भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय फैन्स को एक बड़ी भावुक कर देने वाली खबर मिली है. लगभग दो दशकों तक अपनी लेग स्पिन के दम पर बल्लेबाजों को नचाने वाले कर्ण शर्मा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है.
यूपी टी20 लीग 2026 के दौरान अपनी टीम कानपुर सुपरस्टार्स की मेरठ मावेरिक्स से मिली हार के बाद कर्ण अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके. 38 सल के कर्ण ने नम आंखों से इस खेल को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया.
कर्ण शर्मा कब खेलेंगे आखिरी मैच?
कानपुर सुपरस्टार्स की तरफ से खेलते हुए कर्ण शर्मा ने साफ किया कि मंगलवार यानी 25 अगस्त को मेरठ के खिलाफ खेला जाने वाला मैच उनके करियर का आखिरी मुकाबला होगा. संन्यास की घोषणा करते हुए कर्ण ने कहा कि यह सफर बहुत खूबसूरत रहा. मैं अपने परिवार, बीसीसीआई, रेलवे, यूपीसीए और आंध्र क्रिकेट का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं. क्रिकेट के बाद अब मैं कोचिंग और युवा खिलाड़ियों को निखारने की भूमिका में नजर आऊंगा.
IPL के रहे हैं सबसे बड़े लकी चार्म
कर्ण शर्मा का नाम आईपीएल इतिहास के सबसे सफल और दिलचस्प खिलाड़ियों में दर्ज है. उन्हें क्रिकेट का असली लकी चार्म माना जाता है. वे लगातार तीन सालों में तीन अलग-अलग टीमों के साथ आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी हैं. साल 2016 के दौरान वह सनराइजर्स हैदराबाद टीम का हिस्सा थे. डेविड वॉर्नर की कप्तानी में उस साल टीम ने पहली बार खिताब पर कब्जा जमाया.
हैदराबाद के लिए जीती ट्रॉफी
आईपीएल में कर्ण शर्मा का दबदबा ऐसा रहा कि वे जिस भी ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बने, वहां ट्रॉफी का आना लगभग तय माना जाने लगा. कर्ण शर्मा के नाम लगातार तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजियों के साथ बैक-टू-बैक तीन आईपीएल खिताब जीतने का एक अनखा रिकॉर्ड दर्ज है. साल 2016 में हैदराबाद को चैंपियन बनाने के बाद उनकी एंट्री मुंबई इंडियंस की टीम में हुई.
MI और CSK के लिए भी किया कमाल
अगले ही साल यानी 2017 में कर्ण मुंबई इंडियंस (MI) की टीम में शामिल हुए और टीम को एक बार फिर से खिताबी जीत दिलाई. जीत का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका साल 2018 में जब वे चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से जुड़े तो उन्होंने लगातार तीसरा आईपीएल खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया. कर्ण शर्मा की यह चमक 2021 में एक बार फिर देखने को मिली, जब उन्होंने सीएसके के साथ अपनी चौथी आईपीएल ट्रॉफी जीतकर टूर्नामेंट के सबसे सफल खिलाड़ियों की लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लिया.
ऐसा रहा है करियर
साल 2007 में घरेलू क्रिकेट में कदम रखने वाले कर्ण शर्मा ने 2012-13 के रणजी ट्रॉफी सीजन में तहलका मचा दिया था. इस सीजन उन्होंने महज 3 मैचों में 19.04 की घातक औसत से 21 विकेट चटकाकर रातों-रात सुर्खियां बटोरीं. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें टीम इंडिया के लिए नीली जर्सी पहनने का मौका मिला. जिसमें उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 1 टेस्ट, 2 वनडे और 1 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला.
कर्ण ने अपने करियर में कुल 97 फर्स्ट-क्लास मैचों में 270 शिकार किए. वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट के 123 मुकाबलों में उनके नाम 153 विकेट दर्ज हैं. जबकि टी-20 फॉर्मेट में अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए उन्होंने 191 मैचों में 168 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया.