सिख गुरुओं के अपमान का मुद्दा गर्माता जा रहा है. शनिवार को बीजेपी और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं के खिलाफ विपक्ष की नेता आतिशी द्वारा कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के वीडियो पर आई फोरेंसिक रिपोर्ट को लेकर जुबानी जंग छेड़ दी.
यह मुद्दा विधानसभा के 6 जनवरी के सत्र से जुड़ा है, जिसमें सिख गुरु तेग बहादुर, भाई सती दास, भाई मति दास और भाई दयाला की शहादत के 350 वर्ष पूरे होने के मौके पर एक चर्चा हो रही थी.
सत्ताधारी बीजेपी ने आतिशी पर गुरु तेग बहादुर के खिलाफ 'असंवेदनशील शब्दों' का प्रयोग करने का आरोप लगाया और माफी मांगने की मांग की.
दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि चर्चा के दौरान आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सदन की गरिमा को ठेस पहुंची.
सिरसा का अतिशी पर वार
अब शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही की मूल रिकॉर्डिंग की जांच करने वाली फोरेंसिक रिपोर्ट ने यह स्थापित किया है कि प्रसारित वीडियो क्लिप प्रामाणिक थी और उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी.
सिरसा ने कहा, 'अतिशी मार्लेना आज तक (आरोपों का खंडन करने के लिए) सामने नहीं आई हैं क्योंकि उनके पास इस पाप का कोई जवाब नहीं है.'
उन्होंने आरोप लगाया कि 6 जनवरी को गुरु तेग बहादुर की शहादत पर हुई चर्चा के दौरान, आतिशी ने हंगामा किया और ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिससे सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची और सदन की गरिमा को ठेस पहुंची.
पंजाब में तैयार की गई एक अलग फोरेंसिक रिपोर्ट को खारिज करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एआई टूल के इस्तेमाल से इसकी विश्वसनीयता पर संदेह पैदा हो गया है.
उन्होंने संस्थाओं के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया और दावा किया कि पंजाब पुलिस और राज्य एजेंसियां आतिशी को बचाने के लिए काम कर रही थीं.
उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) पर मीडिया को इस मुद्दे को दबाने के लिए दबाव डालने का भी आरोप लगाया, और दावा किया कि अखबारों की प्रतियां वितरण से हटा दी गईं और दबाव बनाने के लिए नियामक एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया.
उन्होंने मांग की कि आतिशी अपनी टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण दें, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल देश और सिख समुदाय से माफी मांगें और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सार्वजनिक रूप से माफी मांगें.
सिरसा ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अन्य पंथिक संगठनों से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की.
विधानसभा अध्यक्ष बोले- सीबीआई जांच की मांग होगी
इसके जवाब में, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया.
शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा था कि फोरेंसिक जांच में पाया गया है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है और इस मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया जाएगा.
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि स्पीकर को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के बजाय उसे विशेषाधिकार समिति को भेजना चाहिए था.
ढांडा ने दावा किया कि जालंधर की एक अदालत में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट सहित दोनों फोरेंसिक रिपोर्टों से यह साबित होता है कि आतिशी ने कार्यवाही के दौरान "गुरु" शब्द का उच्चारण नहीं किया था, और आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं ने महत्वपूर्ण निष्कर्षों को छिपाते हुए रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को चुनिंदा रूप से उजागर किया है.
आप नेता ने दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा पर भी हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने वीडियो क्लिप साझा करते समय आपत्तिजनक पाठ डालकर सिख गुरुओं का अपमान किया है और उनके बर्खास्तगी की मांग की.
पार्टी के रुख का समर्थन करते हुए दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट ने आतिशी के अपराध को निर्णायक रूप से साबित कर दिया है.
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट विधानसभा की मूल रिकॉर्डिंग की जांच पर आधारित थी और इसमें संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है.
सचदेवा ने आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज की टिप्पणियों की भी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि वे सांप्रदायिक तनाव भड़काने का प्रयास थीं.
उन्होंने कहा कि दिल्ली, पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में सिख समुदाय के बीच आतिशी के खिलाफ व्यापक आक्रोश है, और उन्होंने अध्यक्ष से उनके खिलाफ संवैधानिक और कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मांग की, जिसमें सदन से निलंबन भी शामिल है.