टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का बल्ला एक बार फिर आलोचकों को करारा जवाब रहा है. टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद रोहित के ओडीआई फ्यूचर को लेकर काफी चर्चा हुई थी और यहां तक कहा गया कि क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के लिए भारतीय टीम मैनेजमेंट यशस्वी जायसवाल को तैयार कर रहा है. लेकिन रोहित ने मैदान पर अपने प्रदर्शन से इन तमाम अटकलों को पीछे छोड़ दिया है.
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स ओडीआई में शतक लगाने के बाद उन्होंने वेस्टइंडीज के विरुद्ध भी 101 और 92 रनों की पारियां खेलकर बता दिया कि बड़े मंच पर उनका अनुभव अभी भी बेहद उपयोगी है. मौजूदा फॉर्म को देखते हुए रोहित का अगले साल होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप में खेलना लगभग तय माना जा रहा है, बशर्ते आने वाली सीरीज में कोई बड़ा बदलाव ना हो.
उनकी अगली परीक्षा न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में होगी, जो 4 नवंबर से शुरू होनी है. हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में रोहित शानदार शतक बना सकते थे, लेकिन 92 रनों पर आउट होकर उन्होंने फैन्स का दिल तोड़ दिया. इसी बात का अफसोस महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर को भी हुआ. लेकिन गावस्कर की वजह थोड़ी खास है.
गावस्कर की क्या है ख्वाहिश?
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर चाहते हैं कि जब रोहित शर्मा इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लें, तब उनके वनडे शतकों की संख्या उनकी उम्र से ज्यादा हो. रोहित अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप के दौरान 40 साल के हो जाएंगे और फिलहाल उनके नाम पर ओडीआई क्रिकेट में 35 शतक दर्ज हैं.
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स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने कहा कि उन्हें रोहित शर्मा के 92 रनों पर आउट होने का इसलिए ज्यादा अफसोस हुआ क्योंकि वह शतक पूरा नहीं कर सके. अगर रोहित उस मुकाबले में सेंचुरी लगाते तो वह अपने 36वें ओडीआई शतक तक पहुंच जाते और इस खास उपलब्धि की दिशा में एक और कदम बढ़ाते. गावस्कर के मुताबिक किसी खिलाड़ी के संन्यास के समय उसके शतकों की संख्या उसकी उम्र से ज्यादा होना एक बेहद खास उपलब्धि है. यह बताता है कि खिलाड़ी ने लंबे समय तक किस स्तर की क्रिकेट खेली और अपने करियर में कितनी निरंतरता बनाए रखी.
...जब गावस्कर का टूटा था दिल
सुनील गावस्कर ने अपनी बात समझाने के लिए अपने करियर का उदाहरण भी दिया. उन्होंने बताया कि जब वह अपने इंटरनेशनल करियर के आखिरी दौर में थे, तब उनकी भी इच्छा थी कि टेस्ट क्रिकेट में उनके शतकों की संख्या उनकी उम्र के बराबर हो. लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके. पूर्व कप्तान ने बताया कि अपने करियर के आखिरी साल में वह तीन बार नर्वस नाइंटीज में आउट हुए. अगर वह उन तीन पारियों में शतक पूरा कर लेते तो 38 साल की उम्र में संन्यास लेते समय उनके नाम भी 38 टेस्ट शतक होते.
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यही वजह है कि सुनील गावस्कर अब रोहित शर्मा को वह उपलब्धि हासिल करते हुए देखना चाहते हैं. रोहित के पास अभी समय भी है और फॉर्म भी. पिछले चार ओडीआई मुकाबलों में उन्होंने दो शतक और एक अर्धशतक जड़े हैं. ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप तक उनके आंकड़ों में और इजाफा होने की पूरी संभावना है.
रोहित शर्मा के ओडीआई करियर को लेकर जिस तरह की बहस शुरू हुई थी, उसका जवाब उन्होंने लगातार बल्ले से दिया है. इंग्लैंड के खिलाफ शतक के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ 101 रनों की पारी ने उनकी फॉर्म की पुष्टि की, जबकि मुल्लांपुर में 92 रनों की पारी ने उनकी बल्लेबाजी की गुणवत्ता दिखाई.
इस पारी के दौरान शुरुआत में गेंद मूव कर रही थी और बल्लेबाज के लिए रन बनाना आसान नहीं था. रोहित शर्मा ने जोखिम कम रखा, समय बिताया और परिस्थितियां आसान होने के बाद अपने शॉट्स खेलने शुरू किए. वह 36वें ओडीआई शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुल शॉट खेलने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे.