अफगानिस्तान में बुधवार सुबह भूकंप के झटके आए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, 9 सितंबर को सुबह 10 बजकर 1 मिनट 25 सेकंड पर 4.2 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप का केंद्र 36.421 डिग्री उत्तरी लैटीट्यूड और 71.203 डिग्री पूर्वी लॉन्गीट्यूड पर था. यह भूकंप जमीन के अंदर 215 किलोमीटर की गहराई में आया.
भूकंप काफी नीचे आने की वजह से जमीन के ऊपर इसका असर ज्यादा होने की संभावना कम है. अभी तक इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या किसी की मौत की खबर नहीं है. भूकंप का असर इस बात पर भी निर्भर करता है कि उसका केंद्र कितनी दूर था और वहां की इमारतें कितनी मजबूत हैं.
4.2 रही भूकंप की तीव्रता
इस भूकंप की तीव्रता 4.2 थी. इस स्तर के भूकंप से आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम होती है. हालांकि, कमजोर इमारतों में हल्का नुकसान हो सकता है. भूकंप कितनी गहराई में आया, इसका भी असर पर काफी फर्क पड़ता है.
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EQ of M: 4.2, On: 09/09/2026 10:01:25 IST, Lat: 36.421 N, Long: 71.203 E, Depth: 215 Km, Location: Afghanistan.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) September 9, 2026
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215 किलोमीटर नीचे आया भूकंप
इस भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 215 किलोमीटर नीचे था. 70 से 300 किलोमीटर की गहराई में आने वाले भूकंपों को गहरे भूकंप की एक श्रेणी में रखा जाता है. अफगानिस्तान का हिंदू कुश इलाका ऐसे गहरे भूकंपों के लिए जाना जाता है.
अफगानिस्तान में क्यों आते हैं भूकंप?
अफगानिस्तान ऐसे इलाके में है जहां जमीन के नीचे बड़ी प्लेटों की हलचल होती रहती है. भारतीय प्लेट लगातार उत्तर की ओर बढ़ रही है. यूरेशियाई प्लेट से टकरा रही है. इस हलचल से जमीन के अंदर दबाव बनता है और भूकंप आ सकते हैं. फिलहाल 4.2 तीव्रता के इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है. भूकंप निगरानी केंद्र इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हैं.