ग्रेटर नोएडा वेस्ट (Greater Noida West) उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित एख शहर है. यह शहर 1976 के यूपी औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम के तहत क्षेत्र के विस्तार के रूप में बनाया गया था. शुरुआत में, डेवलपर्स ने इसे नोएडा से अलग करने के लिए 'नोएडा एक्सटेंशन' नाम दिया था. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बाद में इस क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर 'ग्रेटर नोएडा वेस्ट' नाम रखा.
यह शहर राजधानी नई दिल्ली से लगभग 30 किमी दूर स्थित. शहर का प्रशासन ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) द्वारा किया जाता है.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पैरामाउंट इमोशंस सोसायटी में घरेलू विवाद के बाद एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 16वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. मृतक शत्रुघ्न सिन्हा (38) बेरोजगारी और पारिवारिक तनाव से जूझ रहा था. शराब के नशे में विवाद के दौरान उसने साली पर चाकू से हमला किया. पुलिस सूचना से पहले ही उसने छलांग लगा दी. अस्पताल में उसकी मौत हो गई. पुलिस जांच जारी है.
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उनकी शोक सभा में पिता पहली बार कैमरे के सामने आए. उन्होंने मीडिया और यूपी सरकार का धन्यवाद किया, लेकिन 2 घंटे की लापरवाही का आरोप भी लगाया. युवराज ने गड्ढे में फंसे होकर दो घंटे तक संघर्ष किया. वीडियो वायरल होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन की देरी और प्रशासन की फॉर्मेलिटी पर सवाल उठे. पिता ने भविष्य में ऐसे हादसे रोकने की बात कही और बहादुर युवक मुनींद्र की सराहना की.
ग्रेटर नोएडा में दिवंगत इंजीनियर युवराज मेहता की शोक सभा में सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजलि दी. पिता राजकुमार मेहता भावुक दिखे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. वहीं सेक्टर-150 हादसे से जुड़े दो नए वीडियो सामने आए, जिनमें रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी के आरोप लगाए गए हैं. वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पर सवाल उठे हैं. मामले में गठित एसआईटी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है.
नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है. नोएडा पुलिस ने इस प्रकरण में दूसरा मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार, सेक्टर-150 स्थित एक भूखंड में वर्षों से भरा प्रदूषित पानी और खुला, गहरा खड्डा इस हादसे की मुख्य वजह बना.
नोएडा के सेक्टर-150 में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई. कुछ दिन पहले ही ट्रक ड्राइवर गुरविंदर सिंह उसी स्थान पर बाल-बाल बच गए थे, जहां सड़क पर संकेतक, रिफ्लेक्टर और बैरिकेड नहीं थे और घना कोहरा था. सिंह ने डेवलपर और अधिकारियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में कार्रवाई की मांग की. घटना के बाद यूपी सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटाया, SIT जांच का आदेश दिया.
ग्रेटर नोएडा सेक्टर 150 में 16-17 जनवरी की रात डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में उनकी कार को एनडीआरएफ ने बरामद कर लिया. मुख्य आरोपी बिल्डर अभय कुमार को हरियाणा के पलवल से गिरफ्तार कर कोर्ट ने 1 दिन की न्यायिक हिरासत दी. एसआईटी जांच में जुटी है और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा चुकी है. परिजन और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर सुरक्षा इंतज़ाम सही होते तो हादसा टाला जा सकता था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवराज दो घंटे तक कार में फंसा रहा.
महानगरों में घर की आसमान छूती कीमतों के बीच 50 लाख का बजट चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं. नोएडा से मुंबई तक, देश के ये 5 उभरते इलाके आज भी मिडिल क्लास को बेहतरीन कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के साथ अपने सपनों का आशियाना दे रहे हैं.
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में गड्ढे में गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत मामले की जांच के लिए SIT नोएडा पहुंची. एडीजी भानु भास्कर के नेतृत्व में टीम ने अधिकारियों से पूछताछ की और मौके का निरीक्षण किया. जांच में दो घंटे तक मदद न मिल पाने के कारण तलाशे जा रहे हैं. बिल्डर की गिरफ्तारी हो चुकी है
ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है. नॉलेज पार्क थाना पुलिस के अनुसार जांच में उसकी भूमिका सामने आई है. प्राधिकरण की बैठक के बाद एसआईटी ने जांच तेज कर दी है और अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई संभव है. रेस्क्यू में देरी, सुरक्षा चूक और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
नोएडा सेक्टर-150 हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद प्राधिकरणों की लापरवाही उजागर हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त कार्रवाई के बाद नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटाया गया, जिससे ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में हड़कंप मच गया. अब ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सड़कों पर रिफ्लेक्टर, मार्किंग और बैरिकेडिंग का काम तेज कर दिया गया है.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बोनट पर लेटे बच्चे के साथ तेज रफ्तार में दौड़ती लग्जरी कार का वीडियो वायरल हो रहा है. इस मामले में पुलिस ने वाहन सीज करने के साथ ही चालक को गिरफ्तार कर लिया है.
नोएडा सेक्टर 150 में डूबकर एक इंजीनियर की मौत के बाद नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा इंतज़ाम होते तो हादसा टल सकता था. एसीईओ सतीश पाल ने जांच की बात कहते हुए एक जूनियर इंजीनियर की सेवा समाप्त करने की जानकारी दी. अधिकारियों के अस्पष्ट जवाबों से नाराज़गी बढ़ी है और लोग जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.
ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता दो घंटे तक डूबते हुए मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन बचाव नहीं हुआ. कोहरा और ठंड का हवाला देकर रेस्क्यू टाल दिया गया. पिता बेबस देखते रहे. घटना ने प्रशासन की लापरवाही और आपात तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.
पिछले कुछ सालों में नोएडा में घरों के दाम इतने तेजी से बढ़े हैं कि आम मिडिल क्लास शख्स यहां घर खरीदने की सोच भी नहीं सकता, बड़े-बड़े बिल्डर यहां लग्जरी प्रोजेक्ट लेकर आ रहे हैं जिनकी शुरुआती रेंज एक करोड़ है.
ग्रेटर नोएडा हादसे के चश्मदीद मनिंदर ने दावा किया कि युवराज को बचाने की कोशिश के बाद उन्हें पांच घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया. मनिंदर का कहना है कि उन्होंने जो देखा, जो किया वही फिर से पुलिस वालों को बताया. वह कहते हैं कि इसके बाद भी उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है. उनका आरोप है कि बड़े बिल्डर खुद को बचाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं.
रिटायर्ड एसबीआई निदेशक राजकुमार मेहता को उनका बेटा युवराज फोन करता है 'मुझे बचा लीजिए, मैं डूब जाऊंगा… मेरी कार नाले में गिर गई है.' आधे घंटे बाद पिता घटना स्थल पर पहुंचते हैं. पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के 80 कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद संसाधनों की कमी और जोखिम के डर के चलते कोई पानी में नहीं उतरता. निक्कमे सिस्टम और बेबस पिता के सामने ही युवराज तड़प-तड़प कर दम तोड़ देता है.
ग्रेटर नोएडा में पानी से भरे गड्ढे ने एक होनहार सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जिंदगी छीन ली. हादसे के वक्त युवक मदद के लिए चीखता रहा, मोबाइल की टॉर्च जलाकर अपनी मौजूदगी बताता रहा, लेकिन समय पर रेस्क्यू नहीं हो सका. अब पिता और चश्मदीद लापरवाही के आरोप लगाते हुए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक हाईराइज सोसायटी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. लिफ्ट के अंदर 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला से चेन स्नेचिंग की कोशिश ने सोसायटीवासियों को दहशत में डाल दिया है. दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद पुलिस जांच में जुटी है और आरोपी की तलाश की जा रही है.
एक तरफ तेजी से बढ़ता सिद्धार्थ विहार तो दूसरी तरफ विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर वाला नोएडा एक्सटेंशन हैं. प्रॉपर्टी से पैसा बनाने का क्या है सही फॉर्मूला और कहां निवेश करने से भविष्य में मुनाफा मिलेगा.
गौतमबुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस ने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए वाहनों की स्पीड लिमिट कम की है. 15 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक यमुना एक्सप्रेस-वे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे और एलिवेटेड रोड पर तय स्पीड में ही गाड़ी चलाने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है.
NCR का प्रॉपर्टी बाजार हमेशा से ही चर्चा में रहने वाले बाजारों में से एक रहा है, लेकिन साल 2025 में, NCR ने खरीदारी के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. इस साल, लोगों ने यहां जमकर घरों की खरीदारी की, जिसने इस क्षेत्र में निवेशकों का भरोसा और बढ़ा दिया.