आतिशी
आतिशी (Atishi) दिल्ली से आम आदमी पार्टी की विधायक हैं (Atishi MLA AAP). सितंबर 2024 मेंं अरविंद केजरीवाल के आवास पर विधायक दल की बैठक हुई जिसमें विधायकों ने आतिशी को अपना नेता चुना था और उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने पर अपनी सहमती दी थी.
वह आप की राजनीतिक मामलों की समिति की सदस्य भी हैं. उन्होंने जुलाई 2015 से 17 अप्रैल 2018 तक शिक्षा के लिए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Deputy CM, Manish Sisodia ) के सलाहकार के रूप में कार्य किया है.
आतिशी 2015 में मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में जल सत्याग्रह में शामिल थीं. साथ ही, विरोध प्रदर्शनों के साथ-साथ कानूनी लड़ाई के दौरान भी आप नेता और उनके अभियान का नेतृत्व करने वाले कार्यकर्ता आलोक अग्रवाल को समर्थन प्रदान किया था. 2020 के चुनावों के बाद, उन्हें गोवा इकाई के लिए आप का प्रभारी बनाया गया (Atishi Political Career).
आतिशी का जन्म 8 जून 1981 को दिल्ली में हुआ था. वह एक पंजाबी राजपूत परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता का नामविजय सिंह है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं. उनकी मां का नाम तृप्ता वाही है (Atishi Parents).
उन्होंने स्प्रिंगडेल्स स्कूल (पूसा रोड), नई दिल्ली से हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की. फिर 2001 में सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से इतिहास में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. इसके बाद, वह ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय इतिहास में मास्टर डिग्री पूरी की. 2005 में वह मैग्डलेन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में शामिल हो गईं.
आतिशी ने कुछ समय आंध्र प्रदेश के ऋषि वैली स्कूल में पढ़ाया है. साथ ही, गैर-लाभकारी संगठन, संभावना इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी के साथ भी काम किया है (Atishi Works).
गोवा में हुए स्थानीय चुनावों में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. परिणाम आने के बाद अब पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है. प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर को पद से हटा दिया गया है. श्रीकृष्ण परब को अंतरिम चार्ज दिया गया है.
अरविंद केजरीवाल गोवा के कारापुर-श्रवण गांव में धरने पर बैठे ग्रामीणों का समर्थन करने पहुंचे. उन्होंने कहा कि गोवा में बीजेपी सरकार बिल्डरों के लिए काम कर रही है और जनता अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रही है. केजरीवाल ने आश्वासन दिया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर धारा 39(ए) और इसके तहत दी गई सभी अनुमतियां रद्द कर दी जाएंगी.
Arvind Kejriwal at Rajghat: दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल राजघाट पहुंचे. उनके साथ दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी और मनीष सिसोदिया भी पहुंचे. केजरीवाल सत्याग्रह करने वहां पहुंचे हैं. बताते दें कि कल केजरीवाल ने कहा था कि वो जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के खिलाफ सत्याग्रह करेंगे. इसी कड़ी में आज केजरीवाल राजघाट पहुंचे.
शनिवार को ही प्रवेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि केजरीवाल का नया सरकारी बंगला बेहद भव्य और आलीशान है. उन्होंने कुछ तस्वीरें जारी कर इसे “शीशमहल-2” बताया और सवाल उठाया कि इस पर कितना खर्च हुआ और पैसा कहां से आया. इस पर AAP ने तीखा पलटवार किया है.
Aam Aadmi Party ने Parvesh Verma की ‘Sheeshmahal 2’ वाली तस्वीरों को Fake करार देते हुए पलटवार किया है. इस मुद्दे पर Atishi Marlena और Sanjay Singh ने LG और CM को खुली चुनौती दी.
दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी सिंह ने हाल ही में राघव चड्ढा पर तीखा हमला किया. जब उनसे सवाल किया गया कि क्या राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल होंगे, तो मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी का एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर है.
दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने हाल ही में राघव चड्ढा पर तीखा हमला किया. जब उनसे सवाल किया गया कि क्या राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल होंगे, तो मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी का एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर है. इस SOP के तहत पार्टी नेताओं को धमकाती, डराती और प्रलोभन देती है. कई विपक्षी नेता डर, दबाव या प्रलोभन में आकर बीजेपी का दामन थाम लेते हैं. शायद यही कुछ राघव चड्ढा के साथ भी हो रहा है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में गलत तरीके से नाम काटे जाने का मामला हो या गुजरात में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का, राघव चड्ढा ने ये मुद्दे नहीं उठाए. वॉकआउट के दौरान अपनी सीट पर बैठे रहना भी व्हिप का उल्लंघन है.
राघव चड्ढा पर बरसे सीएम भगवंत मान. बोले राघव चड्ढा कम्प्रोमाइज्ड हो चुके हैं. आम आदमी पार्टी और उसके राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है. पार्टी में राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद चड्ढा ने वीडियो जारी कर अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए है. इसके जवाब में पार्टी नेताओं ने भी कड़ा रुख अपनाया है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ये पद बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है
एक व्यक्ति जो आईआरएस की नौकरी छोड़कर दिल्ली की झुग्गियों में काम करने लगा और सड़क पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून के लिए संघर्ष कर रहा था. जब उस पर और उसके परिवार पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगे तो उनकी स्थिति पर सोचिए. जेल जाने के बावजूद, पार्टी के सभी नेताओं के जेल मास होने के बाद भी अरविंद केजरीवाल ने हार नहीं मानी. वह झुके नहीं और दबे नहीं। यह कहानी साहस और हिम्मत की मिसाल है.
कोर्ट के ताजा आदेश से यह साफ हो गया है कि सच्चाई का रास्ता चाहे कितना भी कठिन और संघर्षपूर्ण हो, अंत में सच्चाई की ही जीत होती है. अरविंद केजरीवाल पर कई आरोप लगाए गए और उन पर कीचड़ फेंका गया, लेकिन कोर्ट के फैसले ने इस बात को साबित कर दिया कि न्याय और सत्य अपनी जगह सबसे ऊपर रहते हैं. यह घटना हमें यह सिखाती है कि संघर्षों के बावजूद हमें सच्चाई के साथ डटे रहना चाहिए.
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में आतिशी को एक औपचारिक पत्र जारी किया है. पत्र में कहा गया है कि विपक्ष के सदस्यों के निलंबन को लेकर मीडिया में दिए गए उनके बयानों से सदन की गरिमा और विशेषाधिकारों पर असर पड़ने की आशंका है.
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने आतिशी पर साधा निशाना.
दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति द्वारा भेजे गए नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है. उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि सिख गुरुओं का सम्मान उनके लिए जीवन का मूल्य है.
बांसुरी स्वराज ने कहा कि आतिशी दिल्ली, पंजाब या गोवा की विधानसभा में अपनी उपस्थिति क्यों नहीं दिखाती हैं. जब आम आदमी पार्टी के अधिकारियों की घोषणा हुई थी तब उनके प्रभारी के रूप में वहां होना आवश्यक था, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं थीं. यह स्थिति राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
बीजेपी नेता बांसुरी स्वराज का कहना है कि आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी के अचानक गायब होने की खबर ने सभी को हैरान कर दिया है. वह माफी मांगने की बजाय कहीं गायब हो गई हैं, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. इस घटना ने राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है.
दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं के अपमान का मुद्दा सियासी रणभूमि बन गया है. फोरेंसिक रिपोर्ट को लेकर बीजेपी और आप आमने-सामने हैं. बीजेपी माफी और कार्रवाई की मांग कर रही है, जबकि आप इसे राजनीतिक साजिश बता रही है. अब मामला सीबीआई जांच तक पहुंचता दिख रहा है.
आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पर सिख गुरुओं के अपमान के आरोप लगाए गए हैं, जो अब गंभीर मामला बन गया है. दिल्ली विधानसभा ने आतिशी को नोटिस जारी कर 19 तारीख को लिखित जवाब मांगा है.
AAP की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पर सिख गुरुओं के अपमान का मामला तेजी से बढ़ता जा रहा है. दिल्ली विधानसभा की ओर से आतिशी को नोटिस जारी किया गया है और उनसे 19 जनवरी तक लिखित जवाब मांगा गया है. स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी का वीडियो जांच के लिए फॉरेंसिक लेबोरेटरी (FSL) को भेजा गया था. अब FSL की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसके आधार पर नोटिस दिया गया है.
दिल्ली विधानसभा से जुड़े वीडियो मामले में जालंधर की अदालत ने पंजाब सरकार की याचिका पर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को वीडियो हटाने के आदेश दिए हैं. इस केस में कपिल मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति को पार्टी नहीं बनाया गया था, बल्कि केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ही पक्षकार बनाया गया.
दिल्ली की राजनीति में बीजेपी और AAP के बीच पोस्टर वॉर तेज हो गया है. बीजेपी ने आतिशी पर गुरुओं के अपमान का आरोप लगाते हुए लापता पोस्टर जारी किया, जबकि AAP ने कपिल मिश्रा पर पलटवार करते हुए माफी की मांग की है.