ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में आज भारत और जिम्बाब्वे के बीच बेहद अहम मुकाबला खेला जाएगा. यह मैच चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदम्बरम में शाम 7 बजे से शुरू होगा. वहीं इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम के लिए एक बड़ा संकट होगा कि वो कैसे ऑफ स्पिनर्स से निबटती है, क्योंकि टीम इंडिया स्पिनर्स और खासकर ऑफ स्पिनर्स के सामने इस टी20 वर्ल्ड कप में एकदम 'सरेंडर मोड' में नजर आई है.
जिम्बाब्वे के साथ मैच से पहले चर्चा रन-रेट या टीम कॉम्बिनेशन की नहीं, बल्कि टीम इंडिया की बल्लेबाजी की एक बड़ी कमजोरी की हो रही है. अब तक सिर्फ एक मैच हारने के बावजूद टीम इंडिया की बल्लेबाजी में एक पैटर्न साफ नजर आया है, और वो ऑफ स्पिन के खिलाफ लगातार संघर्ष. ऐसे में सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर की प्लानिंग क्या होगी, यह देखने वाली बात होगी.
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स्पिन ने खोली भारत की कमजोरी
इस वर्ल्ड कप में भारत अब तक स्पिन के खिलाफ 19 विकेट गंवा चुका है, जिनमें से 12 विकेट ऑफ-स्पिनरों ने लिए हैं. विरोधी टीमों ने इस कमजोरी को पहचान लिया है और नई गेंद से ही स्पिन अटैक शुरू करने की रणनीति अपनाई है.
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जिम्बाब्वे के स्टार ऑलराउंडर सिकंदर रजा, जो इस वर्ल्ड कप में अपनी टीम के रिवावाइवल का फेस रहे हैं, उनके बाएं हाथ की हथेली में चोट जरूर है, लेकिन भारत के खिलाफ गेंद से हमला करने की उनकी मंशा बिल्कुल साफ है.
पावरप्ले में ही लग रहे शुरुआती झटके
ऑफ-स्पिन के खिलाफ भारत की परेशानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 12 में से 4 विकेट पावरप्ले में गिरे हैं. अभिषेक शर्मा और ईशान किशन दोनों ही दो-दो बार ऑफ-स्पिन का शिकार बन चुके हैं.
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टी20 में पहले छह ओवर आमतौर पर पागलपन के होते हैं- फील्डिंग सर्कल अंदर, नई सख्त गेंद और ओपनर्स के पास खुलकर खेलने का लाइसेंस... लेकिन इस वर्ल्ड कप में विरोधियों ने स्क्रिप्ट बदल दी है.
नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने चार विकेट लेकर शुरुआत की, पाकिस्तान ने सलमान आगा और सैम अयूब से ब्रेक लगाया और अहमदाबाद में नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त ने भारतीय टॉप ऑर्डर को जकड़ दिया.
सबसे ताजा उदाहरण साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में दिखा- एडेन मार्करम ने नई गेंद खुद थामी और पहले ही ओवर में ईशान किशन को शून्य पर चलता कर दिया. यह सिर्फ विकेट नहीं था, यह मैसेज था- भारत को रोकना है तो शुरुआत में स्पिन डालो.
Intrigue in Chennai as defending champions India and Zimbabwe fight to remain in semi-final contention 🏏
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सबसे पहले इस रणनीति को सलमान अली आगा ने कोलंबो में अपनाया था. इसके बाद नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त और फिर साउथ अफ्रीका के एडेन मार्करम ने भी पावरप्ले में ऑफ-स्पिन से भारत को झटके दिए.
सितांशु कोटक ने बताया टीम इंडिया ऑफ स्पिनर्स से निपटने का प्लान
भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने माना कि विरोधी टीमें लगातार ऑफ-स्पिन और ऑफ-स्टंप के बाहर गेंदबाजी की योजना बना रही हैं. उन्होंने मैच कोटक ने कहा-हम इस पर बात कर रहे हैं, तैयारी कर रहे हैं और यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि विपक्ष हमारे बल्लेबाजों के खिलाफ क्या करना चाहता है.
मिडिल ओवर्स में फंस रही है भारतीय बल्लेबाजी
टॉप-ऑर्डर के जल्दी आउट होने का असर मिडिल ओवर्स में साफ दिखा है, जहां सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा को रन बनाने के लिए जूझना पड़ा है. दोनों बल्लेबाजों ने मैच से पहले स्पिन के खिलाफ लंबा नेट सेशन किया, जहां स्कोरिंग ऑप्शन खोजने पर खास फोकस रहा.
क्या संजू सैमसन को मिलेगा चेन्नई में मौका
भारत का टॉप-3 पूरी तरह लेफ्ट-हैंड बल्लेबाजों का है, जिससे विपक्ष को ऑफ-स्पिन का सीधा मैच-अप मिल जाता है. इसी वजह से टीम मैनेजमेंट टॉप ऑर्डर के कॉम्बिनेशन पर भी विचार कर रहा है.
नेट्स में मैच से एक दिन पहले संजू सैमसन ने भी लंबी बल्लेबाजी की और विकेटकीपिंग ड्रिल्स में हिस्सा लिया. हेड कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक बल्लेबाजों के साथ लगातार तकनीकी चर्चा करते नजर आए.
चेपॉक की पिच क्या संकेत दे रही?
दिलचस्प बात यह है कि चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम इस वर्ल्ड कप में स्पिनरों के लिए उतना मददगार साबित नहीं हुआ है. यहां स्पिन गेंदबाजों का स्ट्राइक रेट और औसत दोनों ही कमजोर रहे हैं, यानी आंकड़े और रणनीति एक-दूसरे के उलट खड़े हैं.
जिम्बाब्वे ने भी बनाई खास योजना
जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर रयान बर्ल ने माना कि भारत की स्पिन के खिलाफ कमजोरी और चेन्नई की परिस्थितियों, दोनों पर टीम की नजर है. मैच के हिसाब से गेंदबाजी का फैसला लिया जाएगा.
जीत के साथ नेट रन रेट भी अहम
इस सुपर-8 मुकाबले में दोनों टीमों का नेट रन रेट दबाव में है. ऐसे में यह मैच सिर्फ जीत-हार नहीं, बल्कि सेमीफाइनल की तस्वीर भी काफी हद तक साफ कर सकता है.अब देखना यह होगा कि टीम इंडिया ऑफ-स्पिन की इस कमजोरी को तोड़ पाती है या जिम्बाब्वे उसी दरार को और चौड़ा कर देता है.