भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत मंगलवार यानी 6 अक्टूबर से होना है. लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारत-वेस्टइंडीज के खिलाड़ी पहले टी20 मुकाबले में एक-दूसरे टक्कर देते नजर आएंगे.
इस मुकाबले से ठीक पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने कप्तान श्रेयस अय्यर की तारीफों के पुल बांधे हैं. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था.
सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर के बीच खटपट या तनाव की खबरें लगातार चलती रही है. लेकिन कोच गंभीर के इस बयान ने सभी अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है.
जियोस्टार से बात करते हुए गंभीर ने साल 2024 में केकेआर के साथ बिताए दिनों को याद किया और बताया कि श्रेयस के साथ उनका अनुभव कितना शानदार रहा है. अय्यर की कप्तानी में साल 2024 में केकेआर की टीम ने ट्रॉफी जीतने में सफलता हासिल की थी.
𝗚𝗢𝗟𝗗 𝗙𝗢𝗥 𝗜𝗡𝗗𝗜𝗔🇮🇳. 𝗔 𝗠𝗘𝗠𝗢𝗥𝗬 𝗙𝗢𝗥 𝗔 𝗟𝗜𝗙𝗘𝗧𝗜𝗠𝗘. From starting the journey in Tokyo to the final triumph in Nagoya, #TeamIndia members look back on a memorable #AsianGames campaign and what it meant to defend the Gold for the nation. WATCH 🎥🔽 https://t.co/vjq10gSuty
— BCCI (@BCCI) October 5, 2026
गौतम गंभीर ने दिल खोलकर की अय्यर की तारीफ
गंभीर ने अय्यर की तारीफ करते हुए कहा कि श्रेयस के साथ मेरा पहला अनुभव तब हुआ जब मैं 2024 में केकेआर से जुड़ा, जहां वह टीम की कप्तानी कर रहे थे. सबसे अच्छी बात जो मुझे उनमें लगी, वह यह थी कि वह टीम के लिए अपनी बैटिंग पोजीशन छोड़ने को भी तैयार रहते थे. वह पूरी तरह से फ्लेक्सिबल हैं और उन्हें इस बात से कोई गुरेज नहीं था कि जरूरत पड़ने पर कोई दूसरा बल्लेबाज उनसे पहले क्रीज पर उतरे.
The joy of winning a first multi-national tournament as Captain 🏆 The pride of stepping up for the team as Vice-Captain! 🇮🇳 🎥 𝙎𝙤𝙖𝙠𝙞𝙣𝙜 𝙞𝙣 𝙜𝙤𝙡𝙙𝙚𝙣 𝙜𝙡𝙤𝙧𝙮 𝙬𝙞𝙩𝙝 @ShreyasIyer15 and @TilakV9 🏅 🔽 Watch | #TeamIndia | #AsianGames https://t.co/cLc51knLUk
— BCCI (@BCCI) October 4, 2026
गौतम गंभीर ने श्रेयस अय्यर की सबसे बड़ी खूबी उनकी निस्वार्थ भावना को बताया. उन्होंने कहा कि एक कप्तान या अच्छे लीडर में यह गुण सबसे पहले होना चाहिए. गंभीर ने आगे कहा कि तभी मुझे एहसास हुआ कि एक अच्छे लीडर की सबसे पहली और अहम खूबी यह होती है कि वह कितना निस्वार्थ है.
श्रेयस के अंदर यह खूबी कूट-कूट कर भरी हुई है, और यह उनकी कप्तानी के सफर के लिए एक बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है. आप चाहे जितने मेहनती, अनुशासित, फिट या दुनिया के नंबर-वन बल्लेबाज क्यों न हों, लेकिन अगर आप निस्वार्थ नहीं हैं, तो बाकी सारी चीजें बेमानी हो जाती हैं. श्रेयस के पास यह सारी खूबियां हैं और सबसे ऊपर उनमें वो निस्वार्थ भाव भी है.