पितृपक्ष में शनि की चाल बदलने वाली है. इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर तक रहने वाला है. 9 सितंबर को चतुर्दशी के श्राद्ध पर शनि देव नक्षत्र परिवर्तन करेंगे. इस दिन शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे और फिर 8 फरवरी 2027 तक इसी नक्षत्र में संचरण करेंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि इस नक्षत्र में प्रवेश करते ही शनि देव चार राशियों को भरपूर लाभ देंगे. इन राशियों को करियर, कारोबार और आर्थिक मोर्चे पर जबरदस्त लाभ मिल सकते हैं. आइए जानते हैं.
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है. आय और लाभ से जुड़े मामलों में मजबूती आने के संकेत हैं. कार्यक्षेत्र में स्थिति बेहतर हो सकती है. लंबे समय से वेतन वृद्धि या प्रमोशन का इंतजार कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिलने की संभावना बताई गई है. कारोबार करने वालों को नए सौदों से आर्थिक लाभ मिल सकता है. पुराने निवेश या शेयर बाजार से भी लाभ के योग बताए जा रहे हैं.
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए शनि का अपने नक्षत्र में होना स्थिरता और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जा रहा है. नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं. प्रॉपर्टी, मकान या नया वाहन खरीदने की इच्छा पूरी होने के संकेत हैं. परिवार में लंबे समय से चल रहे विवाद खत्म हो सकते हैं. संतान पक्ष से भी कोई बड़ी खुशखबरी मिलने की संभावना जताई गई है.
मकर राशि
मकर राशि के स्वामी शनि देव स्वयं माने जाते हैं. उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में शनि का गोचर संचित धन और वाणी से जुड़े मामलों को मजबूती देने वाला बताया जा रहा है. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और अटका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं. बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी हो सकती है. वाणी के प्रभाव से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है. कारोबार में नए साझेदार जुड़ सकते हैं.
कुंभ राशि
कुंभ राशि भी शनि के स्वामित्व वाली राशि है. इस राशि के जातकों के लिए यह समय सर्वांगीण विकास से जोड़कर देखा जा रहा है. आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में निखार आने के संकेत हैं. समाज और कार्यक्षेत्र में साख और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है. विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कारोबार में लगे लोगों को आर्थिक लाभ मिल सकता है. स्वास्थ्य से जुड़ी पुरानी परेशानियों से राहत मिलने की संभावना भी बताई गई है.