ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की बिंद्यारानी देवी ने शानदार जुझारूपन का परिचय देते हुए महिलाओं के 58 किग्रा भारोत्तोलन वर्ग में कांस्य पदक जीत लिया. हालांकि क्लीन एंड जर्क में उनके दो प्रयास असफल रहे, लेकिन 199 किग्रा (87 किग्रा स्नैच + 112 किग्रा क्लीन एंड जर्क) के कुल वजन के साथ वह तीसरे स्थान पर रहीं.
इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक नाइजीरिया की राफियातु फोलाशादे लावाल ने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के साथ जीता. विश्व चैम्पियनशिप की रजत पदक विजेता लावाल ने स्नैच में 103 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 126 किग्रा वजन उठाकर कुल 229 किग्रा का भार उठाया. यह राष्ट्रमंडल और खेलों, दोनों का नया रिकॉर्ड है. कनाडा की ऐन-सोफी ताशेरो ने 215 किग्रा (87+128) के साथ रजत पदक अपने नाम किया.
2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 55 किग्रा वर्ग का रजत पदक जीतने वाली बिंद्यारानी इस बार स्नैच के बाद चौथे स्थान पर थीं. उन्होंने अपने तीनों प्रयासों में 83, 85 और 87 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाया.
इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उनकी टक्कर इंग्लैंड की एलिजा प्रैट से कांस्य पदक के लिए रही. बिंद्यारानी ने पहले प्रयास में 110 किग्रा वजन उठाया, लेकिन तकनीकी कारणों से यह प्रयास अमान्य करार दिया गया क्योंकि लिफ्ट के दौरान उनकी भुजाएं मुड़ीं और फिर सीधी हुईं.
उन्होंने दूसरे प्रयास में 112 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाकर वापसी की, लेकिन अंतिम प्रयास में 116 किग्रा उठाने में सफल नहीं हो सकीं. इसके बावजूद 199 किग्रा के कुल वजन के साथ उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया, जबकि प्रैट 196 किग्रा (87+109) के साथ चौथे स्थान पर रहीं.
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में यह भारोत्तोलन में भारत का पांचवां और कुल छठा पदक है.