स्मिता वर्तमान में AajTak.in में बतौर असोसिएट एडिटर कार्यरत हैं. दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी इनवेस्टिगेटिव ग्राउंड रिपोर्ट्स ने लोगों के बीच एक खास पहचान बनाई है. ग्राउंड रिपोर्टिंग की चुनौतियों से लेकर डेस्क की बारीकियों तक, पत्रकारिता के हर मोर्चे पर महारत हासिल है. डिजिटल इनोवेशन और इंटरैक्टिव स्टोरीटेलिंग के जरिए खबरों को पाठकों के लिए और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही हैं.
पत्रकारिता का सफर नंबर वन न्यूज़ चैनल 'आजतक' से शुरू हुआ, जहां इस पेशे की बारीकियां सीखीं. डिजिटल मीडिया के उभरते दौर में News18 के साथ अपनी नई पारी शुरू की और शिफ्ट हेड से लेकर एंटरटेनमेंट और फीचर हेड जैसे पदों पर रहते हुए कंटेंट को डिजिटल युग के अनुरूप नई दिशा दी. 'द क्विंट' के साथ मल्टीमीडिया डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखते हुए अपनी धारदार लेखनी और विजुअल स्टोरीटेलिंग से नए मानक स्थापित किए.
पत्रकार के साथ-साथ लेखिका भी हैं. कश्मीर के दूर-दराज इलाकों में ग्राउंड रिपोर्टिंग के अपने अनुभवों और वहां की जमीनी हकीकत को अपनी पुस्तक 'लव इन बालाकोट' में बेहद संजीदगी से पिरोया है. यह किताब कश्मीर की वादियों में पनपती संवेदनाओं और आतंकवाद से प्रभावित जीवन की जटिलताओं को बयां करती है. खबरों की दुनिया से इतर, डॉक्यूमेंट्री बनाने और समाज के अनछुए पहलुओं पर किस्से-कहानियां बुनने का शौक है.