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8 मिनट का गुस्सा सख्त कर देता है खून की नसें... दिमाग पर पड़ता है ये असर

8 मिनट का तेज गुस्सा खून की नसों को 1 घंटे तक सख्त कर सकता है. नई रिसर्च में 280 लोगों पर स्टडी से पता चला कि गुस्से से खून की नसें 50% कम फैलती हैं. गुस्से का असर 40 मिनट तक रहता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है. दुख या चिंता से ऐसा नहीं होता. बार-बार गुस्सा होने से दिल को नुकसान पहुंचाता है.

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थोड़ी देर का गुस्सा इंसान की सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाता है. (Photo: Pexel)
थोड़ी देर का गुस्सा इंसान की सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाता है. (Photo: Pexel)

क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 8 मिनट का तेज गुस्सा आपकी खून की नलियों को 1 घंटे तक सख्त कर सकता है? 

इससे दिल का दौरा (हार्ट अटैक) और स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. एक नई रिसर्च ने गुस्से और दिल की सेहत के बीच सीधा संबंध खोजा है. 280 सेहतमंद लोगों पर की गई स्टडी में पता चला कि गुस्से से खून की नसों की फैलने की क्षमता 50% कम हो जाती है. यह असर 40 मिनट तक रहता है. 

रिसर्च क्या कहती है?

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 280 स्वस्थ लोगों को शामिल किया. उन्हें तीन ग्रुप में बांटा गया...

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8 minutes anger

  • एक ग्रुप को गुस्से वाली पुरानी घटना याद करने को कहा.
  • दूसरे को दुख या चिंता वाली घटना याद कराई.
  • तीसरा ग्रुप तटस्थ रहा (कोई भावना नहीं).

नतीजा चौंकाने वाला था...

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  • गुस्से वाले ग्रुप में खून की नसों की फैलने की क्षमता (वैस्कुलर डाइलेशन) 50% कम हो गई. यह असर गुस्सा शांत होने के बाद भी 40 मिनट तक रहा.
  • दुख या चिंता से ऐसा कोई असर नहीं हुआ. केवल गुस्से ने धमनियों की अंदरूनी परत (एंडोथेलियम) को सख्त कर दिया, जिससे खून का बहाव मुश्किल हो जाता है.

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शोधकर्ताओं ने बताया कि गुस्सा खून की नसों को फ्रीज कर देता है, यानी वे लचीली नहीं रहतीं और फैल नहीं पातीं. इससे खून का बहाव रुक जाता है, जो दिल और दिमाग के लिए खतरनाक है.

8 minutes anger

गुस्सा हृदय को कैसे नुकसान पहुंचाता है?

  • तुरंत असर: 8 मिनट का तेज गुस्सा रक्त वाहिकाओं को 1 घंटे तक प्रभावित करता है. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर दबाव पड़ता है.
  • लंबे समय का खतरा: अगर गुस्सा बार-बार आता है, तो यह क्यूमुलेटिव नुकसान करता है. खून की नसें ठीक से रिकवर नहीं हो पातीं, जिससे... प्लाक जमा होता है. दिल का दौरा पड़ता है. स्ट्रोक आता है. अन्य हृदय रोग बढ़ जाते हैं.

क्यों केवल गुस्सा? गुस्सा तनाव हार्मोन (जैसे कोर्टिसोल) बढ़ाता है, जो एंडोथेलियम को डैमेज करता है. दुख या चिंता से ऐसा नहीं होता.

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कार्डियोलॉजिस्ट्स कहते हैं कि गुस्सा सिर्फ मानसिक समस्या नहीं, बल्कि हृदय स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के एक्सपर्ट्स अब गुस्सा कंट्रोल को हृदय रोग रोकथाम की मुख्य रणनीति मानते हैं.

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गुस्से को कैसे कंट्रोल करें?

8 minutes anger

रिसर्च से साबित हुआ कि गुस्सा कंट्रोल करना हृदय की रक्षा का वैज्ञानिक तरीका है. कुछ आसान टिप्स...

  • गहरी सांस लें: गुस्से के समय 10 सेकंड रुकें और गहरी सांस लें-छोड़ें.
  • एक्सरसाइज: रोजाना वॉक या योग से तनाव कम होता है.
  • माइंडफुलनेस: ध्यान या मेडिटेशन से भावनाओं पर कंट्रोल बढ़ता है.
  • पॉजिटिव सोच: गुस्से के बजाय समस्या का समाधान सोचें.
  • डॉक्टर की सलाह: अगर गुस्सा ज्यादा आता है तो थेरेपी या दवा लें.

अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. दाइची शिम्बो (कोलंबिया यूनिवर्सिटी) कहते हैं कि एक बार का गुस्सा बड़ा नुकसान नहीं करता, लेकिन बार-बार गुस्सा दिल को कमजोर बनाता है. 

गुस्सा आपकी रक्त वाहिकाओं को जम कर हृदय रोग का खतरा बढ़ाता है. अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो गुस्से को कंट्रोल करना सीखें. यह न केवल आपकी जिंदगी लंबी करेगा, बल्कि खुशहाल भी बनाएगा.

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