दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने विपक्ष की नेता आतिशी से मीडिया में दिए गए बयानों को लेकर 6 फरवरी 2026 तक लिखित जवाब मांगा है. यह मामला सदन से विपक्ष के सदस्यों के निलंबन से जुड़े उनके सार्वजनिक बयानों से संबंधित है, जिन्हें विधानसभा सचिवालय ने कथित तौर पर गलत और दुर्भावनापूर्ण बताया है.
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में आतिशी को एक औपचारिक पत्र जारी किया है. पत्र में कहा गया है कि विपक्ष के सदस्यों के निलंबन को लेकर मीडिया में दिए गए उनके बयानों से सदन की गरिमा और विशेषाधिकारों पर असर पड़ने की आशंका है. सचिवालय ने स्पष्ट किया कि यह विषय 6 जनवरी 2026 को माननीय विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा विशेषाधिकार समिति को संदर्भित किया जा चुका है.
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिन मीडिया बयानों को लेकर आपत्ति जताई गई है, उनसे संबंधित ऑडियो-वीडियो सामग्री और समाचार कवरेज को एक पेन ड्राइव में संकलित कर विशेषाधिकार समिति को भेजा गया है, ताकि मामले की तथ्यात्मक और निष्पक्ष जांच की जा सके. सचिवालय का कहना है कि इन बयानों को प्रथम दृष्टया सदन की कार्यवाही और निर्णयों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने वाला माना गया है.
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने आतिशी से आग्रह किया है कि वे इस पूरे मामले पर अपनी लिखित टिप्पणी और पक्ष 6 फरवरी 2026 तक उपलब्ध कराएं. सचिवालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके जवाब के आधार पर ही विशेषाधिकार समिति आगे की प्रक्रिया तय करेगी और मामले की विस्तृत जांच की जाएगी.