ईरान-इजरायल संघर्ष तेज - खाड़ी में ड्रोन-मिसाइल हमले, जंग का दायरा बढ़ा (Photo: ITG) इजरायल-अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमले को 18 दिन बीत चुके हैं. गुरुवार को मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का 19वां दिन है. ईरान के इंटेलिजेंस चीफ एसमाइल खतीब और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटरी अली लरिजानी को मार गिराने से तेहरान बौखला गया है. वह लगातार खाड़ी मुल्कों में हमला कर रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि ईरान को बिना किसी शर्त के हार माननी होगी - वरना कोई बातचीत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि इस जंग का मकसद ईरान की नौसेना, परमाणु ठिकाने और आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है.
दूसरी ओर इजरायल की ओर से ईरान पर हमला जारी है. ईरान की साउथ पार्स गैस फील्ड समेत 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए. लेबनान में हिजबुल्लाह के इलाकों में भी बफर जोन बनाया जा रहा है. कुवैत और सऊदी अरब में भी तेज धमाके सुनाई दिए हैं.
ईरान ने "ट्रू प्रॉमिस 4" नाम के ऑपरेशन के तहत इजरायल पर खोर्रमशहर-4 मिसाइलें दागीं. इन हमलों में रामात गान में 2 लोगों की मौत हो गई और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं. UAE की तेल फील्ड और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए. ईरान ने एक मोसाद जासूस को फांसी भी दी.
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ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना चीन दौरा टाल दिया है. गुरुवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि यह यात्रा अब लगभग डेढ़ महीने के लिए आगे बढ़ा दी गई है. हालांकि, उन्होंने कहा कि वे इस यात्रा के लिए उत्सुक हैं, लेकिन फिलहाल बदली हुई परिस्थितियों के कारण तारीखों में बदलाव किया गया है.
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच बड़ी खबर आ रही है. इजरायली मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के मिसाइल हमले में हाइफा की रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा है. हालांकि, राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. इजरायली प्रशासन नुकसान का जायजा ले रहा है, जबकि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. इजरायली सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि ईरान ने मध्य इजरायल और यरुशलम को निशाना बनाकर नई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. सेना ने पूरे देश में चेतावनी सायरन बजने की संभावना जताई है और लोगों से तुरंत सुरक्षित ठिकानों पर जाने की अपील की है. इजरायल डिफेंस फोर्सेस आने वाले इस बड़े खतरे को लेकर पूरी तरह अलर्ट पर हैं.
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच पेंटागन ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए 200 अरब डॉलर के भारी-भरकम बजट की मांग की है. एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस को भेज दिया गया है, जिसे मंजूरी के लिए अब अमेरिकी कांग्रेस के सामने रखा जाएगा. हालांकि, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अभी तक इस सटीक राशि पर पक्की मुहर नहीं लगाई है, लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 'बुरे लोगों को खत्म करने के लिए तगड़े फंड की जरूरत होती है.' अब सबकी नजरें अमेरिकी कांग्रेस पर टिकी हैं, क्योंकि युद्ध के इस भारी खर्च पर आखिरी फैसला वहीं से होना है.
मिडल ईस्ट संकट के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने तेल की कीमतें नियंत्रित करने के लिए बड़ा संकेत दिया है. वाशिंगटन जल्द ही समुद्र में फंसे 14 करोड़ बैरल ईरानी तेल पर पाबंदियां हटा सकता है. फॉक्स बिजनेस से बातचीत में बेसेंट ने कहा कि इस कदम से बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों को कम रखने में मदद मिलेगी. अमेरिका का मानना है कि उसके पास बाजार को काबू करने के कई और भी पुख्ता तरीके मौजूद हैं.
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान के साथ जारी तनाव पर बड़ा दावा किया है. उन्होंने साफ कहा कि युद्ध की स्थिति में निर्णायक शक्तियां और नियंत्रण पूरी तरह अमेरिका के पास हैं. इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमलों के बीच हेगसेथ ने कहा कि वाशिंगटन के अपने स्पष्ट उद्देश्य हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इजरायल जैसे सहयोगी देश अमेरिकी अभियानों के साथ-साथ अपने खुद के लक्ष्य भी साध रहे हैं.
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिका ने इराक में ईरान समर्थित लड़ाकों के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं. अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना और उनके ठिकानों पर बढ़ते खतरों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है. इन हमलों में घातक एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी ने कुवैत के युवराज से फोन पर बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने कुवैत की संप्रभुता पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की औरस्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया. साथ ही, उन्होंने वहां रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा के लिए युवराज का शुक्रिया अदा करते हुए उन्हें ईद की एडवांस बधाई भी दी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालातों पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर विस्तार से चर्चा की है. उन्होंने ट्वीट कर इसे 'सार्थक बातचीत' बताया और जोर दिया कि तनाव कम करने के लिए कूटनीति और संवाद की ओर लौटना आज की सबसे बड़ी जरूरत है. दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाली के लिए आपस में तालमेल बनाए रखने पर सहमति जताई है.
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा कारणों से इराक ने अपने हवाई क्षेत्र की बंदी अगले 3 दिनों के लिए बढ़ा दी है. अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने घोषणा की है कि रविवार दोपहर तक इराक के ऊपर से न तो कोई विमान गुजर सकेगा और न ही वहां कोई फ्लाइट लैंड करेगी. यह फैसला क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को देखते हुए लिया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ सकता है.
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब फुटबॉल के मैदान तक पहुंच गया है. ईरान फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने साफ कर दिया है कि उनकी टीम इस साल होने वाले फीफा विश्व कप में हिस्सा तो लेगी, लेकिन अमेरिका में होने वाले अपने ग्रुप मैचों का पूरी तरह बहिष्कार करेगी. उन्होंने कहा कि हम विश्व कप की तैयारी करेंगे, पर अमेरिका के खिलाफ नहीं खेलेंगे.
ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों का बदला अभी पूरा नहीं हुआ है. ईरानी मीडिया SNN के मुताबिक, तेहरान ने साफ कर दिया है कि अगर दोबारा ऐसी हिमाकत हुई, तो दुश्मन और उसके सहयोगियों के ऊर्जा ठिकानों पर अब तक का सबसे जोरदार पलटवार किया जाएगा.
गाजा सिटी से बड़ी खबर आ रही है. अल-जजीरा ने अल-शिफा अस्पताल के सूत्रों के हवाले से बताया है कि इजरायली सेना ने गाजा शहर के जैतून इलाके को निशाना बनाकर हमला किया है. इस हमले में दो फिलिस्तीनियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच गाजा पट्टी में जारी यह सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में स्थिति को और गंभीर बना रही है.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि "हम अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग के विरोध में हैं और ईरान के राष्ट्रीय नेताओं की हत्या और नागरिक इलाकों पर हमले बिल्कुल अस्वीकार्य हैं." लिन जियान ने सभी पक्षों से तुरंत सैन्य गतिविधियां बंद करने और क्षेत्रीय संघर्ष को नियंत्रण से बाहर होने से रोकने की अपील की.
ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत अमीर सईद इरावानी ने यूएई से हर्जाना मांगते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव को पत्र लिखा है. इरावानी ने कहा कि यूएई ने अपने क्षेत्र को अमेरिका के हमलों के लिए उपलब्ध कराकर अंतरराष्ट्रीय रूप से गलत काम किया है. यूएई की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है कि वह हर नुकसान के लिए मुआवजा दे.
हमले के बाद कुवैत के अल-अब्दल्लाह और मीना अल-अहमादी रिफाइनरी पोर्ट पर लगी आग बुझाने के लिए फायरफाइटर टीमें अभी काम कर रही हैं.
कुवैत ने जानकारी दी है कि एक ड्रोन हमले ने तेल रिफाइनरी में आग लगा दी. जानकारी के मुताबिक ड्रोन हमले के कारण Mina Al-Ahmadi रिफाइनरी में आग लग गई, लेकिन किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है.यह रिफाइनरी मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है और इसकी पेट्रोलियम उत्पादन क्षमता 7,30,000 बैरल प्रति दिन है.
NATO के महासचिव मार्क रूटे ने कहा नाटो के सदस्य देश मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए सामूहिक रास्ता खोजने की कोशिश कर रहे हैं.
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कुवैत का एयर डिफेंस अभी दुश्मन की मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है. सेना के जनरल स्टाफ का कहना है कि अगर कहीं धमाके की आवाज सुनाई दे, तो वह हमारे एयर डिफेंस सिस्टम्स द्वारा हमलों को रोकने की वजह से हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि गुस्से में आए इज़रायल ने 'ज़ोरदार पलटवार' किया और ईरान के एक बड़े गैस क्षेत्र पर हमला कर दिया. इसे अमेरिका-इज़रायल युद्ध में एक बड़ा टकराव माना जा रहा है, लेकिन ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि जब तक ईरान जवाबी कार्रवाई नहीं करता, तब तक इज़रायल की ओर से ऐसे और हमले नहीं होंगे.
बुधवार को विशाल 'साउथ पार्स' गैस क्षेत्र पर हुए हमले की वजह से तेल की कीमतें बढ़ गईं. इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद तेल और गैस ठिकानों पर हमला करने की धमकी दी और साथ ही कतर तथा सऊदी अरब पर मिसाइलें भी दागीं.
गुरुवार को बेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, जिसका कारण इज़रायल द्वारा ईरान के पार्स साउथ पर किया गया हमला था.
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ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी (बग़ाई) ने अमेरिका की ईरान के खिलाफ चल रही जंग की निंदा करने की अपील की. कनानी ने कहा, “यह अमेरिकी जनता की जंग नहीं है, और इसका विरोध करना हर जागरूक नागरिक और अधिकारी का कर्तव्य होना चाहिए.”
उनका यह बयान उस वक्त आया जब अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज़्म सेंटर के प्रमुख Joe Kent ने इस्तीफा दे दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि वह इस जंग का समर्थन नहीं कर सकते.
आईडीएफ (इजराइल डिफेंस फोर्सेज) ने जानकारी दी है कि कुछ समय पहले ईरान से इजरायल की ओर मिसाइलें दागी गई हैं. इस खतरे को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम सक्रिय हैं. होम फ्रंट कमांड ने संबंधित क्षेत्रों में मोबाइल फोन पर प्रारंभिक अलर्ट जारी किया है.
QatarEnergy ने जानकारी दी है कि कई LNG सुविधाओं पर रॉकेट हमले किए गए, जिससे आग लग गई और गंभीर नुकसान हुआ है. हालात को काबू में करने के लिए तुरंत आपातकालीन टीमें तैनात की गईं. इन हमलों में किसी के घायल होने की खबर नहीं है.

कतर ने जानकारी दी है कि 18 मार्च 2026 रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए हमले के बाद, जिसमें पर्ल GTL (गैस-टू-लिक्विड्स) सुविधा को भारी नुकसान हुआ था. अब 19 मार्च को भी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सुविधाओं को मिसाइल हमलों का निशाना बनाया गया. इन हमलों के कारण बड़े पैमाने पर आग लगी और अतिरिक्त भारी नुकसान हुआ है.
सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि अगर ईरान यह मानता है कि खाड़ी देश जवाब देने में सक्षम नहीं हैं, तो यह उसकी बड़ी भूल है. ईरान पर भरोसा पूरी तरह टूट चुका है और मौजूदा हालात में तेहरान को साझेदार नहीं माना जा सकता.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उन्होंने आज कतर के शेख तमीम बिन हमद अल थानी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों से फोन पर बात की. यह बातचीत ईरान और कतर की गैस सुविधाओं पर हुए हमलों के बाद हुई.
इनपुट: रॉयटर्स
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने साफ कहा है कि यह जंग कब खत्म होगी. इसका उन्हें कोई अंदाजा नहीं है. उन्होंने कहा कि अभी सबसे बड़ी जरूरत यह है कि खाड़ी देशों पर ईरान के हमले तुरंत बंद हों.
इनपुट: रॉयटर्स
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में गुरुवार को अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक हुई. इस बैठक का मकसद था खाड़ी देशों पर हो रहे ईरानी हमलों के बाद पूरे इलाके की सुरक्षा पर मिलकर चर्चा करना.
इनपुट: APTN
इजरायली सूत्रों के मुताबिक हिजबुल्लाह ने पूर्वी लेबनान के बालबेक इलाके से फातेह-110 मिसाइलें दागी हैं. फातेह-110 ईरान की बनाई हुई मिसाइल है जो काफी सटीक निशाना लगाती है.
इनपुट: अशरफ वानी
ईरान ने UAE के हबशान गैस केंद्र और बाब तेल क्षेत्र पर हमला किया. UAE की वायु रक्षा प्रणाली ने इस हमले को हवा में ही नाकाम कर दिया और कोई भी हताहत नहीं हुआ.
UAE के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह हमला अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. तेल और गैस जैसे अहम ठिकानों पर हमला पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा है.
यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने ईरान के विदेश मंत्री अराघची से फोन पर बात की. इस बातचीत में तीन अहम बातें कही गईं. हार्मुज स्ट्रेट से जहाजों का सुरक्षित गुजरना यूरोप की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. ईरान तेल और गैस जैसे बुनियादी ढांचों पर हमले बंद करे. यूरोप इस रास्ते को खुला रखना चाहता है.
इसी फोन कॉल के कुछ ही देर बाद पता चला कि ईरान ने एक यूरोपीय नागरिक को फांसी दे दी. यूरोपीय यूनियन ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है.
इनपुट: रॉयटर्स
इजरायली सेना ने बताया है कि उसने पहली बार ईरान के उत्तरी हिस्से में ठिकानों पर हमले शुरू किए हैं.
इनपुट: रॉयटर्स
कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अधिकारी को "पर्सोना नॉन ग्राटा" घोषित कर दिया है. यानी उन्हें अब कतर में रहने की इजाजत नहीं है. कतर ने इन अधिकारी को 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया है.
इनपुट: रॉयटर्स
कतर एनर्जी ने खुद पुष्टि की है कि कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमले हुए हैं. यह कतर का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल और एनर्जी का सेंटर है.
हमले के बाद वहां आग लग गई. आग बुझाने वाली टीमें फौरन पहुंच गईं. कंपनी ने माना कि काफी नुकसान हुआ है. अच्छी बात यह है कि अभी तक कोई भी नहीं मरा और सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं.
इजरायल ने दावा किया है कि उन्होंने इमाम हुसैन डिवीजन के कमांडर हसन अली मरवान को मार गिराया गया है. खास बात यह है कि मरवान को उनके पूर्ववर्ती कमांडर की मौत के महज एक हफ्ते के भीतर ही कमान सौंपी गई थी और अब वे भी खत्म कर दिए गए.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि इजरायल जो आतंकी तरीके अपना रहा है, उसे लेकर उसे कोई परवाह नहीं कि दुनिया पर इसका क्या असर पड़ेगा. लेकिन उन्होंने दुनिया के बाकी देशों को भी चेताया कि वे इसे नजरअंदाज न करें. उन्होंने साफ कहा, "हर कार्रवाई का जवाब होता है और हमेशा होगा."