रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल (Rudrankksh Patil) भारतीय निशानेबाजी के युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं. एशियन गेम्स 2026 में रुद्रांक्ष ने मेन्स 10 मीटर एयर राइफल इंडिविजुअल इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता. उन्होंने 230.9 अंक हासिल किए.
साल 2022 रुद्रांक्ष के खेल करियर के लिए महत्वपूर्ण रहा. उन्होंने काहिरा में आयोजित विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता. इस उपलब्धि के साथ वह भारत के दूसरे व्यक्तिगत विश्व चैंपियन बने. उनसे पहले यह उपलब्धि अभिनव बिंद्रा ने हासिल की थी.
इसी साल रुद्रांक्ष ने दक्षिण कोरिया के डेगू में आयोजित एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया. इसके बाद हांगझोउ में हुए 2022 एशियाई खेलों में भी उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया. इन खेलों में उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में हिस्सा लिया और टीम के प्रदर्शन में योगदान दिया.
विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के साथ रुद्रांक्ष ने पेरिस में होने वाले 2024 ओलंपिक खेलों के लिए भारत का कोटा स्थान भी हासिल किया. ओलंपिक की तैयारी के दौरान उन्हें पूर्व ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग का सहयोग मिला. गगन नारंग भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष भी रहे हैं. उनकी मदद से रुद्रांक्श को जर्मनी की कंपनी वाल्थर की ओर से एक प्रायोजित एयर राइफल मिली. यह राइफल पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें दी गई.
रुद्रांक्ष का जन्म 16 दिसंबर 2003 को महाराष्ट्र के ठाणे में हुआ था. वह 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाजी स्पर्धा में हिस्सा लेते हैं. रुद्रांक्ष ने खेल की दुनिया में आने से पहले शतरंज और फुटबॉल में भी रुचि दिखाई थी. बाद में उन्होंने निशानेबाजी को अपना खेल चुना.
रुद्रांक्ष के माता-पिता बालासाहेब पाटिल और हेमांगिनी पाटिल ने उनके खेल सफर में उनका साथ दिया. उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है. निशानेबाजी में आगे बढ़ने के साथ उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया.रुद्रांक्ष पाटिल की खेल यात्रा में शुरुआती दौर में अलग-अलग खेलों से जुड़ाव और बाद में निशानेबाजी को अपनाना शामिल रहा है. 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुभव के साथ उन्होंने भारतीय निशानेबाजी में अपनी जगह बनाई है.