वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज के लिए टीम इंडिया के सेलेक्शन पर सबकी नजर है. 27 सितंबर से शुरू होने वाली इस सीरीज के लिए अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सेलेक्शन समिति बुधवार को टीम चुनेगी. खास बात यह है कि यह अगरकर के मौजूदा कार्यकाल की आखिरी सेलेक्शन बैठक होगी. उनका कार्यकाल अक्टूबर की शुरुआत में खत्म होना है.
लेकिन इस बैठक में सिर्फ एक सीरीज की टीम नहीं चुनी जानी है. 2027 ODI वर्ल्ड कप में अब करीब एक साल ही बचा है और ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने कई अहम सवाल हैं. सबसे बड़ा सवाल रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या से जुड़ा है.
1- रोहित शर्मा पर अब खुलेगा राज?
रोहित शर्मा ने साफ कर दिया है कि वह 2027 ODI वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं. लेकिन उनके भविष्य को लेकर सेलेक्टर्स और बोर्ड की तरफ से अब तक जो संकेत मिले हैं, वे पूरी तरह साफ नहीं रहे हैं.
जुलाई में इंग्लैंड दौरे के दौरान यह खबर सामने आई थी कि सेलेक्टर्स ने रोहित को बताया था कि वे उनसे आगे बढ़ने की प्लानिंग बना रहे हैं. हालांकि, BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बाद में इन चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा था कि रोहित अभी भी भारत की ODI प्लानिंग का हिस्सा हैं.
इंग्लैंड में दूसरे ODI में कार्डिफ के मैदान पर रोहित की 47 गेंदों में 26 रन की पारी के बाद उनके भविष्य को लेकर चर्चा और तेज हो गई थी. इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्होंने 16, 48 और 79 रन बनाए थे. प्रदर्शन बहुत खराब नहीं था, लेकिन बहुत प्रभावशाली भी नहीं कहा जा सकता.
हालांकि, रोहित की पिछली ODI पारी में उन्होंने शतक लगाया था. उन्होंने लॉर्ड्स में अपने आखिरी ODI में सेंचुरी जड़ी थी.
रोहित के भविष्य पर सवाल इसलिए भी उठते रहे हैं क्योंकि अक्टूबर 2025 में सेलेक्टर्स ने उन्हें हटाकर शुभमन गिल को भारत का ODI कप्तान बनाया था. यह फैसला चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के कुछ ही महीने बाद आया था. मार्च 2025 में रोहित की कप्तानी में भारत ने चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था.
ऐसे में बुधवार की बैठक रोहित के ODI भविष्य को लेकर काफी हद तक तस्वीर साफ कर सकती है.
2- हार्दिक लौटेंगे या अभी करना होगा इंतजार?
दूसरा बड़ा सवाल हार्दिक पंड्या का है. भारत के नंबर-1 सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर हार्दिक ने IPL 2026 के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है. चोटों के सिलसिले ने उनकी वापसी को लगातार टाला है.
जून में अफगानिस्तान के खिलाफ ODI सीरीज के लिए उन्हें टीम में चुना गया था, लेकिन सीरीज शुरू होने से पहले ही पैर में चोट लग गई और वह बाहर हो गए. इससे पहले IPL 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए भी वह चार मुकाबले नहीं खेल पाए थे. उस दौरान वो बैक स्पाज्म से जूझ रहे थे.
इसके बाद हार्दिक BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कंडीशनिंग पर काम कर रहे थे, लेकिन वहां भी उन्हें एक और चोट का सामना करना पड़ा.
हार्दिक अगले सप्ताह फिटनेस टेस्ट देने वाले हैं और उम्मीद है कि वह इसे पास कर लेंगे. फिर भी सेलेक्शनकर्ता उन्हें सीधे वेस्टइंडीज सीरीज में उतारने को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहेंगे. क्योंकि 50 ओवर के फॉर्मेट में हार्दिक टीम के बैलेंस के लिए बेहद अहम हैं.
यही वजह है कि पुडुचेरी में 6 अक्टूबर से शुरू होने वाले India A और Australia A के मुकाबले उनकी वापसी के लिए ज्यादा बेहतर मंच हो सकते हैं.
सेलेक्टर्स फिलहाल हार्दिक को T20I के बजाय 50 ओवर के क्रिकेट पर फोकस करवाना चाहते हैं. 2027 वर्ल्ड कप को देखते हुए यह प्लान अहम माना जा रहा है.
3-हार्दिक नहीं तो कौन संभालेगा ऑलराउंडर की जगह?
हार्दिक के बैकअप को लेकर भी सेलेक्टर्स की मुश्किल बढ़ गई है. नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, शिवम दुबे और वॉशिंगटन सुंदर एशियन गेम्स की टीम में हैं. वहीं बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर हर्ष दुबे और शाहबाज अहमद चोटिल हैं. ऐसे में सेलेक्टर्स एक बार फिर रवींद्र जडेजा की तरफ देख सकते हैं.
जडेजा पिछले एक साल में ODI सेट-अप का नियमित हिस्सा नहीं रहे हैं. उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज भी मिस की थी और जनवरी 2026 के बाद से इस फॉर्मेट में नहीं खेले हैं.
एक और विकल्प कुछ चौंकाने वाला हो सकता है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के क्रुणाल पंड्या ने पिछले दो IPL सीजन में टीम की दोनों खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई है. ऐसे में उन्हें भी मौका देने पर विचार हो सकता है.
4-पंत या जुरेल, किसे मिलेगा बैकअप विकेटकीपर का मौका?
विकेटकीपिंग में भी एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है. केएल राहुल पहली पसंद के विकेटकीपर बने रहने की संभावना है. लेकिन ईशान किशन के एशियन गेम्स अभियान का हिस्सा होने के कारण बैकअप विकेटकीपर की जगह के लिए ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल के बीच मुकाबला हो सकता है.
पंत ने दो साल से ज्यादा समय से कोई ODI नहीं खेला है.
वहीं जुरेल ने अभी तक भारत के लिए ODI डेब्यू नहीं किया है. लेकिन हाल के प्रदर्शन ने उनके दावे को मजबूत किया है. श्रीलंका में उन्होंने नाबाद 115 रन की पारी खेली थी. यह उनके टेस्ट करियर का दूसरा शतक था.
इन दोनों में से जिसे भी चुना जाता है, वह सिर्फ बैकअप विकेटकीपर की भूमिका तक सीमित नहीं रहेगा. श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में वह बैकअप मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज का विकल्प भी हो सकता है. श्रेयस इस समय जापान में एशियन गेम्स में भारत की अगुआई करेंगे.
हालांकि, जो खिलाड़ी ODI टीम में जगह नहीं बना पाएगा, उसे ज्यादा समय तक टॉप लेवल क्रिकेट से दूर नहीं रहना पड़ेगा. ऐसे खिलाड़ियों के श्रीनगर में 1 से 5 अक्टूबर तक होने वाले ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया टीम का हिस्सा बनने की उम्मीद है. रेस्ट ऑफ इंडिया का मुकाबला रणजी ट्रॉफी चैम्पियन जम्मू-कश्मीर से होगा.
5-कुलदीप को लगातार तीन मैच मिलेंगे?
स्पिन डिपार्टमेंट में कुलदीप यादव की दावेदारी मजबूत है. यॉर्कशायर के लिए काउंटी चैम्पिचैम्पियनशिप में 10 विकेट लेने के बाद कुलदीप वेस्टइंडीज के खिलाफ तीनों ODI खेलने की स्थिति में हैं. लेकिन यहां भी एक पेंच है.
अगर वरुण चक्रवर्ती की जगह कुलदीप को एशियन गेम्स टीम में बैकअप या रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया जाता है, तो समीकरण बदल सकता है. फिलहाल वरुण की चोट ज्यादा गंभीर नहीं मानी जा रही है और उनके जापान जाने की पूरी संभावना है.
इसके बावजूद 20 साल के लेग स्पिन ऑलराउंडर विप्रज निगम पर भी नजर हो सकती है. वह India A सेट-अप का हिस्सा रहे हैं और जून-जुलाई में श्रीलंका दौरे पर अपनी लोअर ऑर्डर बल्लेबाजी से प्रभावित कर चुके हैं.
6-क्या फिर साथ दिखेगा 'कुल-चा'?
सबसे दिलचस्प संभावना युजवेंद्र चहल की वापसी हो सकती है. चहल ने अगस्त 2023 के बाद से भारत के लिए कोई मुकाबला नहीं खेला है. लेकिन इंग्लैंड में उनके प्रदर्शन ने उन्हें फिर से सेलेक्टर्स के रडार पर ला दिया है. नॉर्थम्पटनशायर के लिए वनडे कप में चहल इस समय टीम के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उन्होंने सात मैचों में 15 विकेट लिए हैं और उनका इकॉनमी रेट सिर्फ 4.56 रहा है. इतना ही नहीं, काउंटी चैम्पियनशिप के अपने पिछले चार मैचों में भी चहल ने 18 विकेट झटके हैं.
ऐसे में अगर सेलेक्टर्स इंग्लैंड के प्रदर्शन को पर्याप्त मानते हैं तो भारत के लिए एक बार फिर 'कुल-चा', यानी कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की जोड़ी को साथ देखने का मौका मिल सकता है.