न्यू चंडीगढ़ में शनिवार से शुरू होने वाले अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट से पहले भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन को लेकर सबसे बड़ी चर्चा बल्लेबाजी और गेंदबाजी के संतुलन पर है. कप्तान शुभमन गिल और टीम प्रबंधन के सामने सवाल यह है कि टीम छह विशेषज्ञ बल्लेबाजों के साथ उतरे या फिर दो ऑलराउंडरों को खिलाकर गेंदबाजी को अतिरिक्त मजबूती दे. पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि प्लेइंग इलेवन में इसी मुद्दे पर सबसे ज्यादा मंथन होगा.
ओपनिंग जोड़ी लगभग तय
भारत की पारी की शुरुआत करने के लिए केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं. हालिया पारियों में राहुल भले बड़ी पारियां नहीं खेल पाए हों, लेकिन शीर्ष क्रम में उनका अनुभव उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है, जबकि जायसवाल लगातार टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज बने हुए हैं.
नंबर-3 पर दिलचस्प मुकाबला
तीसरे नंबर पर टीम प्रबंधन के सामने विकल्प मौजूद हैं. साई सुदर्शन को इस स्थान के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा है. उन्होंने मौके मिलने पर प्रभावित किया है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता साबित करना अभी बाकी है. वहीं कुछ विशेषज्ञ देवदत्त पडिक्कल को भी इस भूमिका के लिए उपयुक्त मानते हैं.
मिडिल ऑर्डर में ज्यादा सवाल नहीं
कप्तान शुभमन गिल नंबर चार पर बल्लेबाजी करते दिख सकते हैं, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का पांचवें नंबर पर उतरना लगभग तय माना जा रहा है.
असल बहस छठे नंबर से शुरू होती है. यहां टीम के पास दो रास्ते हैं. यदि भारत छह विशेषज्ञ बल्लेबाजों के साथ उतरना चाहता है तो ध्रुव जुरेल को मौका मिल सकता है. लेकिन अगर टीम अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प चाहती है तो नीतीश कुमार रेड्डी बेहतर विकल्प बन जाते हैं.
क्या दो ऑलराउंडरों के साथ उतरेगा भारत?
आकाश चोपड़ा का मानना है कि टीम संतुलन के लिए नीतीश रेड्डी और वॉशिंगटन सुंदर दोनों को एक साथ खिला सकती है. सुंदर की ऑफ स्पिन और निचले क्रम में बल्लेबाजी की क्षमता उन्हें घरेलू परिस्थितियों में बेहद उपयोगी बनाती है.
यदि ऐसा होता है तो भारत को बल्लेबाजी की गहराई भी मिलेगी और जरूरत पड़ने पर पांचवें या छठे गेंदबाज का विकल्प भी.
स्पिन होगी सबसे बड़ा हथियार
अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों में स्पिनरों की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है. ऐसे में कुलदीप यादव का खेलना लगभग तय माना जा रहा है. उनकी कलाई की स्पिन किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान कर सकती है.
तेज गेंदबाजी विभाग में मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा मजबूत दावेदार हैं. अंतिम स्थान पर टीम अतिरिक्त स्पिनर या अतिरिक्त तेज गेंदबाज में से किसी एक को चुन सकती है.
संभावित प्लेइंग इलेवन
- केए राहुल
- यशस्वी जायसवाल
- साई सुदर्शन
- शुभमन गिल (कप्तान)
- ऋषभ पंत (विकेटकीपर)
- नीतीश कुमार रेड्डी / ध्रुव जुरेल
- वॉशिंगटन सुंदर
- कुलदीप यादव
- मोहम्मद सिराज
- प्रसिद्ध कृष्णा
- अतिरिक्त स्पिनर या तेज गेंदबाज
(पिच देखकर)
अगर न्यू चंडीगढ़ की पिच पर रिवर्स स्विंग की संभावना दिखती है तो भारत युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को टेस्ट डेब्यू का मौका दे सकता है. वहीं अगर टीम प्रबंधन को लगता है कि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों को ज्यादा मदद मिलेगी, तो तीसरे स्पिनर के तौर पर हर्ष दुबे या मानव सुथार पर दांव लगाया जा सकता है.
अफगानिस्तान के खिलाफ यह सिर्फ एक टेस्ट मैच नहीं है, बल्कि भारतीय टीम के लिए अपने संयोजन को परखने का भी मौका है. सबसे बड़ा फैसला यही होगा कि टीम बल्लेबाजी की अतिरिक्त सुरक्षा चुने या ऑलराउंडरों के जरिए गेंदबाजी को मजबूत बनाए. मैच शुरू होने से कुछ घंटे पहले तक नजरें इसी सवाल पर टिकी रहेंगी.