धार
धार भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक जिला है जो मालवा क्षेत्र में स्थित है. यह शहर धार जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है. शहर के उत्तर में रतलाम, पूर्व में इंदौर, दक्षिण में बड़वानी और पश्चिम में झाबुआ और अलीराजपुर हैं (Jhabua and Alirajpur). यह शहर महू से 34 मील (55 किमी) पश्चिम में स्थित है. इस जिले का क्षेत्रफल 8153 वर्ग किलोमीटर है (Dhar Area). धार जिले में 8 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं (Dhar Assembly constituency).
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक धार की जनसंख्या (Dhar Population) 21.84 लाख है. यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 961 है. इसकी 60.57 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 71.12 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 49.69 फीसदी है (Dhar literacy).
भारतीय स्वतंत्रता से पहले, यह धार रियासत की राजधानी थी. अकबर के प्रशासनिक संगठन में, धार मालवा के सूबे के मांडू सरकार (Mandu Sarkar) में एक महल का मुख्य शहर था. दक्कन (Deccan) पर आक्रमण का निर्देश देते हुए अकबर सात दिनों तक धार में रहा. वह कई बार मांडू भी गए. मांडू सम्राट जहांगीर (Emperor Jahangir) का भी पसंदीदा रिसॉर्ट था, जो 1616 ईस्वी में छह महीने से अधिक समय तक यहां रहे थे. अपने संस्मरणों में, जहांगीर ने मांडू में सुखद जलवायु और सुंदर दृश्यों के लिए शानदार श्रद्धांजलि अर्पित की है. जब बाजी राव पेशवा ने मालवा को सिंधिया, होल्कर और तीन पवार प्रमुखों के बीच विभाजित किया, तो 1832 ई. में धार आनंद राव पवार को दिया गया था. धार के शासकों ने 1948 तक इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया (History Dhar).
धार जिले की एक समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा है और जिले में ऐतिहासिक महत्व के कई स्थान हैं (Rich Historical Tradition). धार शहर अपने आप में बहुत प्राचीन है. यहां का भोजशाला, धार किला, रजवाड़ा, धारेश्वर मंदिर, कालिका मंदिर, आनंदेश्वर मंदिर, लाट मस्जिद प्रमुख पर्यटक स्थल हैं (Tourist Places Dhar).
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने धार के सरकारी इमामबाड़े की चाबियां मुस्लिम समुदाय को 24 घंटे में सौंपने का आदेश दिया है. मुहर्रम तक पांच दिन इस्तेमाल की अनुमति मिली है.
AANKHO DEKHI: मध्यप्रदेश के धार जिले के उटावा गांव में जल संकट की भयावह तस्वीर. महिलाएं रोज 50 फीट गहरी खाई में उतरकर रिसते पानी की बूंदों से बर्तन भरने को मजबूर हैं, जबकि गांव में जल जीवन मिशन की पाइपलाइन बिछ चुकी है....
मध्य प्रदेश के धार जिले के उटावा गांव में पानी की समस्या आज भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. ग्रामीणों का दावा है कि पाइपलाइन बिछने के बावजूद उन्हें नियमित जलापूर्ति नहीं मिल रही. हालात ऐसे हैं कि महिलाओं को रोजाना दूर स्थित एक गहरी खाई तक पहुंचकर जमीन से रिसते पानी को इकट्ठा करना पड़ता है. यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और जमीनी चुनौतियों पर कई सवाल खड़े करती है.
मध्यप्रदेश के धार जिले के उटावा गांव में झुलसा देने वाली गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत से जूझ रही ग्रामीण महिलाएं हर रोज 50 फीट गहरी खाई में उतरकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं जो हर घर जल के दावों पर बड़े सवाल खड़े करता है.
मध्य प्रदेश के धार जिले के गांव उटावा में कागज पर विकास की पाइप बहुत पहले ही बिछ चुकी है. लेकिन जनता तक उसकी पहुंच अब भी दूर है. इतनी दूर कि इन तक विकास की उसी पाइप से पानी पहुंचाने के लिए खबरदार करना जरूरी है. देखें ये रिपोर्ट.
धार भोजशाला में सीएम मोहन यादव ने पूजा की. इस दौरान 'मां सरस्वती लोक' और राजा भोज रिसर्च इंस्टिट्यूट बनाने के अलावा आंदोलन के शहीदों के परिवारों को 5-5 लाख की मदद देने का ऐलान किया...
IPS Sachin Sharma: धार जिले के विवादित भोजशाला परिसर पर आए हाई कोर्ट के फैसले के बाद पूरी दुनिया की नजरें इस संवेदनशील शहर पर टिकी थीं. अफवाहों का बाजार गर्म था और तनाव के हालात बन सकते थे, लेकिन मध्य प्रदेश कैडर के एक जांबाज IPS अफसर ने अपनी 'फौलादी' कार्यशैली और 'कड़क' तेवरों से जिले में कानून का राज कायम रखा.
धार भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है. हिंदू पक्ष ने पहले ही कैविएट दाखिल कर दी है. नमाज की अनुमति रद्द करने और मंदिर घोषित करने पर छिड़ी कानूनी जंग....
धार एसपी IPS सचिन शर्मा ने भोजशाला फैसले के बाद कानून तोड़ने वालों को सख्त लहजे में अंतिम चेतावनी दी है. शुक्रवार को लेकर 1500 जवान तैनात रहेंगे, इससे पहले गुरुवार शाम वज्र और योद्धा वाहनों के साथ फ्लैग मार्च किया गया...
धार भोजशाला में हाई कोर्ट के फैसले के बाद पहले शुक्रवार को लेकर भारी सुरक्षा बल तैनात. हिंदू संगठनों ने 721 साल बाद 'अखंड पूजा' का आह्वान किया. ASI का नमाज वाला आदेश रद्द...
धार की भोजशाला में 721 साल बाद शुक्रवार को होने वाली सामूहिक पूजा को लेकर माहौल संवेदनशील है. भोज उत्सव समिति ने पूजा और महाआरती का आह्वान किया है. वहीं प्रशासन ने शांति समिति बैठक कर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने और शांति बनाए रखने की अपील की है. सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी पर निगरानी रखी जा रही है.
Dhar Bhojshala Temple में ASI Guidelines जारी होने के बाद पूजा अर्चना शुरू हो गई है. श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और Maha aarti की खास तैयारी की जा रही है. High Court फैसले के बाद मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान, हवन और मंत्रोच्चार का माहौल बना हुआ है.
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद ASI ने धार भोजशाला में हिंदुओं को बेरोक टोक प्रवेश और पूजा का अधिकार दिया. 2003 का नमाज और पूजा से जुड़ा पुराना आदेश पूरी तरह निरस्त...
भोजशाला फैसले पर वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार ने जताई खुशी. इसे सांस्कृतिक न्याय और ऐतिहासिक सच्चाई की जीत बताया. ब्रिटिश म्यूजियम से मां सरस्वती की मूर्ति वापस लाने और संस्कृत केंद्र बनाने की मांग की.
धार भोजशाला विवाद पर MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला. ASI रिपोर्ट के आधार पर परिसर को मंदिर घोषित किया गया. अब शहर काजी वकार सादिक ने रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया...
MP के धार जिले स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर कानूनी बहस अब और तेज हो गई है. हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में शुक्रवार को हुई सुनवाई ने इस दशकों पुराने विवाद को एक नए कानूनी मोड़ पर खड़ा कर दिया है.
भोजशाला केस अपडेट: MP सरकार ने हाई कोर्ट में कहा कि 1935 का रियासती आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं है. एडवोकेट जनरल ने ASI की रिपोर्ट और अयोध्या केस के सिद्धांतों पर जोर दिया.
धार भोजशाला केस में अब जैन समुदाय ने याचिका दाखिल कर दी. दावा किया कि ब्रिटिश म्यूजियम की प्रतिमा सरस्वती नहीं, जैन यक्षिणी अंबिका की है. समाज ने अब हाई कोर्ट से पूजा की अनुमति मांगी है और 2003 के आदेश को चुनौती दी.
मध्य प्रदेश के धार जिले में बुधवार शाम मजदूरों से भरी पिकअप वाहन पलटने से 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 बच्चे शामिल हैं. हादसा चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास रात करीब 8:30 बजे हुआ. वाहन में 30–35 मजदूर सवार थे.
भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष ने MP हाई कोर्ट में 1935 का 'राजपत्र' पेश किया. दावा किया कि धार रियासत ने इसे मस्जिद घोषित किया था. ASI और सरकार के बदलते स्टैंड पर भी उठाए सवाल. पढ़ें कोर्ट की पूरी अपडेट...
मध्य प्रदेश के धार में तेंदुए के हमले में चार लोग घायल हो गये. तेंदुआ गुजरी डेहरिया बस्ती गांव में घुस आया. घायलों में एक महिला भी शामिल है. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और तेंदुए को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं. इस हमले का वीडियो भी सामने आया है.