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Exclusive: ‘जो ट्रोल करते थे, वो तारीफ कर रहे...’, बेटे की कामयाबी पर संजू सैमसन के पिता व‍िश्वनाथ ने द‍िया द‍िल छूने वाला इंटरव्यू

भारत की T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद संजू सैमसन के पिता सैमसन विश्वनाथ ने बेटे के संघर्ष, शुरुआती क्रिकेट सफर और आलोचनाओं पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि बचपन से ही संजू का टैलेंट साफ दिखता था. दिल्ली छोड़कर केरल लौटने का फैसला करियर का टर्निंग पॉइंट बना. विश्वनाथ ने राजस्थान रॉयल्स और मेंटर जुबिन भरूचा को भी संजू की सफलता का बड़ा श्रेय दिया.

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संजू सैमसन पर पिता विश्वनाथ ने बेटे के संघर्ष के बारे में बात की (Photo: PTI)
संजू सैमसन पर पिता विश्वनाथ ने बेटे के संघर्ष के बारे में बात की (Photo: PTI)

Sanju Samson father Samson Vishwanath Interview: भारत की T20 वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के पिता सैमसन विश्वनाथ ने बेटे की सफलता पर गर्व जताया है. राजदीप सरदेसाई को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हालिया प्रदर्शन ने उन महीनों की निराशा भुला दी है जब संजू को टीम में पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे थे.

विश्वनाथ के मुताबिक संजू ने इस टूर्नामेंट में वही शांत और स्वाभाविक बल्लेबाजी शैली दिखाई, जिसके लिए वह बचपन से जाने जाते हैं. उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में खेली गई संजू की तीन अहम पारियां 'क्लास क्रिकेट' का बेहतरीन उदाहरण थीं. उनके अनुसार संजू ने बिना किसी दबाव के खुलकर बल्लेबाजी की और गेंद को बेहतरीन तरीके से टाइम किया.

उन्होंने बताया कि वह हमेशा संजू से कहते थे कि वही पुरानी स्वाभाविक शैली अपनाओ, जिसने उसे शुरुआती दिनों में सफल बनाया था. संजू के शुरुआती क्रिकेट सफर को याद करते हुए विश्वनाथ ने बताया कि उन्होंने बेटे का टैलेंट तब पहचान लिया था जब वह महज साढ़े तीन साल का था. उन्होंने अपने दोनों बेटों को बहुत छोटी उम्र में ही क्रिकेट से जोड़ दिया था. ट्रेनिंग के बाद बच्चे अक्सर महान बल्लेबाजों के वीडियो देखते थे और उनकी तकनीक को समझने की कोशिश करते थे.

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विश्वनाथ ने बताया कि वह चाहते थे कि बच्चे महान खिलाड़ियों जैसे सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की बल्लेबाजी से सीखें और उनके शॉट्स को दोहराने की कोशिश करें.

दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़ केरल लौटे… 
इस इंटरव्यू में उन्होंने संजू के करियर से जुड़े एक बड़े फैसले का भी जिक्र किया. विश्वनाथ ने बताया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़कर केरल लौटने का निर्णय लिया ताकि संजू को क्रिकेट में बेहतर मौके मिल सकें.
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उनके अनुसार दिल्ली में संजू ने कई ट्रायल दिए लेकिन सफलता नहीं मिली. उन्हें डर था कि लगातार असफलताएं बेटे के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती हैं. केरल लौटने के बाद हालात बदले और संजू ने अपने प्रदर्शन से जल्दी ही ध्यान खींचना शुरू कर दिया.

स्कूल के दिनों को याद करते हुए विश्वनाथ ने कहा कि संजू पढ़ाई और खेल दोनों में संतुलन बनाए रखते थे. वह अक्सर परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाते थे, जबकि क्रिकेट की ट्रेनिंग भी जारी रखते थे.

उन्होंने बताया कि कई बार उन्होंने स्कूल प्रशासन से बात कर बच्चों को महत्वपूर्ण मैच खेलने की अनुमति दिलाई. उस समय उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि दोनों बेटे पढ़ाई में भी अच्छे हैं.

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संजू सैमसन के कर‍ियर में कब आईं मुश्क‍िलें... 
संजू के करियर के मुश्किल दौर का जिक्र करते हुए विश्वनाथ ने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचनाओं से परिवार को तकलीफ हुई थी. हालांकि अब उन्हें संतोष है कि वही लोग, जो पहले आलोचना करते थे, आज संजू की तारीफ कर रहे हैं.

क्या संजू का पर‍िवार जश्न मनाएगा, प‍िता ने दिया जवाब 
इतनी बड़ी उपलब्धि के बावजूद सैमसन परिवार ने किसी बड़े जश्न की योजना नहीं बनाई है. विश्वनाथ का कहना है कि देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना एक खिलाड़ी की जिम्मेदारी है और संजू ने मौका मिलने पर सिर्फ अपना काम किया है.

जुब‍िन भरूचा की संजू के प‍िता ने की तारीफ 
संजू के प‍िा ने राजस्थान रॉयल्स और टीम के मेंटर जुबिन भरूचा को भी बेटे के करियर में अहम भूमिका निभाने का श्रेय दिया. विश्वनाथ ने कहा कि किशोर उम्र में फ्रेंचाइजी से जुड़ने के बाद भरूचा ने संजू को लगातार मार्गदर्शन दिया और उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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जब उनसे संजू के पसंदीदा शॉट के बारे में पूछा गया तो विश्वनाथ ने कहा कि उन्हें बेटे का सीधा ड्राइव सबसे ज्यादा पसंद है. उनके मुताबिक यह क्लासिक शॉट उन्हें सचिन तेंदुलकर की याद दिलाता है.इंटरव्यू के अंत में विश्वनाथ ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे के लिए कोई त्याग नहीं किया. उनके शब्दों में, उन्होंने केवल एक पिता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई और बेटे को उसके सपने पूरे करने में समर्थन दिया.

 

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