
कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने महाशिवरात्री यानी 15 फरवरी 2025 को 305 कन्याओं का सामूहिक विवाह का आयोजन किया. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित गढ़ा के बागेश्वर धाम में इन कन्याओं के विवाह में शामिल होने कई साधु-संत, वीआईपी और वीवीआईपी लोग पहुंचे. इस दौरान हर रस्म काफी अच्छी तरह से निभाई गई. शादी से पहले हल्दी की रस्म भी हुई जिसका एक वीडियो सामने आया है जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इस वीडियो में पंडित धीरेंद्र शास्त्री कथावाचक देवी चित्रलेखा के पति माधव प्रभु जी का कुर्ता फाड़ते दिख रहे हैं.
क्या है वीडियो में

पंडित धीरेंद्र शास्त्री पहले हल्दी रस्म के दौरान वहां मौजूद लोगों को हल्दी लगा रहे हैं. फिर इतने में ही वहां माधव प्रभु जी आते हैं तो धीरेन्द्र शास्त्री पहले उन्हें हल्दी लगाते हैं और फिर हल्दी की थाली माधव प्रभु जी के सिर पर रगड़ देते हैं ताकि उनके बालों पर भी हल्दी लग जाए. इसके बाद सभी लोग मस्ती में माधव प्रभु जी का नीले रंग का कुर्ता फाड़ देते हैं और सभी हंसने लगते हैं.
हल्दी को जो वीडियो सामने आया है, उसमें देवी चित्रलेखा मंच से लोगों से बात करते हुए कहती हैं, 'कल हल्दी की लीला हुई. आप विवाह में लोगों को आशीर्वाद देते हुए भी देखोगे, नाचते हुए भी देखगे, पर हल्दी में कुर्ता फाड़ते हुए तो आपने यहीं देखा होगा.
फिर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से कहा, 'जो पूज्या देवी चित्रलेखा जी ने कहा कि हल्दी में हल्दी तो बहुत लगी, पर कुर्ता फाड़ हल्दी हुई. इस पर हम एक बात बोलें तो जो पहला कुर्ता कल फटा है, वो देवी जी के स्वामी जी (पति) का ही फटा है और फिर बाद में हमारे भ्राताश्री का भी फटा है. कल कुर्ता फाड़ हल्दी हुई है. कल बद्रीनाथ वाले महाराज जी ने भी खूब आनंद लिया.'
देवी चित्रलेखा और उनके पति के बारे में जानें

देवी चित्रलेखा का जन्म 19 जनवरी 1997 में हरियाणा के पलवल जिले में एक गांव में हुआ था. वह मुख्य रूप से श्रीमद् भागवत कथा और भगवान कृष्ण के भजन के लिए जानी जाती हैं.
माधव प्रभु जी देवी चित्रलेखा के पति हैं और वे उनके साथ मिलकर ही श्रीमद्भागवत कथा और संकीर्तन यात्राओं का संचालन करते हैं. जब देवी चित्रलेखा 20 साल की थीं, तब उनकी शादी छत्तीसगढ़ के रहने वाले माधव प्रभु जी से हुई थी.