जेएफ-17 थंडर पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) और चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (CAC) ने संयुक्त रूप से निर्माण किया है. यह एक हल्का, सिंगल इंजन, मल्टीपर्पस फाइटर जेट है. इसे पाकिस्तान वायुसेना (PAF) में थर्ड जेनरेशन के A-5C, F-7P/PG, मिराज III और मिराज फाइटर जेट के स्थान पर फोर्थ जेनरेशन के रूप में डिजाइन और विकसित किया गया था.
पाकिस्तान ने साल 2024 में JF-17 Thunder में परमाणु क्रूज मिसाइल Ra'ad को तैनात किया. जिसे वो हत्फ-8 बुलाता है. यह मिसाइल लगाने के बाद पाकिस्तान लंबी दूरी तक परमाणु हमला करने में सक्षम हो गया है. जेएफ-17 का इस्तेमाल कई भूमिकाओं के लिए किया जा सकता है (JF-17 Thunder Fighter Jet Pakistan).
पाकिस्तान JF-17 थंडर जेट को वैश्विक डिमांड में दिखाने का प्रचार कर रहा है. रॉयटर्स ने बांग्लादेश, सूडान, इंडोनेशिया और सऊदी अरब के साथ डील की खबरें दीं, लेकिन ज्यादातर अटकलें हैं, कोई ठोस कॉन्ट्रैक्ट नहीं. असल निर्यात सिर्फ म्यांमार और नाइजीरिया तक सीमित हैं, जहां तकनीकी समस्याएं आईं है. यह सोशल मीडिया पर जीत का दावा है लेकिन हकीकत में नहीं.
पाकिस्तान के JF-17 थंडर फाइटर जेट्स की मुस्लिम देशों में तेजी से डिमांड बढ़ रही है. लीबिया के साथ 4 अरब डॉलर, सूडान के साथ 1.5 अरब डॉलर के सौदे हुए. सऊदी अरब से 4 अरब डॉलर की बातचीत चल रही है. बांग्लादेश, इंडोनेशिया, अजरबैजान भी रुचि दिखा रहे हैं. इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल सौदा फाइनल करने के साथ JF-17 पर विचार कर रहा है, जिससे भारत चिंतित है.
पाकिस्तान और सऊदी अरब JF-17 थंडर फाइटर जेट्स की बड़ी डील पर बातचीत कर रहे हैं. सऊदी के 2 अरब डॉलर लोन को जेट्स में कन्वर्ट किया जा सकता है. कुल डील 4 अरब डॉलर की है. यह पिछले साल के म्यूचुअल डिफेंस पैक्ट के बाद सैन्य सहयोग बढ़ाने का कदम है. पाकिस्तान को आर्थिक राहत, सऊदी को सस्ते जेट्स मिलेंगे.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि JF-17 फाइटर जेट के इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि छह महीने में IMF कर्ज की जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने JF-17 को आसानी से मार गिराया, जो पाकिस्तान की सैन्य ताकत पर सवाल उठाता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ख्वाजा आसिफ बढ़ा-चढ़ा के बोल रहे हैं.
पाकिस्तान ने भारत के साथ हालिया युद्ध में मार गिराए गए JF-17 थंडर फाइटर जेट को बांग्लादेश को बेचने की योजना बनाई है. यह विमान चीन और पाकिस्तान की तरफ से विकसित एक मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसे भारत ने युद्ध में नाकाम साबित किया था.
पाकिस्तान वायुसेना ने स्वदेशी तैमूर एयर लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया. 600 किमी रेंज वाली यह मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़कर दुश्मन की एयर डिफेंस से बच सकती है. लेकिन परीक्षण के दौरान मिसाइल टारगेट एरिया में सटीकता से नहीं गिरी. अब सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का मजाक उड़ रहा है.
पेंटागन की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन LAC पर भारत से तनाव कम करना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान को J-10C जेट व JF-17 जैसे हथियार देकर दबाव की नीति को मजबूत कर रहा है. अरुणाचल को 'कोर इंटरेस्ट' मानता है. चीन की दोहरी रणनीति से भारत को सतर्क रहना चाहिए.
पाकिस्तान ने लीबिया की नेशनल आर्मी (LNA) को 35 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के हथियार बेचने की डील की है. इसमें JF-17 फाइटर जेट, सुपर मुशाक ट्रेनर एयरक्राफ्ट और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं. सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने बेनगाजी में सद्दाम हफ्तार से मुलाकात कर यह समझौता फाइनल किया. UN प्रतिबंध के बावजूद यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी हथियार निर्यात डील है.
S-400 एक मजबूत क्षेत्रीय ढाल है, जबकि S-500 राष्ट्रीय+स्पेस किला है. जो काम S-400 नहीं कर सकता, वो काम S-500 कर सकता है. दुश्मन की मिसाइल दिखी नहीं कि चार सेकेंड में रिएक्ट करता है. हवा में 200 किलोमीटर ऊपर नष्ट कर सकता है. सैटेलाइट भी उड़ा सकता है.
अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 के लिए 5800 करोड़ रुपये का अपग्रेड पैकेज मंजूर किया है. इसमें Link-16 डाटा लिंक, क्रिप्टो उपकरण, एवियोनिक्स अपडेट और ट्रेनिंग शामिल है. इससे F-16 की उम्र 2040 तक बढ़ेगी और अमेरिकी वायुसेना के साथ सीधा तालमेल बनेगा. भारत को चिंता है कि इससे क्षेत्रीय संतुलन पर असर पड़ेगा.
पाकिस्तान के JF-17 में 5, F-16 में 8+ और मिराज में 10+ हादसे हो चुके हैं. चीन के J-10, J-11, J-15 में 15+ क्रैश, ज्यादातर इंजन फेलियर से हुए हैं. तेजस के सिर्फ 2 हादसे हुए हैं. हर बड़े जेट प्रोग्राम में शुरुआती झटके आते हैं लेकिन एक हादसा तेजस को नहीं रोक सकता, क्योंकि सुधार और भरोसा दोनों मजबूत हैं.
अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) को चीन ने अपने नए हथियारों (HQ-9, PL-15, J-10) का पहला असली युद्ध परीक्षण बनाया. चीनी दूतावासों ने हथियारों की सफलता का प्रचार किया. राफेल जेट को बदनाम करने के लिए फेक सोशल मीडिया कैंपेन चलाया ताकि अपने J-35 जेट बेच सके.
पाक ने अफगानिस्तान पर JF-17 जेट, बुराक ड्रोन, शाहपार II, H-4 बम और AK-47 से हमले किए. तालिबान ने M4 राइफल, RPG-7, PKM गन, DShK और IED से जवाब दिया. पाक की हवाई ताकत मजबूत, तालिबान ग्राउंड फाइट में. तालिबान के पास US हथियार हैं, लेकिन रखरखाव की कमी है.
अमेरिका पाक को AIM-120 AMRAAM मिसाइलें (100 किमी रेंज, F-16 पर) और F-16 अपग्रेड दे रहा. चीन J-10C जेट्स, JF-17, HQ-9 डिफेंस सिस्टम और फ्रिगेट्स. मई टकराव के बाद डील्स तेज. भारत को चुनौती है- हवाई-नौसैनिक खतरा. BVR युद्ध में पाक को फायदा होगा. S-400, राफेल अपग्रेड जरूरी.
ऑपरेशन सिंदूर में पाक को करारा झटका मिला है. एयर चीफ एपी सिंह ने कहा कि हमने 4 रडार, 2 कमांड सेंटर, 2 रनवे, 3 हैंगर, 1 सी-130, 1 एडब्ल्यूएसी, 4-5 एफ-16 नष्ट किए. हवा में 300 किमी दूर 1 एडब्ल्यूएसी और 5 फाइटर (एफ-16/जेएफ-17) गिराए. कुल 9-10 फाइटर खराब किए.
तेजस-Mk1A भारत का 4.5 पीढ़ी का फाइटर जेट अक्टूबर 2025 में डिलीवर होगा. यह पाकिस्तान के JF-17 से रेंज और स्टील्थ में और चीन के J-10C से मैन्यूवरेबिलिटी में बेहतर है. Astra और ASRAAM मिसाइलें इसे खास बनाती हैं.
चीन ने 44 देशों को हथियार और विमान बेचकर वैश्विक हथियार बाजार में अपनी जगह बना ली है. पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार और अफ्रीकी देश इसके सबसे बड़े खरीदार हैं. लेकिन JF-17, K-8W और FM-90 जैसे हथियारों की खराबी ने उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं. फिर भी, सस्ते दाम, आसान शर्तें और पश्चिमी प्रतिबंधों की वजह से कई देश चीन की ओर देख रहे हैं.
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जिन हथियारों का इस्तेमाल किया है, उनमें DJI मिलिट्री वर्जन ड्रोन, PL-15 AAM मिसाइलें शामिल हैं. इसके अलावा सतह से हवा में मारने वाले HQ-9 एयर डिफेंस का इस्तेमाल किया गया है. पाकिस्तान ने JF-17, F-16 और J-10C फाइटर जेट्स से भी भारत पर हमले की कोशिश की है.
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है. इसी बीच, भारत ने पाकिस्तान के उन हथियारों को मार गिराया है, जो उसने चीन से खरीदे थे. इनमें JF-17 और HQ-9 शामिल है.
114 बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों को शामिल करने की योजना से वायु सेना को स्वदेशी लड़ाकू विमानों के साथ-साथ अगले 10 वर्षों तक अपनी स्क्वाड्रन पॉवर को बनाए रखने में मदद मिलेगी.
पाकिस्तान और बांग्लादेश अपनी सेना को ताकतवर बनाने के लिए चीन से फाइटर जेट खरीद रहे हैं. बांग्लादेश भी पाकिस्तान के रास्ते पर चल रहा है. लेकिन सवाल ये है कि क्या ये दोनों देश मिलकर भी भारत के बराबर की ताकत हासिल कर पाएंगे. आइए जानते हैं भारत के सामने इन देशों का दम...