इजरायली आर्मी ने कहा है कि गाजा में अब आधिकारिक तौर पर कोई भी इजरायली बंधक हमास की कैद में नहीं है. बंधकों की खोज के लिए इजरायली सेना कई दिनों से ऑपरेशन चला रहा थी. इस दौरान गाजा में कब्रिस्तान से फौजी बंधक के शव को निकाला गया.
24 वर्षीय पुलिस अधिकारी रैन ग्विली की मौत 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में हुई थी. उनके शव को हमास के आतंकी गाजा लेकर चले गए थे. आखिरी बंधक का शव मिलने के बाद इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम के दूसरे चरण का रास्ता साफ हो गया है.
7 अक्टूबर 2023 के हमास ने अचानक इजरायल पर हमले कर सबको चौंका दिया था. इस हमले में कई इजरायली को मार दिया गया और कुछ को बंधक बनाकर हमास आतंकी अपने साथ ले गए थे. जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने गाजा में हमास के ठिकानों पर भीषण हमले किए.
इजरायल की कार्रवाई में हजारों फिलिस्तीनी मारे गए और हमास की कमर लगभग टूट गई. इजरायली सेना के उत्तरी गाजा के एक कब्रिस्तान में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जाने के बाद रैन ग्विली का शव खोजा गया और उनकी पहचान की गई.
इजरायल के इस ऐलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी रिएक्शन आया है. ट्रंप ने कहा, 'गाजा में आखिरी बंधक का शव अभी-अभी बरामद किया गया. इस प्रकार, सभी 20 जीवित बंधकों को वापस लाया गया और सभी मृतकों को भी! शानदार काम! अधिकांश लोगों ने इसे असंभव माना था. मेरी बेहतरीन चैंपियन टीम को बधाई.'
हाउस रिपब्लिकंस ने ट्वीट कर कहा, राष्ट्रपति ट्रंप, हमास के खिलाफ इजरायल के युद्ध को समाप्त कराने और बंधकों को घर लाने में आपके नेतृत्व के लिए धन्यवाद. रैन ग्विली के शव की बरामदगी के साथ यह दर्दनाक अध्याय अब समाप्त हो सकता है. हम इजरायली लोगों के साहस को कभी नहीं भूलेंगे, न ही उन लोगों के नाम जिन्हें हमने खोया है.
इधर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप प्रशासन को थैंक्स कहा. प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप की योजना के तहत, इजरायल ने रफा क्रॉसिंग को केवल पैदल यात्रियों के लिए सीमित रूप से फिर से खोलने पर सहमति दी है.
रफा क्रॉसिंग को फिर से खोलने की शर्त यह थी कि सभी जीवित बंधकों की वापसी हो. साथ ही हमास की ओर से सभी मृत बंधकों का पता लगाने और उन्हें वापस लाने के लिए 100 फीसदी प्रयास किया जाए.