जापान में एक क्यूब बर्फ की कीमत 200 येन यानी 124 रुपए तक है. यह आम बर्फ नहीं है. इसे खास तरीके से तैयार किया जाता है और दुनिया के कई महंगे बार में भेजा जाता है. कानाजावा शहर में कुरामोटो आइस नाम की कंपनी इस बर्फ को बनाती है. कंपनी करीब 100 साल पुरानी है. यहां बड़े-बड़े बर्फ के ब्लॉक तैयार किए जाते हैं और फिर उन्हें अलग-अलग आकार में काटा जाता है. Photo: AFP
इस बर्फ की सबसे बड़ी खासियत इसका साफ दिखना है. इसे जल्दी जमाने के बजाय धीरे-धीरे जमाया जाता है. इससे बर्फ के अंदर हवा के बुलबुले कम रहते हैं और यह काफी पारदर्शी दिखाई देती है. Photo: AFP
कुरामोटो आइस में बर्फ का एक ब्लॉक तैयार होने में करीब 48 से 72 घंटे लगते हैं. सामान्य बर्फ इससे काफी जल्दी तैयार हो जाती है. यहां पानी को धीरे-धीरे जमाया जाता है और जमने के दौरान उसमें मौजूद हवा और दूसरी चीजों को अलग किया जाता है. Photo: AFP
इसके बाद बड़े ब्लॉक को काटकर क्यूब, गोल गेंद और आयताकार टुकड़े बनाए जाते हैं. कुछ बर्फ के टुकड़े खास ग्लास के हिसाब से तैयार किए जाते हैं. पैकिंग के बाद इन्हें माइनस 10 डिग्री सेल्सियस वाले कमरे में रखा जाता है. Photo: AFP
इस बर्फ की कीमत आम बर्फ से काफी ज्यादा है. एक क्यूब 200 येन यानी करीब 124 रुपये तक में बिकता है. कंपनी ने 2019 में विदेशों में इसकी सप्लाई शुरू की थी. इसके बाद कंपनी की बिक्री दोगुने से ज्यादा हो चुकी है. Photo: AFP
अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के बार जापान से यह बर्फ मंगाते हैं. इसका इस्तेमाल कॉकटेल और दूसरी ड्रिंक में किया जाता है. बार में बर्फ का आकार और उसके पिघलने की रफ्तार भी मायने रखती है. Photo: AFP
बार इंडस्ट्री में माना जाता है कि यह बर्फ सामान्य बर्फ की तुलना में धीरे पिघल सकती है. इससे ड्रिंक में पानी कम मिल सकता है और उसका स्वाद ज्यादा देर तक बना रह सकता है. हालांकि, इस दावे के वैज्ञानिक सबूत अभी सीमित हैं. Photo: AFP
सिंगापुर का नेटिव बार हर साल कुरामोटो आइस से करीब 900 किलो बर्फ खरीदता है. विदेशों में इसकी मांग बढ़ने की एक वजह इसका साफ और एक जैसा होना भी है. कई बार अपने ग्लास और कॉकटेल के हिसाब से खास आकार की बर्फ लेते हैं. Photo: AFP
इस बर्फ को जापान से दूसरे देशों तक भेजा जाता है. इसके लिए इसे लगातार कम तापमान में रखना पड़ता है. हजारों किलोमीटर तक बर्फ भेजने को लेकर पर्यावरण पर पड़ने वाले असर का सवाल भी उठता है. कुरामोटो आइस के प्रमुख काजुहिको कुरामोटो इस बात से वाकिफ हैं. Photo: AFP
उनका कहना है कि छोटे प्रोडक्ट होने की वजह से इसका कुल पर्यावरणीय असर बहुत बड़ा नहीं है. फिलहाल जापान की यह प्रीमियम बर्फ विदेशों के बार में भी इस्तेमाल हो रही है. Photo: AFP