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20 रन में 5 विकेट... यहीं एजबेस्टन ODI हार गया इंग्लैंड! हैरी ब्रूक ने खुद बता दी सबसे बड़ी वजह

भारत के खिलाफ पहले वनडे में हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने माना कि 20 रन के भीतर 5 विकेट गंवाना टीम की सबसे बड़ी गलती रही. उन्होंने कहा कि 260 रन का स्कोर लड़ने लायक था, लेकिन दूसरी पारी में पिच धीमी हो गई. ब्रूक ने जो रूट और लियाम डॉसन की साझेदारी की तारीफ करते हुए कार्डिफ में पिच देखकर टीम चुनने की बात कही.

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हार के बाद ब्रूक ने खोली टीम की पोल (Photo: AFP)
हार के बाद ब्रूक ने खोली टीम की पोल (Photo: AFP)

भारत के खिलाफ 14 जुलाई को एजबेस्टन में पहले वनडे में मिली हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने खुलकर माना कि उनकी टीम बल्लेबाजी के दौरान आए एक छोटे लेकिन विनाशकारी दौर से कभी उबर नहीं पाई. ब्रूक के मुताबिक बीच के ओवरों में सिर्फ 20 रन के भीतर 5 विकेट गिरना मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. हालांकि उन्होंने टीम के निचले क्रम की बल्लेबाजी और गेंदबाजों के जुझारू प्रदर्शन की भी सराहना की.

मैच के बाद ब्रूक ने कहा कि इस तरह का पतन किसी भी टीम को बैकफुट पर धकेल देता है. उन्होंने स्वीकार किया कि अगर उनकी टीम उस दौरान विकेट नहीं गंवाती तो मुकाबले का नतीजा अलग हो सकता था.

ब्रूक ने कहा- यह बिल्कुल आदर्श प्रदर्शन नहीं था. हमने 20 रन के अंदर 5 विकेट गंवा दिए और वहीं से हम दबाव में आ गए. हालांकि लड़कों ने शानदार संघर्ष किया और गेंद से हमें मुकाबले में वापस लाने की पूरी कोशिश की.

इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाने के बाद जो रूट और लियाम डॉसन ने महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई. कप्तान ब्रूक ने दोनों बल्लेबाजों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि अगर टीम 260 रन तक पहुंच पाई तो उसमें रूट और डॉसन की साझेदारी का सबसे बड़ा योगदान रहा. आखिर में निचले क्रम से मिले छोटे-छोटे कैमियो ने भी स्कोर को प्रतिस्पर्धी बनाया.

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'हमें लगा था 260 रन बचा लेंगे'
ब्रूक का मानना है कि पहली पारी खत्म होने तक इंग्लैंड को भरोसा था कि यह स्कोर डिफेंड किया जा सकता है. लेकिन दूसरी पारी में विकेट का नेचर बदल गया. 
उन्होंने कहा- पिच पहले से थोड़ी धीमी हो गई थी. भारत को सिर्फ 5-6 रन प्रति ओवर की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने बिना ज्यादा जोखिम लिए लक्ष्य हासिल कर लिया. हमें लगा था कि अगर पिच वैसी ही रहती जैसी पहली पारी में थी तो 260 रन काफी हो सकते थे. 

320-330 रन बनते तो स्पिनर मैच बदल देते
टीम कॉम्बिनेशन पर सवाल पूछे जाने पर ब्रूक ने कहा कि इंग्लैंड हमेशा पिच को देखकर प्लेइंग 11 चुनता है. उन्होंने यह भी माना कि बल्लेबाज अगर बड़ा स्कोर खड़ा करते तो स्पिनरों की भूमिका कहीं ज्यादा प्रभावी होती.

ब्रूक ने कहा- अगर हम 320 या 330 रन तक पहुंच जाते तो हमारे स्पिनर बीच के ओवरों में मैच पर पकड़ बना सकते थे. लेकिन सब कुछ फिर उसी 20 रन में 5 विकेट गंवाने पर आकर रुक जाता है.

कार्डिफ में पिच देखकर होगा टीम पर फैसला
दूसरे वनडे (16 जुलाई) से पहले टीम में बदलाव के सवाल पर ब्रूक ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया. उन्होंने साफ कहा कि कार्डिफ पहुंचने के बाद पिच का आकलन किया जाएगा और उसी आधार पर प्लेइंग इलेवन तय होगी. उन्होंने कहा- हम कार्डिफ जाएंगे, पिच देखेंगे और फिर टीम पर फैसला लेंगे. उम्मीद है कि अगले मुकाबले में हम ज्यादा मजबूती के साथ वापसी करेंगे.

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