भारत ने धमाकेदार प्रदर्शन की बदौलत ढाका में खेले जा रहे 10वें एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है. शनिवार को उसने मौलाना भाशानी हॉकी स्टेडियम में सुपर-4 के अपने आखिरी मुकाबले में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-0 मात दी. अब फाइनल में रविवार को शाम पांच बजे भारत का मुकाबला मलेशिया से होगा. मलेशियाई टीम ने कोरिया के खिलाफ 1-1 से रोमांचक ड्रॉ खेला. इसके साथ ही भारतीय टीम सुपर-4 में 7 अंक के साथ शीर्ष पर रही. महज एक अंक जुटाने वाली पाक टीम अब तीसरे स्थान के लिए कोरिया से भिड़ेगी.
FT! India storm into the Final of the 2017 (Men) with an outstanding win over Pakistan on 21st October 2017.
— Hockey India (@TheHockeyIndia)
सुपर-4 में टॉप पर टीम इंडिया
1. भारत: 3 मैच- 7अंक
2. मलेशिया: 3 मैच- 4 अंक
3. द. कोरिया: 3 मैच- 3 अंक
4. पाकिस्तान: 3 मैच- 1 अंक
भारत ने हफ्तेभर के अंदर पाकिस्तान को दूसरी बार धूल चटाई. इससे पहले पूल मुकाबले में भारत ने 15 अक्टूबर को उसे 3-1 से शिकस्त दी थी. इसके साथ ही भारतीय टीम लगातार 7वीं बार पाकिस्तान को हराने में कामयाब रही. एशिया कप के इतिहास में भारत की पाकिस्तान पर यह तीसरी जीत है, जबकि पाकिस्तान ने भारत को 5 बार हराया है.
एशिया कप में 8वीं बार फाइनल में पहुंचा भारत
दो बार की चैंपियन (2003, 2007) भारतीय टीम ने एशिया कप में सर्वाधिक 8वीं बार स्थान बनाया है. पिछली बार-2013 की उपविजेता भारत को फाइनल में द. कोरिया (4 बार की चैंपियन- 1994, 1999, 2009, 2013) के हाथों 3-4 से हार मिली थी. इसके अलावा पाकिस्तान (3 बार की चैंपियन-1982, 1985, 1989) ने भारत को लगातार तीन बार- 1982 (पहला एशिया कप), 1985, 1989 के फाइनल में हराया था, जबकि 1994 में द. कोरिया ने उसे मात दी थी.
पहले क्वार्टर में स्कोर रहा 0-0
पहले क्वार्टर के शुरुआत में ही दोनों टीमों ने जोरदार हमले किए, मौके बनाए. पाकिस्तान को मिला पहला पेनल्टी कॉर्नर बेकार गया. उसके लिए झटका यह रहा कि पहले ही क्वार्टर में अपने रेफरल गंवा दिए. पाकिस्तान का दूसरा पेनल्टी कॉर्नर पोस्ट से टकराकर जाया गया. लेकिन वह लगातार हावी रहा, तीसरा पेनल्टी कॉर्नर भी उसे गोल नहीं दिला पाया. इसी के बाद भारत भी अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर कन्वर्ट नहीं कर पाया. इस तरह यह क्वार्टर गोलरहित रहा.
हाफ टाइम भी बिना गोल के बीता
दूसरे क्वार्टर में भी पाकिस्तान ने भारत के हमले रोके. भारत ने जोरदार कोशिश की, लेकिन पाकिस्तानी गोलकीपर मुस्तैद दिखे. डी के अंदर लगातार जोर आजमाइश हुई. इस दौरान पाकिस्तान को चौथा पेनल्टी कॉर्नर भी बेकार गया. हरमनप्रीत सिंह भी मिले दूसरे पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल नहीं सके. लेकिन इस कड़े मुकाबले का दूसरा क्वार्टर भी बिना गोल के खत्म हुआ. हाफटाइम तक दोनों टीमों को गोल की तलाश जारी रही.
HT! The hooter goes as both teams' defence hold fort to keep the deadlock intact.
— Hockey India (@TheHockeyIndia)
सतबीर के स्टिक से बेशकीमती गोल
तीसरे क्वार्टर में आकाश चितके के स्थान पर सूरज करकेरा गोल पोस्ट पर तैनात हुए. दोनों ही टीमों पर गोल बनाने के लिए जबर्दस्त दबाव दिखा. आखिरकार 39वें मिनट में ललित उपाध्याय के शानदार मूव पर सतबीर सिंह ने भारत को 1-0 से आगे कर दिया. हालांकि भारत इसके बाद तीसरे पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठा नहीं पाया. तीसरे क्वार्टर में गोल के साथ भारतीय टीम लय में लौटी.
चौथे क्वार्टर में भारत को मिले 3 गोल
चौथे क्वार्टर में भारत को मिले चौथे पेनल्टी कॉर्नर को पाकिस्तानी गोलकीपर अमजद अली ने बेकार कर दिया. इसी के बाद पांचवें पेनल्टी कॉर्नर पर भारत गोल नहीं कर पाया. छठे पेनल्टी कॉर्नर पर हरमनप्रीत सिंह ने 51वें मिनट में भारत को 2-0 से आगे कर दिया. एक मिनट बाद ही ललित उपाध्याय ने भारत को 3-0 से बढ़त दिला दी. गुरजंत सिंह ने भी मौके को ताड़ा और 57वें मिनट में भारत के लिए 4-0 की बड़ी बढ़त बना डाली, जो निर्णायक रही.