scorecardresearch
 

सुपरवुमन... वो रंग जो सिर्फ महिलाएं देख पाती हैं, मर्दों को दिखते ही नहीं

सामान्य इंसान 10 लाख रंग देखता है, लेकिन कुछ महिलाओं 10 करोड़ रंग देख लेती हैं. ऐसा खास वजह से होता है. ये सुपरवुमन होती हैं. इनकी आंखों में चार कोन सेल्स होते हैं. इससे वे रंगों के सूक्ष्म शेड्स आसानी से पहचान लेती हैं. पक्षियों से विकसित यह क्षमता फल ढूंढने में मदद करती थी.

Advertisement
X
कुछ महिलाओं में 10 करोड़ रंग देखने की सुपर पावर होती है. (Photo: Getty)
कुछ महिलाओं में 10 करोड़ रंग देखने की सुपर पावर होती है. (Photo: Getty)

क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ महिलाएं ऐसी हैं जो 10 करोड़ रंग देख सकती हैं, जबकि आम इंसान सिर्फ 10 लाख रंग ही देख पाता है?

जी हां, यह कोई जादू नहीं, बल्कि विज्ञान का एक दुर्लभ प्रक्रिया है जिसे टेट्राक्रोमेसी कहते हैं. कुछ महिलाएं ऐसे रंग देखती हैं जो पुरुषों को बिल्कुल नहीं दिखते.

यह भी पढ़ें: बच्चा पैदा होता है तो पहले सांस लेता है या रोता है... समझिए साइंस

सामान्य इंसान कितने रंग देखता है?

हमारी आंखों में तीन तरह के कोन सेल्स (cone cells) होते हैं जो रंग पहचानते हैं...

  • लाल (Red)
  • हरा (Green)
  • नीला (Blue)

इन तीनों के मिश्रण से हम लगभग 10 लाख (1 मिलियन) रंग देख पाते हैं. इसे ट्राइक्रोमेसी कहते हैं. ज्यादातर लोग (पुरुष और महिलाएं) ट्राइक्रोमैट होते हैं.

superhuman color vision

टेट्राक्रोमेसी क्या है?

कुछ दुर्लभ मामलों में, खासकर महिलाओं में आंखों में चार-चार कोन सेल्स होते हैं. चौथा कोन सेल अलग-अलग वेवलेंथ (रंग की तरंगें) को पकड़ता है, जिससे वे 1 करोड़ (100 मिलियन) तक रंग देख सकती हैं. यानी वे रंगों के बहुत सूक्ष्म शेड्स (जैसे हल्का गुलाबी और गहरा गुलाबी के बीच सैकड़ों अंतर) आसानी से अलग कर सकती हैं, जो आम लोगों को एक समान लगते हैं.

Advertisement

यह कोई एक खास नया रंग नहीं है, बल्कि रंगों की संख्या और गहराई बहुत ज्यादा होती है. उदाहरण के लिए, जहां हम हरे रंग में 100 शेड्स देखते हैं, वे 10,000 शेड्स देख सकती हैं.

यह भी पढ़ें: बिना सांस लिए भी जिंदा रह सकता है इंसान, नई खोज से चकरा जाएगा दिमाग

क्यों ज्यादातर महिलाओं में ही होता है?

  • यह जेनेटिक्स की वजह से है. लाल और हरे रंग के कोन सेल्स के जीन X क्रोमोजोम पर होते हैं.  
  • महिलाओं के पास दो X क्रोमोजोम होते हैं. 
  • अगर एक X में सामान्य जीन और दूसरे में थोड़ा अलग जीन हो, तो चौथा कोन सेल बन सकता है.  
  • पुरुषों के पास सिर्फ एक X क्रोमोजोम होता है (XY), इसलिए उनके लिए यह लगभग असंभव है.

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दुनिया की 2-3% महिलाओं में टेट्राक्रोमेसी की जेनेटिक संभावना होती है, लेकिन असल में इसे इस्तेमाल करने वाली बहुत कम (शायद कुछ सौ) हैं.

पक्षियों से कैसे जुड़ा है यह रहस्य?

टेट्राक्रोमेसी का विकास पक्षियों से जुड़ा है. कई पक्षी (जैसे तोते, कबूतर) टेट्राक्रोमैट या पेंटाक्रोमैट होते हैं. उनके पास चौथा कोन सेल अल्ट्रावायलेट (UV) लाइट देखता है, जिससे वे पके फल, फूलों का रस और साथी पक्षी आसानी से ढूंढ लेते हैं.

Advertisement

superhuman color vision

विकास के दौरान, पुराने स्तनधारियों में सिर्फ दो कोन सेल्स थे. फिर प्राइमेट्स (बंदर और इंसान के पूर्वज) में तीसरा कोन सेल विकसित हुआ ताकि पेड़ों पर लाल-पीले पके फल हरे पत्तों में आसानी से दिखें. मानव टेट्राक्रोमेसी उसी प्राचीन सिस्टम का एक वेरिएशन है जो कभी-कभी वापस सक्रिय हो जाता है.

क्या यह सचमुच काम करता है?

हां, कुछ महिलाओं में यह पूरी तरह काम करता है. मशहूर उदाहरण है ऑस्ट्रेलियाई आर्टिस्ट कोंसेटा एंटीको. वे इतने सूक्ष्म रंग देखती हैं कि उनकी पेंटिंग्स में हजारों शेड्स होते हैं. वैज्ञानिक टेस्ट में भी कुछ महिलाओं ने साबित किया कि वे ज्यादा रंग अलग कर सकती हैं. लेकिन हर महिला में यह नहीं होता. ज्यादातर में जेनेटिक पोटेंशियल होता है, पर दिमाग इसे इस्तेमाल नहीं करता.

यह भी पढ़ें: ब्रेन, दिल, किडनी... इंसान मरता है तो कौन सा अंग सबसे पहले काम बंद करता है?

आप कैसे जान सकते हैं?

ऑनलाइन कुछ टेस्ट हैं जहां रंगों के बहुत करीबी शेड्स दिखाए जाते हैं. अगर आप आसानी से अंतर बता दें, तो संभव है कि आपके पास यह क्षमता हो. लेकिन सही टेस्ट के लिए लैब में विशेष जांच जरूरी है.

टेट्राक्रोमेसी प्रकृति का एक खूबसूरत तोहफा है जो कुछ महिलाओं को रंगों की एक नई दुनिया दिखाता है. यह हमें याद दिलाता है कि हमारी आंखें कितनी सीमित हैं. प्रकृति में कितने रहस्य छिपे हैं. अगर आप महिला हैं और आपको लगता है कि आप रंग बहुत बारीकी से देखती हैं, तो शायद आप भी इस दुर्लभ ग्रुप में हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement