नासा अपने सबसे महत्वाकांक्षी मिशन को शुरू करने के लिए तैयार है. आर्टेमिस II मिशन 54 साल बाद इंसानों को चांद के पास ले जाएगा. चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन कैप्सूल में बैठकर विशालकाय SLS रॉकेट से उड़ान भरेंगे. लॉन्च 1 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से होने वाला है. यह मिशन लगभग 10 दिन का होगा. इसमें चांद के चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी आना है. चांद पर उतरना नहीं है. इस मिशन के साथ कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड टूटने वाले हैं.
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1. सबसे दूर जाना – पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी
आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूर जाएंगे. वे चांद के पास तक लगभग 4 लाख 2 हजार किलोमीटर दूर पहुंचेंगे. यह अपोलो 13 मिशन से भी 2414 किलोमीटर ज्यादा दूरी है.
मिशन फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी पर चलेगा यानी चांद के पीछे से घूमकर बिना रॉकेट जलाए वापस आ जाएंगे. चांद के पीछे जाते समय 50 मिनट तक रेडियो संपर्क भी नहीं रहेगा. यह रिकॉर्ड लंबे समय तक कायम रह सकता है क्योंकि आगे के मिशन इस तरह की ट्रैजेक्टरी नहीं अपनाएंगे.
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2. सबसे तेज वापसी – इतिहास की सबसे तेज स्पीड
इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर वापस आने के समय सबसे तेज स्पीड से आएंगे. उनकी री-एंट्री स्पीड 40200 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा होगी. यह अपोलो 10 के रिकॉर्ड को तोड़ देगी. इतनी तेज स्पीड से आने पर ओरियन कैप्सूल के हीट शील्ड पर बहुत ज्यादा गर्मी पड़ेगी. नासा का कहना है कि हीट शील्ड इस गर्मी को सहन कर लेगी. इस वजह से ये अंतरिक्ष यात्री इतिहास के सबसे तेज इंसान भी बन जाएंगे.
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3. पहला अश्वेत अंतरिक्ष यात्री

पायलट विक्टर ग्लोवर इस मिशन में इतिहास रचेंगे. वे चांद के पास जाने वाले पहले ब्लैक अंतरिक्ष यात्री बनेंगे. वे पहले भी स्पेस स्टेशन जा चुके हैं. स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल को पायलट करने वाले पहले व्यक्ति हैं. आर्टेमिस II में वे ओरियन कैप्सूल को भी थोड़ी देर के लिए मैन्युअल कंट्रोल करेंगे.
4. पहली महिला चांद के पास

मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच पहली महिला बनेंगी जो लो अर्थ ऑर्बिट से आगे चंद्रमा के पास जाएंगी. उन्होंने पहले स्पेस स्टेशन पर महिला का सबसे लंबा लगातार स्पेस फ्लाइट रिकॉर्ड बनाया था – 328 दिन. उन्होंने पहले सभी महिला स्पेसवॉक में भी हिस्सा लिया था. इस मिशन में लॉन्च के 40 मिनट बाद वे और जेरेमी हैनसेन सबसे पहले सीट से उठकर जीवन रक्षा प्रणाली सेट करेंगे.
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5. पहला गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री

कैनेडियन स्पेस एजेंसी के जेरेमी हैनसेन इस मिशन में पहला गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बनेंगे जो चंद्रमा के पास जाएंगे. वे 50 साल के हैं. यह उनकी पहली स्पेस फ्लाइट होगी. उन्हें स्पेस एडाप्टेशन सिंड्रोम होने का डर है, इसलिए वे शुरुआत में सावधानी बरतेंगे. कनाडा और अमेरिका के पुराने रिश्ते को यह मिशन और मजबूत करेगा.
6. सबसे उम्रदराज अंतरिक्ष यात्री चांद के पास

कमांडर रीड वाइसमैन 50 साल के हैं. चंद्रमा के पास जाने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति बनेंगे. इससे पहले अपोलो 14 के एलन शेपर्ड 47 साल के थे. पूरी टीम में ग्लोवर और हैनसेन भी शेपर्ड से बड़े हैं, जबकि कोच सिर्फ 72 दिन छोटी हैं. नासा अब अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों को प्राथमिकता दे रहा है.
मिशन के अन्य जरूरी रिकॉर्ड
यह मिशन एसएलएस रॉकेट का पहला क्रूड लॉन्च होगा. ओरियन कैप्सूल को इंसानों के साथ पहली बार उड़ाया जाएगा. इसमें लेजर से कम्युनिकेशन सिस्टम की भी परीक्षा होगी जो भविष्य के मून बेस के लिए जरूरी है. साथ ही, चांद जाने वाला पहला पूरा काम करने वाला शौचालय भी इस मिशन में होगा. अपोलो में सिर्फ बैग्स थे.
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आर्टेमिस II सिर्फ एक उड़ान नहीं है. यह डाइवर्सिटी, दूरी, स्पीड और अनुभव के नए रिकॉर्ड बनाएगा. चारों अंतरिक्ष यात्री – रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन – मिलकर चंद्रमा की यात्रा को नई दिशा देंगे. यह मिशन आगे के आर्टेमिस III और IV मिशनों की नींव रखेगा, जहां चांद पर उतरना और वहां लंबे समय तक रहना संभव होगा.