गुरुवार (23 जुलाई) को भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे को सात विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी. इस हार के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर सवाल उठाए हैं. रजा का कहना है कि पिच अंतरराष्ट्रीय स्तर की नहीं थी और शुरुआत में बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल हो गया था. उन्होंने उम्मीद जताई कि दूसरे मुकाबले में दोनों टीमों को ज्यादा संतुलित विकेट मिलेगा.
हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में जिम्बाब्वे ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 7 विकेट पर सिर्फ 125 रन बनाए. इसके जवाब में भारत ने महज 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया. मैच के बाद रजा ने कहा कि पिच इंटरनेशनल मुकाबले के स्तर की नहीं थी और शुरुआती ओवरों में मौजूद नमी ने बल्लेबाजों की मुश्किलें काफी बढ़ा दीं.
उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह विकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर के हिसाब से बेहतर था. सुबह की नमी का असर जरूर होना चाहिए था, लेकिन मुझे उम्मीद नहीं थी कि वह इतने लंबे समय तक बनी रहेगी. नई गेंद लगातार मूव कर रही थी, जिससे बल्लेबाजी और मुश्किल हो गई.' रजा का मानना है कि उनकी टीम शुरुआत में बड़े शॉट नहीं लगा सकी, जिससे गेंद जल्दी पुरानी नहीं हुई और भारतीय तेज गेंदबाजों को लगातार मदद मिलती रही.
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उन्होंने कहा, 'हम शुरुआती ओवरों में ज्यादा बाउंड्री नहीं लगा सके. इसकी वजह से गेंद नई बनी रही और पिच से मिलने वाली मूवमेंट ने बल्लेबाजों की परेशानी और बढ़ा दी.' भारत ने इस मुकाबले में युवा तेज गेंदबाजों मयंक यादव, प्रिंस यादव और डेब्यूटेंट अशोक शर्मा पर भरोसा जताया. दो साल बाद वापसी कर रहे मयंक और प्रिंस ने अपनी रफ्तार और उछाल से जिम्बाब्वे के शीर्ष क्रम को पूरी तरह दबाव में ला दिया.
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सिकंदर रजा ने बताया, 'जब भारत बल्लेबाजी करने उतरा तो विकेट काफी अच्छा हो चुका था. उम्मीद है कि अगले मैच में ऐसी पिच मिलेगी, जहां टॉस का असर इतना ज्यादा न हो और दोनों टीमों को बराबर मौका मिले.'
भारत ने जिम्बाब्वे को 34 रन पर 4 विकेट और फिर 64 रन पर 5 विकेट के स्कोर पर पहुंचा दिया. इसके बाद तादिवानाशे मारुमनी और वेस्ली मधेवेरे ने उपयोगी पारियां खेलकर टीम को 125 रन तक पहुंचाया. 126 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत शानदार रही. महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में रिकॉर्ड अर्धशतक जड़कर मैच को एकतरफा बना दिया. भारत ने 13.2 ओवर्स में लक्ष्य हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली.