक्टर ने कहा- ये उसका (दिलजीत दोसांझ) मानना है. मेरा मानना है कि हम सब अपने वक्त के पॉलिटिकल, रिलीजियस, सोशल और फाइनेंशियल, जो हालात हैं उसी की उपज हैं. आपका अपना विचार होना चाहिए. मेरा मतलब पॉलिटिक्स से नहीं है, लेकिन आपके विचार होने चाहिए.
अन्नू कपूर ने आगे दिलजीत दोसांझ की फिल्म पर हो रही कॉन्ट्रोवर्सी पर भी रिएक्ट किया. उन्होंने माना कि सिंगर ने फिल्म की स्क्रिप्ट पहले पढ़ी होगी और वो जानते होंगे कि इसपर बवाल हो सकता है. एक्टर ने कहा कि शायद दिलजीत ने जानबूझकर ये सबकुछ किया है. अन्नू कपूर कहते हैं- आपने अपना पंगा खुद लिया है, तो जो शासन की व्यवस्था है जो नियम कायदे हैं वो कहते हैं कि सेंसर बोर्ड ने आपको सर्टिफिकेट नहीं दिया.
'हमारी भी एक फिल्म सेंसर बोर्ड से पास नहीं हुई थी, हमने उसे बिना सर्टिफिकेट के रिलीज करने की कोशिश हुई. मुसलमानों ने आपत्ति जताई, और फिल्म रिलीज से पहले रुक गई. ये सभी फिल्म वालों को पता होता है कि ये कॉन्ट्रोवर्शियल चीज है, और आप जनता की रहम की भीख मांग रहे हैं. खुद पर तरस खा रहे हो क्या? आप सुप्रीम कोर्ट जाइए ना, रोने-धोने का क्या मतलब है.'
अन्नू कपूर अंत में कहते हैं कि जिस कारण से फिल्म को बैन किया गया है, वो एकदम सही है. उनका मानना है कि फिल्म से ज्यादा लोगों-समाज के बीच शांति होना जरूरी होती है. किसी फिल्म से लड़ाई-दंगे शुरू हों, ये गलत है.
क्या है फिल्म को लेकर विवाद?
फिल्म सतलुज, 90 के दशक के पंजाब की कहानी दिखाती है जिसमें आरोप थे कि पंजाब पुलिस गैरकानूनी तरीके से लोगों की हत्या कर रही थी. इतनी सारी हत्याओं के बाद जसवंत सिंह खालड़ा ने सच्चाई जानने की कोशिश की थी. सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 100 से ज्यादा कट्स की मांग रखी थी. मगर मेकर्स ने बिना किसी कट इसे ओटीटी पर रिलीज किया था. सरकार का कहना था कि फिल्म के कुछ सीन्स देश के खिलाफ इस्तेमाल किए जा सकते हैं, इसलिए इसे भारत में बैन किया गया है. अब देखना है कि फिल्म सतलुज का क्या होगा.