कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अग्रिम जमानत की मांग करते हुए एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी सार्वजनिक की है.
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 24 अप्रैल को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट में विशेष राहत याचिका यानी अपील दाखिल करेंगे.
दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा पवन खेड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. पवन खेड़ा ने आरोप लगाया थe कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई पासपोर्ट हैं. उन्होंने विदेशों में विपुल संपत्ति अर्जित कर रखी है.
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने रिनिकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाए हैं कि उनके पास कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात, एंटीगुआ और बारबुडा और मिस्र के कई विदेशी पासपोर्ट थे. भारतीय कानून दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता है. इसलिए कोई भी भारतीय नागरिक विदेशी पासपोर्ट नहीं रख सकता है. जबकि रिनिकी के पास संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में दो अलग-अलग संपत्तियां थीं.
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उनके पास संयुक्त राज्य अमेरिका के व्योमिंग राज्य में पंजीकृत 'रिनिकी भुइयां सरमा एसेट कलेक्टिव एलएलसी' नामक फर्म के नाम पर लगभग 52,000 करोड़ रुपये की संपत्ति होने का भी आरोप लगाया गया है.
रिनिकी भुइयां सरमा और उनके पति दोनों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें 'दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित' बताया. उन्होंने अपने-अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से आपराधिक और दीवानी मानहानि की कार्यवाही शुरू करने की बात कही.
हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्हें उनके लापरवाह और मानहानिकारक बयानों के लिए पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा. वहीं, रिनिकी भुइयां ने कहा कि अब वह कानून को अपना काम करने देंगी.