अक्टूबर 2026 की शुरुआत में रूस के साइबेरिया क्षेत्र में स्थित इरकुत्स्क एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में एक गंभीर घटना सामने आई. शेलेखोव शहर के पास स्थित इस लैब में काम करने वाली 28 वर्षीय लैब तकनीशियन डारिया शिपिलोवा की मौत हो गई. उन्हें गंभीर निमोनिया के लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वेंटिलेटर पर रखने के बावजूद वे नहीं बच सकीं.
रूसी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने मेडिकल स्टाफ को बताया कि सितंबर के अंत में नमूने जमा करते समय लाइव बैक्टीरिया वाली टेस्ट ट्यूब टूट गई थी. कुछ रिपोर्टों में इस बैक्टीरिया को यर्सिनिया पेस्टिस बताया गया है जो प्लेग का कारण बनता है. रूस की आधिकारिक स्वास्थ्य एजेंसी रोस्पोट्रेबनाडज़ोर ने इसे 'अज्ञात कारण वाला निमोनिया' करार दिया है. कहा है कि लैब में किसी बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया से जुड़ी कोई दुर्घटना नहीं हुई.
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क्षेत्र की महामारी जैसी स्थिति है. लगभग 197 से 200 लोगों को मेडिकल निगरानी में रखा गया है. कुछ अस्पतालों में क्वारंटाइन है. प्लेग एक प्राचीन लेकिन अब भी खतरनाक बीमारी है. इसके तीन मुख्य रूप होते हैं जिनमें न्यूमोनिक प्लेग सबसे गंभीर माना जाता है क्योंकि यह सांस की बूंदों के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है. अगर समय पर एंटीबायोटिक इलाज न मिले तो मृत्यु दर ज्यादा हो सकती है.
BREAKING: 5 hospitals have been closed for quarantines in Siberia due to a possible plague outbreak. The 28-year-old lab technician Darya Shipilova, died yesterday after breaking a test tube with live Yersinia pestis the Irkutsk Anti-Plague Institute on September 25th while handling samples. A mask mandate has now been introduced at the huge aluminum plant in Irkutsk. Some U.S. politicians are now calling for commercial air travel to and from Russia to be stopped until the situation is clarified. This first symptoms of pneumonic plague typically start about 4 to 7 days after exposure. 200 people are under observation.
— Visegrád 24 (@visegrad24) October 4, 2026
इस मामले में अब तक कोई संक्रमण या फैलाव की पुष्टि नहीं हुई है. संपर्क में आए लोगों के टेस्ट नेगेटिव आए हैं और उनमें लक्षण नहीं दिखे. अधिकारी शांत रहने की अपील कर रहे हैं. कहते हैं कि ठंड का मौसम भी फैलाव को रोकने में मददगार हो सकता है. फिर भी लैब जैसी जगह पर हाई रिस्क वाले बैक्टीरिया के साथ काम करने से छोटी सी गलती बड़े परिणाम ला सकती है. कुल मिलाकर वर्तमान में खतरा स्थानीय स्तर पर नियंत्रित प्रतीत होता है लेकिन पारदर्शिता की कमी और प्रारंभिक अस्पष्टता ने चिंता बढ़ा दी है.
इसे वुहान पार्ट-2 क्यों कहा जा रहा है?
कुछ रूसी टेलीग्राम चैनलों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में इस घटना की तुलना वुहान से की जा रही है. वुहान में कोविड-19 की शुरुआत को लेकर लैब लीक की चर्चाएं लंबे समय तक चली थीं जहां वायरस रिसर्च इंस्टीट्यूट के पास से संक्रमण शुरू होने की आशंका जताई गई थी. यहां भी एंटी-प्लेग लैब से जुड़ी मौत, टेस्ट ट्यूब टूटने की खबर, अस्पताल क्वारंटाइन और अधिकारियों द्वारा शुरू में अज्ञात संक्रमण बताने से समानताएं खींची जा रही हैं.
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एक रूसी चैनल ने सीधे कहा कि शेलेखोव की स्थिति वुहान केस जैसी लगती है. कोविड महामारी के बाद लैब सुरक्षा और संभावित लीक पर वैश्विक संदेह बढ़ा है इसलिए ऐसी किसी भी घटना पर तुरंत पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं. हालांकि दोनों मामलों में महत्वपूर्ण अंतर है. वुहान में वैश्विक महामारी बनी जबकि यहां अभी तक कोई बड़े पैमाने का फैलाव नहीं दिखा है. प्लेग का इलाज मौजूद है.
A researcher at Russia’s Anti-Plague Research Institute in Shelekhov, Siberia, has died after contracting pneumonia of “unknown” cause following a suspected laboratory accident. The head of neighboring Buryatia said the 28-year-old woman may have died from plague, while health authorities said the situation remains stable and close contacts have tested negative. Source: CNN
— Clash Report (@clashreport) October 4, 2026
रोस्पोट्रेबनाडज़ोर का कहना है कि मरीज के नमूनों में उनके पेशे से जुड़े सूक्ष्मजीव नहीं मिले. क्षेत्रीय गवर्नर ने शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि संपर्क वाले लोग स्वस्थ हैं. दूसरी ओर स्थानीय मीडिया और कुछ अधिकारियों ने प्लेग की संभावना जताई है.
एक पड़ोसी गणराज्य के प्रमुख ने कहा कि मौत संभवतः प्लेग से हुई लेकिन उनके क्षेत्र में कोई संक्रमण नहीं है. यह अंतर सूचना की कमी और जांच जारी रहने को दर्शाता है. यात्रा के दौरान संक्रमण की भी संभावना बताई गई है जबकि अन्य लैब दुर्घटना पर जोर देते हैं. ऐसी स्थिति में अफवाहें तेजी से फैलती हैं और सोशल मीडिया पर 'वुहान पार्ट-2' जैसे शब्द लोकप्रिय हो जाते हैं.
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लैब सुरक्षा से सबक
दुनिया भर में हाई-रिस्क लैब्स में प्लेग जैसे बैक्टीरिया या वायरस पर रिसर्च होती है ताकि टीके और इलाज विकसित किए जा सकें. लेकिन इतिहास में कई लैब दुर्घटनाएं दर्ज हैं जहां सुरक्षा चूक से संक्रमण फैला. यह घटना एक बार फिर बायोसेफ्टी प्रोटोकॉल की सख्ती, तुरंत रिपोर्टिंग और अंतरराष्ट्रीय निगरानी की जरूरत को दिखाती है.
रूस में प्लेग प्राकृतिक रूप से कुछ क्षेत्रों में पाया जाता है इसलिए रिसर्च जरूरी है लेकिन दुर्घटना की संभावना हमेशा बनी रहती है. वर्तमान में कोई अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित नहीं हुई है. स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. फिर भी पारदर्शिता बढ़ाने से अफवाहें कम हो सकती हैं और जनविश्वास मजबूत हो सकता है.
साइबेरिया लैब की यह घटना व्यक्तिगत त्रासदी के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य की सतर्कता का मुद्दा है. खतरा गंभीर हो सकता था लेकिन अभी तक सीमित रहा है. वुहान से तुलना मुख्य रूप से लैब से जुड़ी आशंकाओं और क्वारंटाइन उपायों के कारण हो रही है न कि वास्तविक महामारी के कारण. आगे की जांच से सच्चाई और स्पष्ट होगी.