
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के हालिया दक्षिण कोरिया दौरे के सकारात्मक परिणाम आने शुरू हो गए हैं. शुक्रवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री और दक्षिण कोरिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई विशेष बैठक में पंजाब के कृषि क्षेत्र की सूरत बदलने के लिए एक व्यापक सहमति बनी है.
इस साझेदारी का मुख्य केंद्र स्मार्ट खेती, उन्नत मशीनरी और बायोटेक्नोलॉजी है. मुख्यमंत्री मान ने बैठक में चिंता जताई कि पंजाब में जमीन के लगातार बंटवारे के कारण छोटे और सीमांत किसानों के लिए पारंपरिक खेती अब मुनाफे का पेशा नहीं रह गई है.
सीएम मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब स्मॉल एग्रीकल्चर मशीनरी सेक्टर में दक्षिण कोरिया से निवेश को आमंत्रित कर रहा है. इससे न केवल खेती में आधुनिक मशीनों की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा होगा.उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया की वर्टिकल फार्मिंग तकनीक, जो सीमित भूमि में अधिक उत्पादन के लिए जानी जाती है, पंजाब जैसे राज्यों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है.

ऑटोमेशन और एग्री-मशीनरी में निवेश का न्योता
राज्य सरकार पंजाब को स्मॉल एग्री-मशीनरी हब के रूप में विकसित करना चाहती है. सीएम मान ने कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को पंजाब के अनुकूल औद्योगिक माहौल का हवाला देते हुए निवेश का आमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि पंजाब ऑटोमेशन, स्मार्ट बीज तकनीक और कृषि मशीनरी के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं तलाश रहा है.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दक्षिण कोरियाई कंपनियों को 13 से 15 मार्च 2026 तक मोहाली में होने वाले 'प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन' में शामिल होने का न्योता भी दिया. उन्होंने अपनी 'पंग्यो टेक्नो वैली' यात्रा को याद करते हुए कहा कि पंजाब अब वैश्विक नवाचारों से लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है.

प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब सरकार के सकारात्मक रुख और कामकाज के माहौल की सराहना की. इस सहयोग से पंजाब के किसानों को भविष्य में कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर तकनीक मिलने का रास्ता साफ हो गया है.