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Shrikhand Mahadev Yatra 2026: देश की सबसे कठिन इस धार्मिक यात्रा पर ब्रेक, जानें क्या है वजह

करीब 18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव यात्रा देश की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है. हर साल देशभर से हजारों श्रद्धालु दुर्गम पहाड़ी रास्तों, ग्लेशियरों और कठिन चढ़ाई को पार कर बाबा श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

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जिला प्रशासन ने यात्रा के लिए स्थापित सभी अस्थायी कैंप, टेंट, राशन स्टोर और अन्य ढांचों को तीन दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं. (Photo: ITG)
जिला प्रशासन ने यात्रा के लिए स्थापित सभी अस्थायी कैंप, टेंट, राशन स्टोर और अन्य ढांचों को तीन दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं. (Photo: ITG)

हिमाचल प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध और देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डीसी कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत इस यात्रा पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं.

प्रशासन के इस फैसले के पीछे विशेषज्ञों की संयुक्त निरीक्षण टीम की रिपोर्ट भी सामने आई है. रिपोर्ट में भीमद्वारी से पार्वती बाग तक के मौजूदा मार्ग और प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग दोनों को यात्रियों के लिए अत्यंत असुरक्षित बताया गया है. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पूरे क्षेत्र में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, फ्लैश फ्लड, ढीली मिट्टी, संकरे व फिसलन भरे रास्ते और कई नालों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किसी आपात स्थिति में राहत व बचाव अभियान चलाना बेहद कठिन होगा.

गौरतलब है कि करीब 18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव यात्रा देश की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है. हर साल देशभर से हजारों श्रद्धालु दुर्गम पहाड़ी रास्तों, ग्लेशियरों और कठिन चढ़ाई को पार कर बाबा श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. लेकिन इस बार मार्ग की असुरक्षित स्थिति और मानसून के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया है.

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श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 (Photo: ITG)
श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 (Photo: ITG)

3 दिन में टेंट और राशन स्टोर हटाने के आदेश
आदेश में कहा गया है कि एक जुलाई से मानसून सक्रिय होने की संभावना है, जिससे भूस्खलन, बादल फटने और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है. ऐसे में यात्रा का आयोजन जनहित और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के अनुरूप नहीं है.जिला प्रशासन ने यात्रा के लिए स्थापित सभी अस्थायी कैंप, टेंट, राशन स्टोर और अन्य ढांचों को तीन दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही पुलिस, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को यात्रा मार्ग पर किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने और आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं.

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य लागू कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि आस्था का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में श्रद्धालुओं के जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है.

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