scorecardresearch
 

108 देशों की बेटियां एक साथ, मिशन ShakthiSAT से दुनिया में भारत ने रचा नया अध्याय

108 से ज्यादा देशों की करीब 200 छात्राएं एक साथ जुटीं और मकसद है अंतरिक्ष की पढ़ाई को नई पीढ़ी तक पहुंचाना. ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ ShakthiSAT फेज 2 लड़कियों को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का प्रैक्टिक्ल एक्सपिरीएन्स देगा.

Advertisement
X
मिशन शक्तिसैट में शामिल भारतीय लड़कियों की टीम. (Photo: ITG)
मिशन शक्तिसैट में शामिल भारतीय लड़कियों की टीम. (Photo: ITG)

मिशन ShakthiSAT के फेज 2 की शुरुआत 23 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा की गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में हुई. नेशनल स्पेस डे के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में 108 से ज्यादा देशों के डेलीगेट्स और एंबेस्डर्स के साथ करीब 200 छात्राएं शामिल हुईं. इस मिशन का मकसद लड़कियों को स्पेस साइंस और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी की प्रैक्टिकल जानकारी देना है.

इस पहल के तहत छात्राओं को सिर्फ किताबों के जरिए पढ़ने के बजाय स्पेस टेक्नोलॉजी को करीब से समझने का मौका मिलेगा. उन्हें सैटेलाइट और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी तकनीक की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे आगे इस क्षेत्र में पढ़ाई और काम कर सकें. आयोजकों के मुताबिक, विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाना भी इस मिशन का अहम लक्ष्य है.

यह भी पढ़ें: 8 साल बाद अगस्त में एक साथ 4 तूफान, पश्चिमी प्रशांत में फिर बढ़ी हलचल

Mission ShakthiSAT

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट मिनिस्टर नंद गोपाल गुप्ता, भारत के पहले एस्ट्रोनट विंग कमांडर राकेश शर्मा, गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर राणा प्रताप सिंह और IN-SPACe के डायरेक्टर डॉ. विनोद कुमार मौजूद रहे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो संदेश के जरिए कार्यक्रम के आयोजकों और छात्राओं को शुभकामनाएं दीं.

Advertisement

100 से ज्यादा देशों की छात्राएं जुड़ीं

ShakthiSAT के फेज 2 में 108 से ज्यादा देशों की करीब 200 छात्राएं शामिल हुई हैं. कार्यक्रम के जरिए उन्हें स्पेस साइंस और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी की प्रैक्टिकल जानकारी दी जा रही है. इसका उद्देश्य छात्राओं को अंतरिक्ष तकनीक से जोड़ना और उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है. नेशनल स्पेस डे के मौके पर इस ग्लोबल स्पेस इनिशिएटिव की शुरुआत करना मिशन की सोच से भी जुड़ा है.

यह भी पढ़ें: अल-नीनो की गर्मी ने निकाला PAK में मजदूरों का 'तेल', खजूर पर मौसम का खेल

Mission ShakthiSAT

भारत की संस्कृति की भी दिखी झलक

कार्यक्रम में विदेशों से आए डेलीगेट्स और एंबेसडर्स के लिए भारतीय संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां भी रखी गईं. इनमें भरतनाट्यम, कथक, हरियाणवी हार्वेस्ट डांस और राजस्थान का पॉट डांस शामिल रहा. इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में भारत की संस्कृति की झलक दिखाई और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों ने भी इन्हें पसंद किया.

आगे क्या है मकसद?

ShakthiSAT के फेज 2 का मुख्य फोकस दुनियाभर की लड़कियों को स्पेस साइंस और टेक्नोलॉजी से जोड़ना है. कार्यक्रम के जरिए छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष विज्ञान की प्रैक्टिकल जानकारी देने की कोशिश की जा रही है.

यह भी पढ़ें: देसी असॉल्ट राइफल 'शेर' का सफल परीक्षण, सेना का ट्रायल अगले महीने

Advertisement

Mission ShakthiSAT

आयोजकों का कहना है कि इस पहल से छात्राओं को स्पेस टेक्नोलॉजी को समझने और इस क्षेत्र में आगे काम करने का मौका मिलेगा. 100 से ज्यादा देशों की भागीदारी के साथ ShakthiSAT फेज 2 को एक ग्लोबल स्पेस एजुकेशन पहल के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement