सेब (Apple) दुनिया के सबसे लोकप्रिय फलों में से एक है. यह मुख्य रूप से समशीतोष्ण (ठंडे और मध्यम तापमान वाले) क्षेत्रों में उगाया जाता है. सेब का वैज्ञानिक नाम Malus domestica है और यह रोजेसी (Rosaceae) परिवार का सदस्य है. माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति मध्य एशिया के क्षेत्रों में हुई थी, जहां से यह धीरे-धीरे दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचा.
आज सेब की खेती कई देशों में बड़े पैमाने पर की जाती है. भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और कुछ अन्य पहाड़ी इलाकों में होती है. ठंडी जलवायु और उपयुक्त मिट्टी सेब के उत्पादन के लिए आवश्यक मानी जाती है. भारत के अलावा चीन, अमेरिका, तुर्की, पोलैंड और इटली भी प्रमुख सेब उत्पादक देशों में शामिल हैं.
सेब का पेड़ मध्यम आकार का होता है और इसमें वसंत ऋतु के दौरान फूल आते हैं. फूलों के परागण के बाद फल विकसित होते हैं. आमतौर पर सेब की फसल गर्मियों के अंत या शरद ऋतु में तैयार होती है. दुनिया भर में सेब की हजारों किस्में पाई जाती हैं, जिनका आकार, रंग और स्वाद अलग-अलग हो सकता है. लाल, हरा और पीला रंग सबसे अधिक देखने को मिलता है.
सेब का उपयोग केवल फल के रूप में ही नहीं, बल्कि कई खाद्य उत्पादों में भी किया जाता है. इससे जूस, जैम, जेली, सिरका, पाई और अन्य खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं. कई देशों में सेब से जुड़े विशेष मेले और सांस्कृतिक आयोजन भी आयोजित किए जाते हैं.
भारत में सेब एक महत्वपूर्ण बागवानी फसल मानी जाती है और इससे लाखों किसानों और व्यापारियों की आजीविका जुड़ी हुई है. उत्पादन, भंडारण, परिवहन और विपणन के कारण यह कृषि और व्यापार दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. आज सेब दुनिया के सबसे अधिक खाए और व्यापार किए जाने वाले फलों में से एक है.
अगर आप अपने पौधों को प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ और हरा-भरा रखना चाहते हैं, तो किचन में मौजूद फल और सब्जियों के छिलके एक बेहतरीन उपाय हो सकते हैं. अलग-अलग छिलकों से बने पानी का उपयोग पौधों की ग्रोथ को बेहतर करने और उन्हें कीड़ों व बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है.
गर्मियों के मौसम में कुछ ठंडा खाने का मन करे तो केवल आइसक्रीम या कस्टर्ड ही नहीं बल्कि इस बार कुछ नया ड्राई कीजिए. यहां हम आपको ठंडी-ठंडी सेब की खीर की रेसिपी बता रहे हैं. यह न केवल रिफ्रेशिंग है बल्कि इसे बनाना भी बेहद आसान है.
हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में हाल ही में हुई बर्फबारी से सेब के बागानों को भारी नुकसान पहुंचा है. भारी बर्फबारी से सेब के पेड़ टूट गए हैं. फूल और कलियां भी खराब हो रही हैं. इससे किसानों की टेंशन बढ़ गई है.
फल सेहत के लिए जरूरी हैं, लेकिन हर फल एक जैसा फायदेमंद नहीं होता. TODAY.com की रिपोर्ट में सामने आए ऐसे फल जो प्रोटीन, पोटैशियम, कम शुगर और कम कार्ब्स के मामले में सबसे आगे हैं.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 'मैं जिम्मेदारी के साथ और मीडिया के सामने कहता हूं कि मध्य प्रदेश के डेढ़ करोड़ विद्यार्थियों में से 50 लाख बच्चों ने 5वीं क्लास तक एपल (सेब) नहीं देखे होंगे.